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Farrukhabad News: पीएम आवास के 27 अपात्र लाभार्थियों से वसूली के आदेश
Mon, 24 Apr 2023 01:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 24 Apr 2023 01:02 AM IST
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फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लाक क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों में 27 अपात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास दे दिए गए। जांच में खुलासा होने पर लाभार्थियों से वसूली के आदेश दिए गए हैं। सचिवों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
जनपद में प्रधानमंत्री आवास आवंटन में प्रधान व सचिवों की मिलीभगत से जमकर खेल हुआ है। आवास के नाम पर 20 से 30 हजार रुपये की वसूली और गरीब पात्रों को वंचित करने की शिकायतों की भरमार है। अपात्रों को आवास देने के मामले अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित किए। इसे संज्ञान में लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के लिए ब्लाक वार अधिकारियों की टीमें गठित की थीं। इसका नतीजा भी सामने आने लगा है।
कमालगंज ब्लाक क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों की जांच कर एडीपीआरओ राजेश चौरसिया ने रिपोर्ट सौंपी। इसमें 27 अपात्र लाभार्थी ऐसे मिले, जिनके पहले से पक्के मकान बने हैं। इनमें कुछ तो ऐसे हैं जिनके पहले से आलीशान भवन हैं और उनके पास बाइक से लेकर चौपहिया वाहन भी हैं। मृतकों को भी आवास आवंटित कर दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार पाठक ने अपात्र लाभार्थियों को जारी की गई आवास की किस्तों की धनराशि वसूलने के आदेश दिए हैं।
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इन लाभार्थियों से होगी वसूली कमालगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिढ़ैल में आवास की अपात्र लाभार्थी मधु शर्मा, निशा, मीना से वसूली की जाएगी। वहीं गांव कंझाना के पांच अपात्र लाभार्थियों में मालती, श्रीदेवी, आशा देवी, कमला देवी, प्रीती के पहले से मकान बने हुए हैं। ग्राम पंचायत झिंझुकी में सात अपात्रों को आवास दिए गए। इनमें शीतला देवी, रामदेवी, नन्हीं देवी, शिवकुमारी, मुन्नी देवी, पार्वती के पहले से पक्के मकान हैं, जबकि शांती देवी स्वर्गवासी हो चुकी हैं। ग्राम पंचायत नहरैया में 8 अपात्रों का चयन किया गया। इसमें गुड्डी देवी का बहुत बड़ा मकान बना और सीमा का तो आलीशान भवन पहले से है। लौंगश्री, किताबश्री, बृजबाला, राधा, संदीप, रेनू के भी पक्के मकान हैं। ईसेपुर में मनोरमा, साधना, भोली व बबली अपात्र पाई गई हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि अपात्रों को आवास आवंटित करने वाले सचिवों से जवाब मांगा गया है। इसके बाद सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद में प्रधानमंत्री आवास आवंटन में प्रधान व सचिवों की मिलीभगत से जमकर खेल हुआ है। आवास के नाम पर 20 से 30 हजार रुपये की वसूली और गरीब पात्रों को वंचित करने की शिकायतों की भरमार है। अपात्रों को आवास देने के मामले अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित किए। इसे संज्ञान में लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के लिए ब्लाक वार अधिकारियों की टीमें गठित की थीं। इसका नतीजा भी सामने आने लगा है।
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कमालगंज ब्लाक क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों की जांच कर एडीपीआरओ राजेश चौरसिया ने रिपोर्ट सौंपी। इसमें 27 अपात्र लाभार्थी ऐसे मिले, जिनके पहले से पक्के मकान बने हैं। इनमें कुछ तो ऐसे हैं जिनके पहले से आलीशान भवन हैं और उनके पास बाइक से लेकर चौपहिया वाहन भी हैं। मृतकों को भी आवास आवंटित कर दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार पाठक ने अपात्र लाभार्थियों को जारी की गई आवास की किस्तों की धनराशि वसूलने के आदेश दिए हैं।
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इन लाभार्थियों से होगी वसूली कमालगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिढ़ैल में आवास की अपात्र लाभार्थी मधु शर्मा, निशा, मीना से वसूली की जाएगी। वहीं गांव कंझाना के पांच अपात्र लाभार्थियों में मालती, श्रीदेवी, आशा देवी, कमला देवी, प्रीती के पहले से मकान बने हुए हैं। ग्राम पंचायत झिंझुकी में सात अपात्रों को आवास दिए गए। इनमें शीतला देवी, रामदेवी, नन्हीं देवी, शिवकुमारी, मुन्नी देवी, पार्वती के पहले से पक्के मकान हैं, जबकि शांती देवी स्वर्गवासी हो चुकी हैं। ग्राम पंचायत नहरैया में 8 अपात्रों का चयन किया गया। इसमें गुड्डी देवी का बहुत बड़ा मकान बना और सीमा का तो आलीशान भवन पहले से है। लौंगश्री, किताबश्री, बृजबाला, राधा, संदीप, रेनू के भी पक्के मकान हैं। ईसेपुर में मनोरमा, साधना, भोली व बबली अपात्र पाई गई हैं।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि अपात्रों को आवास आवंटित करने वाले सचिवों से जवाब मांगा गया है। इसके बाद सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।