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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   One- day awareness of the true international accident free day , rest day handedness

अंतर्राष्ट्रीय दुर्घटना रहित दिवस का सच -एक दिन जागरूकता, बाकी दिन मनमानी

Fri, 03 Jul 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Fri, 03 Jul 2015 11:42 PM IST
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One- day awareness of the true international accident free day , rest day handedness
इसी माह की पहली तारीख को शहर में अंतर्राष्ट्रीय दुर्घटना रहित दिवस जोर
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शोर से मनाया गया था। यह दिवस परिवहन आयुक्त के निर्देश पर मना था। लकदक कपड़ाें में यातायात पुलिस ने चालकों को नियम कानून बताए थे। फतेहगढ़ मिलेट्री चौराहे पर पंफ्लेट बांटे गए। यातायात नियमाें का उल्लंघन करने पर कार्रवाई के लिए भी चेताया गया था। इसके

तीसरे दिन यानी शुक्रवार क ो इसका असर कहीं नहीं दिखाई दिया। यातायात पुलिस ही कहीं नजर नहीं आई। हद तो यह रही कि एसपी दफ्तर के सामने ही डग्गामार सवारियाें की जान जोखिम में डालकर उन्हें ढोेते दिखाई दिए। यातायात की बदइंतजामियां बयान करती अमर उजाला की रिपोर्ट।

मिलेट्री चौराहा
इसी चौराहे पर बुधवार को यातायात सिपाहियाें का जत्था चालकाें क ो पंफ्लेट देकर जागरूक कर रहा था। शुक्रवार की दोपहर यह चौराहा लावारिस था। टेंपो चालकाें की मनमानी कायम थी। यह आड़े तिरछे कर टेंपो घुमा रहे थे। बाइक सवाराें की बिना हेल्मेट और कार सवाराें की बिना सीट बेल्ट लगाए आवाजाही जारी थी।
 
एसपी दफ्तर के सामने
डग्गामाराें पर न तो खाकी का खौफ है और न ही सवारियाें की जान की परवाह। एसपी दफ्तर के सामने से डग्गामार फर्राटा भरकर निकल रहा है। इसमें सवारियां लटकी हुई हैं। एसपी दफ्तर के सामने से कमालगंज और गुरसहायगंज के लिए डग्गामारी होती है। इन्हें रोकने की जुर्रत किसी में नहीं होती है।

लालगेट
यहां बने यातायात बूथ में शुक्रवार को भी तालाबंदी थी। यह बूथ कभी चालू ही नहीं हुआ। यहां केवल जागरूकता का बैनर मिला। यातायात सिपाही नदारद थे। यहां दिन भर जाम लगता है। कभी मन हुआ तो पिकेट पुलिस ने डंडा फटकार दिया या यातायात सिपाही ने सीटी बजा दी, नहीं तो कोई भी मतलब नहीं। यहां एक मौत का गड्ढा भी है करीब चार साल से। इसमें गिरकर कई बार बाइक सवार गंभीर घायल हुए हैं लेकिन इसे आज तक दुरुस्त नहीं कराया गया।

जर्जर सड़कें, बदहाल इंतजाम
शहर की ज्यादातरसड़कें जर्जर हैं। इन पर चलना खतरे से खाली नहीं होता है। यातायात बदहाल है। इस पर कोई रोक टोक नहीं है। वाहन चालक निरंकुश हैं। पुलिस सुस्त है। शुक्रवार को लालदरवाजा पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। एक बाइक पर महिला, युवक व चालक के अलावा एक बच्चा आगे टंकी पर बैठा था। यह बाइक ट्रैफिक पुलिस के सामने से आराम से

गुजर गई। टेंपो चालक बेक ाबू हैं। यह ओवरलोड सवारियां बैठाकर धड़ल्ले से फर्राटा भरते हैं। लालदरवाजा, भोलेपुर क्रासिंग, रोडवेज बस अड्डा के पास और घटियाघाट रोड पर धड़ल्ले से डग्गामारी होती है। शुक्रवार को लालदरवाजा पर एक डग्गामार वाहन चालक ने ठसाठस सवारियां भर लीं।  कई सवारियों को लटका लिया गया। इसके बाद कायमगंज रवाना हो

गया। वहीं शहर में जर्जर पड़ी सड़कें भी दुर्घटना को दावत देती हैं। सबसे बुरा हाल लाल दरवाजा से ठंडी सड़क मार्ग का है। पंकज ट्रांसपोर्ट और केएम हाउस के पास सड़क पर काफी बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बरसात में इनमें पानी भर जाता है तो दुर्घटनाएं होती हैं। युवा भी दुर्घटनाओं से अछूते नहीं रहते हैं। इनकी दुर्घटना का कारण बनती है इनकी तेज रफ्तार।

शहर में हेलमेट से परहेज
दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने का नियम है। शहर में इस नियम को पांच फीसदी लोग भी नहीं मानते हैं। बिना हेलमेट के पंपों पर पेट्रेाल न देने का फरमान कई बार जारी हुआ। आखिर में यह रद्दी ही साबित हुआ।   हेलमेट न पहनने से दुर्घटना में अधिकतर लोगों को सिर में ही चोट आती है। इससे उनकी मृत्यु तक हो जाती है। बावजूद इसके लोग हेलमेट लगाने से परहेज करते हैं और यातायात पुलिस भी अनदेखी करती है।
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