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Farrukhabad News: पंचायत सहायक की तैनाती मामले में प्रधान को नोटिस
Sun, 20 Aug 2023 01:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 20 Aug 2023 01:15 AM IST
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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने पंचायत सहायक की पांच माह तक नियुक्ति में देरी किए जाने के मामले में भुडि़या भेड़ा की ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी। कहा कि यह गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट की रिट के अनुपालन में प्रधान 15 दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर दें। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तीन सदस्यों की समिति बनाकर काम कराने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी ने राजेपुर ब्लाॅक के गांव भुड़िया भेड़ा गांव की प्रधान संगीता शुक्ला को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। कहा कि पंचायत सहायक के रिक्त पद को भरने के लिए जानबूझ कर पांच माह की देरी की गई। इसमें ग्राम सचिव और प्रधान दोनों ही दोषी हैं।
ग्राम प्रधान ने प्रशासनिक बैठक बुलाकर पंचायत सहायक की नियुक्ति करने की जरूरत भी नहीं समझी। यही नहीं शिकायतकर्ता पवन यादव ने हाईकोर्ट की शरण ली। उसमें ग्राम प्रधान से उप्र पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई से पहले 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने आदेश में कहा कि प्रधान निर्धारित समय सीमा में यदि स्पष्टीकरण नहीं देती, तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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डीएम ने अंतिम आदेश में उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी। ग्राम पंचायत के कार्यों को निपटाने के लिए तीन सदस्यों की समिति बनाने के आदेश दिए। कहा कि अंतिम जांच में आरोप मुक्त न होने तक समिति ही काम करेगी।
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जिलाधिकारी ने राजेपुर ब्लाॅक के गांव भुड़िया भेड़ा गांव की प्रधान संगीता शुक्ला को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। कहा कि पंचायत सहायक के रिक्त पद को भरने के लिए जानबूझ कर पांच माह की देरी की गई। इसमें ग्राम सचिव और प्रधान दोनों ही दोषी हैं।
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ग्राम प्रधान ने प्रशासनिक बैठक बुलाकर पंचायत सहायक की नियुक्ति करने की जरूरत भी नहीं समझी। यही नहीं शिकायतकर्ता पवन यादव ने हाईकोर्ट की शरण ली। उसमें ग्राम प्रधान से उप्र पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई से पहले 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने आदेश में कहा कि प्रधान निर्धारित समय सीमा में यदि स्पष्टीकरण नहीं देती, तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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डीएम ने अंतिम आदेश में उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी। ग्राम पंचायत के कार्यों को निपटाने के लिए तीन सदस्यों की समिति बनाने के आदेश दिए। कहा कि अंतिम जांच में आरोप मुक्त न होने तक समिति ही काम करेगी।