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चार घंटे बाद ही प्रसूता को डिस्चार्ज करने पर नोडल अधिकारी नाराज

Thu, 13 Jan 2022 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 11:54 PM IST
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Nodal officer angry after discharging the maternity after four hours
कमालगंज सीएचसी में किशोर को फोन कर जानकारी करतीं नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
कमालगंज। नोडल सचिव ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। प्रसव के चार घंटे बाद ही प्रसूता को डिस्चार्ज कर दिए जाने पर वह नाराज हुईं। दोपहर एक बजे के बाद तक प्रसूताओं का भोजन न आने पर नाराजगी जताई। सुबह दूध-ब्रेड मिलने की भी पुष्टि नहीं हो सकी।
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जिले की नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। पौने दो घंटे के निरीक्षण में मिली खामियों पर सवालों से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में लगाए जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों की कार्ययोजना नहीं मिली।
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15 से 18 वर्ष के किशोरों के टीकाकारण काउंटर पर पिछले दिनों टीका लगवा चुके किशोरों का रजिस्टर देखकर विनीता शर्मा को फोन मिलाया तो बताया गया कि उनके यहां विनीता नहीं है। अन्य किशोरों की भी फोन पर ट्रेसिंग नहीं हो सकी। सचिव ने कहा कि पोर्टल पर गलत मोबाइल नंबर डाला जाएगा तो दूसरी डोज के लिए कैसे ट्रेसिंग होगी। इस पर कोई जवाब नहीं मिला।
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प्रसव केंद्र में भर्ती प्रसूता के परिवार की महिला को अंदर से बुलाकर पूछे जाने पर बताया कि दूध-ब्रेड नहीं मिला। इस पर उन्होंने कहा कि सुबह नाश्ता नहीं, अब भोजन भी एक बजे के बाद तक नहीं। नाश्ते व भोजन में खेल चलता है। एमओआईसी डॉ. सोमेश अग्निहोत्री से पूछा कि इस गड़बड़ी के लिए किस पर कार्रवाई करें। अभिलेखों को देखने पर एक प्रसूता को चार घंटे बाद ही डिस्चार्ज कर देने पर सीएमओ से नाराजगी जताई।

सात में एक भी विशेषज्ञ नहीं
नोडल अधिकारी ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के बारे में पूछा तो बताया गया कि सात विशेषज्ञ पदों के सापेक्ष एक भी नहीं है। आक्सीजन प्लांट में तैनात आपरेटर से पूछा कि जो तीन उपकरण लगे हैं। उनसे किस उपकरण का क्या काम है और कैसे ऑक्सीजन बनती है। ऑपरेटर ने कहा कि वह केवल प्लांट चालू करना और बंद करना जानता है। बाद में एसपी ने जानकारी दी।
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