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दो हजार टैक्स बकाया का भेजा नोटिस, वाहन स्वामी को बताए 76 हजार
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एआरटीओ कार्यालय से वाहन स्वामी को दो हजार रुपये टैक्स बकाया होने का नोटिस भेजा गया। ये स्थिति तब है जब वाहन मालिक आनलाइन फीडिंग करवाकर व्यावसायिक वाहन को प्राइवेट करवाकर पूरा टैक्स जमा कर चुका था। वाहन स्वामी नोटिस का कारण जानने पहुंचा तो उस पर 76 हजार टैक्स बकाया बता दिया गया।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव गदनपुर देवराजपुर निवासी अवधेश सिंह सेना में तैनात हैं। 9 अप्रैल 2014 को उन्होंने पत्नी आशा देवी के नाम पर बोलेरो खरीदी और एआरटीओ कार्यालय में उसका पंजीकरण करवा दिया। कुछ समय बाद बोलेरो को व्यावसायिक वाहन में पंजीकृत करवा दिया था। बराबर उसका टैक्स भी जमा करवाते रहे।
वर्ष 2018 में पुन: बोलेरो को प्राइवेट में पंजीकृत करवाकर टैक्स भी जमा करवा दिया। उस दौरान आनलाइन व्यवस्था लागू हो चुकी थी। इससे वाहन का पंजीकरण तभी होता है, जब कंप्यूटर पर टैक्स जमा होने का डाटा दिखता है। एआरटीओ कार्यालय से अवधेश सिंह की पत्नी आशा देवी के नाम पर दो हजार रुपये टैक्स बकाया को नोटिस भेज दिया गया।
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अवधेश का पुत्र आकाश सिंह नोटिस लेकर शुक्रवार को कार्यालय पहुंचा और उसने सारी हकीकत संबंधित लिपिक को बताई। लिपिक ने दस्तावेज खंगाले और आशा देवी पर 76 हजार टैक्स बकाया बता कर जमा करने का फरमान सुना दिया। इस पर आकाश ने पिता और मां को जानकारी दी।
उसने इस प्रकरण की शिकायत एआरटीओ से की और समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया। एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। जांच करवाई जा रही है कि आखिर गलती कहां से हुई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव गदनपुर देवराजपुर निवासी अवधेश सिंह सेना में तैनात हैं। 9 अप्रैल 2014 को उन्होंने पत्नी आशा देवी के नाम पर बोलेरो खरीदी और एआरटीओ कार्यालय में उसका पंजीकरण करवा दिया। कुछ समय बाद बोलेरो को व्यावसायिक वाहन में पंजीकृत करवा दिया था। बराबर उसका टैक्स भी जमा करवाते रहे।
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वर्ष 2018 में पुन: बोलेरो को प्राइवेट में पंजीकृत करवाकर टैक्स भी जमा करवा दिया। उस दौरान आनलाइन व्यवस्था लागू हो चुकी थी। इससे वाहन का पंजीकरण तभी होता है, जब कंप्यूटर पर टैक्स जमा होने का डाटा दिखता है। एआरटीओ कार्यालय से अवधेश सिंह की पत्नी आशा देवी के नाम पर दो हजार रुपये टैक्स बकाया को नोटिस भेज दिया गया।
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अवधेश का पुत्र आकाश सिंह नोटिस लेकर शुक्रवार को कार्यालय पहुंचा और उसने सारी हकीकत संबंधित लिपिक को बताई। लिपिक ने दस्तावेज खंगाले और आशा देवी पर 76 हजार टैक्स बकाया बता कर जमा करने का फरमान सुना दिया। इस पर आकाश ने पिता और मां को जानकारी दी।
उसने इस प्रकरण की शिकायत एआरटीओ से की और समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया। एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। जांच करवाई जा रही है कि आखिर गलती कहां से हुई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।