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नहीं की पैमाइश, सिर्फ चिह्नांकन कर लौटी टीम
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गांव कंचनपुर सबलपुर में धरना स्थल पर भूमि पैमाइश के लिए नक्शा देखते कानून-गो। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। पुलिस बल न होने से क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर में सरकारी भूमि की दूसरे दिन शुक्रवार को भी पैमाइश नहीं हो सकी। राजस्व टीम भूमि की सीमाओं का चिह्नांकन करने तक सीमित रही। वहीं धरना प्रदर्शन कर रहे पट्टा धारकों ने शनिवार से भूख हड़ताल करने की धमकी दी है।
तहसील क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर में 128 एकड़ सरकारी भूमि का तत्कालीन दो उप जिलाधिकारियों के कार्यकाल में 68 ग्रामीणों के नाम फर्जी पट्टा कर दिया गया था। जिसे निरस्त कर भूमि वन विभाग को दे दी गई है। गुरुवार को एसडीएम प्रीती तिवारी राजस्व टीम के साथ पैमाइश कराने पहुंचीं तो महिलाओं ने विरोध किया।
जिस पर टीम बिना पैमाइश के ही लौट गई। शुक्रवार सुबह कानूनगो मनोज दीक्षित, महेंद्र पांडेय, लेखपाल श्याम सिंह, रामबाबू, वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार शर्मा के साथ पैमाइश करने पहुंचे। वहां कोई सक्षम अधिकारी व पुलिस बल न होने से जानकारी एसडीएम को दी। एसडीएम ने पैमाइश करने के निर्देश दिए। राजस्व टीम विरोध करने वाली महिलाओं की संख्या अधिक देख पैमाइश करना तो दूर वहां तक जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकी। काम दिखाने के लिए नक्शे के आधार पर भूमि की सीमा पर नापजोख कर चिह्नांकन करने में पूरा दिन बिता दिया और लौट गए। एसडीएम प्रीती तिवारी ने बताया कि सरकारी भूमि की पैमाइश कराकर वन विभाग को दी जाएगी।
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भूमि की पैमाइश करने का विरोध करने वाले ग्रामीण खेतों में ही पॉलिथीन का टेंट लगाकर महिलाओं व बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं। कड़ाके की सर्दी में रात भी धरनास्थल पर ही गुजारी। महिलाओं का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा। चेतावनी दी कि शनिवार से वह लोग भूख हड़ताल करेंगे।
सुनवाई न होने पर इटावा-बरेली हाइवे पर चक्का जाम किया जाएगा। धरने में शामिल श्रीदेवी, जयदेवी, भवानी की सर्दी से हालत बिगड़ गई। एसडीएम प्रीती तिवारी व सीओ अजेय कुमार शर्मा ने धरनास्थल पहुंचकर महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इस पर महिलाओं ने कहा कि मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के फैसले के बाद ही भूमि की पैमाइश कराई जाए।
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तहसील क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर में 128 एकड़ सरकारी भूमि का तत्कालीन दो उप जिलाधिकारियों के कार्यकाल में 68 ग्रामीणों के नाम फर्जी पट्टा कर दिया गया था। जिसे निरस्त कर भूमि वन विभाग को दे दी गई है। गुरुवार को एसडीएम प्रीती तिवारी राजस्व टीम के साथ पैमाइश कराने पहुंचीं तो महिलाओं ने विरोध किया।
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जिस पर टीम बिना पैमाइश के ही लौट गई। शुक्रवार सुबह कानूनगो मनोज दीक्षित, महेंद्र पांडेय, लेखपाल श्याम सिंह, रामबाबू, वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार शर्मा के साथ पैमाइश करने पहुंचे। वहां कोई सक्षम अधिकारी व पुलिस बल न होने से जानकारी एसडीएम को दी। एसडीएम ने पैमाइश करने के निर्देश दिए। राजस्व टीम विरोध करने वाली महिलाओं की संख्या अधिक देख पैमाइश करना तो दूर वहां तक जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सकी। काम दिखाने के लिए नक्शे के आधार पर भूमि की सीमा पर नापजोख कर चिह्नांकन करने में पूरा दिन बिता दिया और लौट गए। एसडीएम प्रीती तिवारी ने बताया कि सरकारी भूमि की पैमाइश कराकर वन विभाग को दी जाएगी।
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भूमि की पैमाइश करने का विरोध करने वाले ग्रामीण खेतों में ही पॉलिथीन का टेंट लगाकर महिलाओं व बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं। कड़ाके की सर्दी में रात भी धरनास्थल पर ही गुजारी। महिलाओं का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा धरना जारी रहेगा। चेतावनी दी कि शनिवार से वह लोग भूख हड़ताल करेंगे।
सुनवाई न होने पर इटावा-बरेली हाइवे पर चक्का जाम किया जाएगा। धरने में शामिल श्रीदेवी, जयदेवी, भवानी की सर्दी से हालत बिगड़ गई। एसडीएम प्रीती तिवारी व सीओ अजेय कुमार शर्मा ने धरनास्थल पहुंचकर महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इस पर महिलाओं ने कहा कि मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के फैसले के बाद ही भूमि की पैमाइश कराई जाए।

गांव रुदायन के पास अंत्येष्टि स्थल पर सरवन की बुआ से जानकारी करती पुलिस। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD