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Farrukhabad News: मंडी रोड निर्माण में धांधली पर ठेकेदार को नोटिस
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फोटो-19 सड़क निर्माण के दौरान माेटाई नपवाते पीडब्ल्यूडी के अधिकारी। संवाद
फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी सड़क के निर्माण कार्य में अनियमितताओं और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग के आरोपों के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया। अधिकारियों को जांच में सड़क की निर्धारित मोटाई से कम निर्माण पाए जाने पर अमानक हिस्से को उखाड़कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाने के निर्देश दिए।
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के प्रस्ताव पर आईटीआई से सेंट्रल जेल तक करीब 1700 मीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। सोमवार देर रात फर्रुखाबाद विकास मंच के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण में मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मौके पर अधिकारियों को बुलाने की मांग की। सूचना पर पहुंचे सहायक अभियंता चंद्रपाल तथा अवर अभियंता सुरेश और हरीश ने निर्माणाधीन सड़क की जांच कराई। एक दिन पहले बनी सड़क की खोदाई कर मोटाई की नाप कराई गई। इसमें निर्धारित मानक से कम मोटाई मिलने की आशंका पर तत्काल काम बंद करा दिया गया। अधिकारियों ने ठेकेदार को अगले आदेश तक कार्य न करने के निर्देश दिए। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने दावा किया कि सड़क की मोटाई निर्धारित 25 इंच के बजाय लगभग 14 इंच पाई गई। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान मिट्टी में ही गिट्टी डाली जा रही है और रात के समय काम कर गुणवत्ता संबंधी खामियों को छिपाने का प्रयास किया जाता है। अधिशासी अभियंता मुरलीधर ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। अमानक निर्माण को हटाकर दोबारा कार्य कराया जाएगा। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
रात में होता था निर्माण, दिन में छिप जाती थीं खामियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार रात 9 बजे के बाद निर्माण कार्य शुरू कर सुबह 5 बजे तक काम बंद कर देता था। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी नहीं हो पाती थी। लोगों का कहना है कि कार्यस्थल पर परियोजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मिट्टी में गिट्टी डालने के आरोप, बोरियों से की गई बैरिकेडिंग
निर्माण कार्य रुकने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर सड़क किनारे बोरियां रखकर बैरिकेडिंग कराई गई। मौके पर खोदाई के दौरान मिट्टी में ही गिट्टी पड़ी दिखाई दी, जबकि कई स्थानों पर गिट्टी के ढेर लगे मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिक्सिंग प्लांट के बजाय सामान्य तरीके से गिट्टी और सीमेंट मिलाकर सड़क बनाई जा रही थी, जबकि मानक के अनुसार मशीनों से तैयार मिश्रण का उपयोग होना चाहिए था।
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सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी के प्रस्ताव पर आईटीआई से सेंट्रल जेल तक करीब 1700 मीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। सोमवार देर रात फर्रुखाबाद विकास मंच के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण में मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए मौके पर अधिकारियों को बुलाने की मांग की। सूचना पर पहुंचे सहायक अभियंता चंद्रपाल तथा अवर अभियंता सुरेश और हरीश ने निर्माणाधीन सड़क की जांच कराई। एक दिन पहले बनी सड़क की खोदाई कर मोटाई की नाप कराई गई। इसमें निर्धारित मानक से कम मोटाई मिलने की आशंका पर तत्काल काम बंद करा दिया गया। अधिकारियों ने ठेकेदार को अगले आदेश तक कार्य न करने के निर्देश दिए। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने दावा किया कि सड़क की मोटाई निर्धारित 25 इंच के बजाय लगभग 14 इंच पाई गई। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान मिट्टी में ही गिट्टी डाली जा रही है और रात के समय काम कर गुणवत्ता संबंधी खामियों को छिपाने का प्रयास किया जाता है। अधिशासी अभियंता मुरलीधर ने बताया कि ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया है। अमानक निर्माण को हटाकर दोबारा कार्य कराया जाएगा। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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रात में होता था निर्माण, दिन में छिप जाती थीं खामियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार रात 9 बजे के बाद निर्माण कार्य शुरू कर सुबह 5 बजे तक काम बंद कर देता था। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर निगरानी नहीं हो पाती थी। लोगों का कहना है कि कार्यस्थल पर परियोजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मिट्टी में गिट्टी डालने के आरोप, बोरियों से की गई बैरिकेडिंग
निर्माण कार्य रुकने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर सड़क किनारे बोरियां रखकर बैरिकेडिंग कराई गई। मौके पर खोदाई के दौरान मिट्टी में ही गिट्टी पड़ी दिखाई दी, जबकि कई स्थानों पर गिट्टी के ढेर लगे मिले। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिक्सिंग प्लांट के बजाय सामान्य तरीके से गिट्टी और सीमेंट मिलाकर सड़क बनाई जा रही थी, जबकि मानक के अनुसार मशीनों से तैयार मिश्रण का उपयोग होना चाहिए था।