फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Panic among villagers due to rising water level in Ganga

Farrukhabad News: गंगा में फिर जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत

Sun, 30 Jul 2023 12:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jul 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
Panic among villagers due to rising water level in Ganga
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा में तीन दिन से जलस्तर घटने के बाद शनिवार को फिर से बढ़ने लगा है। इससे बाढ़ प्रभावित 150 गांवों के लोगों में दहशत है। गांवों में बिजली आपूर्ति भी ठप है। पशुओं का चारा न होने से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से व्यवस्था कराने की मांग की। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
विज्ञापन




गंगा का जलस्तर तीन दिन पहले घटने लगा था। इससे जलस्तर 137.30 मीटर से घटकर 137.15 मीटर पर आ गया था। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश के चलते नरौरा बैराज से दो दिन से 1.44 लाख क्यूसेक और शनिवार को 1,49,910 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़कर 137.25 मीटर पर पहुंच गया है।
विज्ञापन

सदर तहसील के पांच और अमृतपुर के 15 से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क कटा है। प्रशासन ने खाद्य सामग्री का वितरण करवा दिया, मगर जानवरों के चारे को लेकर दिक्कत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है। करीब 15 दिन से पानी में खड़े रहने से बीमारियां भी फैलने लगीं। पशु विभाग ने टीका तक नहीं लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि जिन रास्तों पर पानी कम हुआ था, वहां बढ़ने लगा है। छतों पर समय काट रहे लोगों का बारिश में सामान भीग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बमुश्किल खाना बनाने के लिए ईंधन की व्यवस्था की, वह भी भीग गया। रामगंगा का जलस्तर 135.30 मीटर से घट कर 135.15 मीटर पर आ गया। रामनगर बांध से रामगंगा में 1530 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।



----



ग्राम प्रधानों ने चहेतों को दिलाई राहत सामग्री



शासन से बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई राहत सामग्री में लेखपालों ने लापरवाही बरती। लेखपालों ने ग्राम प्रधानों से सूची मंगवाकर राशन का वितरण करवा दिया। प्रधानों ने अपने चहेतों का विशेष खयाल रखा है। क्षेत्र के गांव जटपुरा के रामनिवास, रामाधार, भग्गू, सतीश, देवरानी, रामऔतार आदि ने बताया कि लेखापाल ने गांव न आकर तहसील में ही प्रधान को बुलाकर सूची बनाई थी। माखन नगला में जो लोग फर्रुखाबाद में रहते हैं। उनको राहत सामग्री दी गई। गांव किराचान में 240 लोगों को राहत सामग्री बांटी गई। एसडीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।



----



बाढ़ प्रभावित गांव में नाव भेजी, नाविक गायब



अमृतपुर तहसील क्षेत्र में बाढ़ से 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए 40 नाव चलाई जा रही हैं। 30 नाव पांचाल घाट से किराये पर मंगवाने का दावा किया जा रहा है। यही नहीं लेखपाल गांवों तक नाव भेजने की बात कह रहे हैं, मगर नावों को चलाने वाले नाविकों की व्यवस्था नहीं है। इससे ग्रामीण खुद ही नाव चलाने को मजबूर हैं। जो भी गांव से आता वह नाव को चलाकर सड़क किनारे खड़ी कर चला जाता है। इसी तरह गांव आने वाले लोग भी नाव लेकर खड़ी कर देते हैं। गांव तौफीक की मड़ैया में बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं, तो वह स्वयं चलाकर आने को मजबूर हैं। एसडीएम ने जांच कराने की बात कही है।


बाढ़ के पानी से फसलें हुईं जलमग्न
शमसाबाद। बाढ़ के पानी से फसलें जलमग्न हो गई हैं। कासिमपुर निवासी महावीर के 10 बीघा खेत में मक्का की फसल खड़ी थी। खेत में कई फिट पानी भरा है। शनिवार को किसान ने नाव से खेत में मक्का के भुट्टे तोड़े। गांव साधौसराय निवासी धीरज खेत में ट्यूब की नाव बनाकर भुट्टे तोड़ने गए। घरों व गांव में बाढ़ का पानी भरा होने से किसान शाहजहांपुर-शमशाबाद मुख्य मार्ग पर मक्का सुखा रहे हैं। समैचीपुर चितार में ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर तिरपाल तानकर आशियाना बनाया। सकीना, पति नीरज सहित कई परिवार मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे खाना बनाते हैं, तो कोई गाड़ी पर खाना बनाता है। मुकेश कुमार, सर्वेश कुमार, पप्पू सहित कई ग्रामीणों के शनिवार को धार की झोपड़ियां समा गईं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed