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Farrukhabad News: शिकायतकर्ताओं से बिना बात किए निस्तारण में 10 अफसरों को नोटिस
Tue, 16 Sep 2025 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:11 AM IST
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फर्रुखाबाद। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने सोमवार शाम आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की।
उन्होंने शिकायतकर्ताओं से बिना बात किए मामला निस्तारित करने में 10 अफसरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि आवेदकों से बात न करना अनुशासनहीनता व अपराध है। उन्होंने मामले में तहसीलदार अमृतपुर व कायमगंज, जीएम डीआईसी, बीडीओ राजेपुर, अधिशासी अभियंता आवास विकास, अधिशासी अभियंता जलनिगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत, पूर्ति निरीक्षक अमृतपुर, सीडीपीओ कमालगंज व नवाबगंज को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने निर्देश दिए कि अधिकारी प्रतिदिन ऑफिस पहुंचकर सबसे पहले आईजीआरएस चेक करें। अपनी निगरानी में निस्तारण कराएं और शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात करें। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जनपद प्रदेश में 47वें स्थान पर रहा।
जिलाधिकारी ने एडीएम को निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से डिफाल्टर मामलों का निस्तारण नहीं हो सका और जिले की रैंकिग प्रभावित हुई, उनसे स्पष्टीकरण तलब करें।
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संतोषजनक जवाब न मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, डीएफओ, सभी एसडीएम, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने शिकायतकर्ताओं से बिना बात किए मामला निस्तारित करने में 10 अफसरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि आवेदकों से बात न करना अनुशासनहीनता व अपराध है। उन्होंने मामले में तहसीलदार अमृतपुर व कायमगंज, जीएम डीआईसी, बीडीओ राजेपुर, अधिशासी अभियंता आवास विकास, अधिशासी अभियंता जलनिगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता विद्युत, पूर्ति निरीक्षक अमृतपुर, सीडीपीओ कमालगंज व नवाबगंज को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने निर्देश दिए कि अधिकारी प्रतिदिन ऑफिस पहुंचकर सबसे पहले आईजीआरएस चेक करें। अपनी निगरानी में निस्तारण कराएं और शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात करें। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में जनपद प्रदेश में 47वें स्थान पर रहा।
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जिलाधिकारी ने एडीएम को निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से डिफाल्टर मामलों का निस्तारण नहीं हो सका और जिले की रैंकिग प्रभावित हुई, उनसे स्पष्टीकरण तलब करें।
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संतोषजनक जवाब न मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, डीएफओ, सभी एसडीएम, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।