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निरालानगर: झूलते केबल, जलमग्न कच्ची गलियां
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शहर के मोहल्ला बिर्राबाग में फैली गंदगी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शहर का वार्ड नंबर 15, निराला नगर। चार मोहल्लों वाले इस वार्ड में सबसे बड़ी समस्या जलभराव और कच्ची गलियां हैं। बिर्राबाग केे 70 प्रतिशत क्षेत्र में जलभराव होता है। यहां बिजली के खंभे भी नाममात्र के हैं।
लिहाजा तीन-तीन सौ मीटर तक केबल डालकर घरों में रोशनी करना मजबूरी है। एक खंभा ऐसा है, जिसमें करंट आता है। पास में ही जलभराव भी रहता है। इसके चलते एक बैल भी मर चुका है। बस्ती में कई ऐसे मकान हैं, जो सीलन की वजह से चटक चुके हैं। परेशान लोग गलियों में भरी गंदगी से गुजरने को मजबूर हैं।
बिर्राबाग की रेेखा बोलीं, पति सेना में तैनात हैं। मकान के दोनों दरवाजों के सामने कीचड़ भरता है। कई बार निकलना मुश्किल होता है। मकान के सामने लगे बिजली के खंभे में करंट आता हैै।
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बिर्राबाग की किरन सक्सेना बोलीं, दो जवान बेटियां हैं। घर में समोसा बनाकर उन्हें बेंचा, इससे पैसे बचाकर मकान बनाया। आसपास जलभराव से सीलन हो गई। कई स्थानों पर मकान चटक गया। कोई सुनने वाला नहीं है।
अनूप शुक्ला बोले, तीन साल से यहां मकान बनाकर रह रहे है। बारिश के वक्त तो घरों में कैद होना मजबूरी होती है। सभासद भी नहीं सुनते। पता नहीं कब दिक्कतें दूर होंगी।
रेनू सिंह ने बताया, उनके मकान के सामने गर्मियों में भी जलभराव होता था। 20 हजार रुपये खर्च करके गली में मिट्टी डलवाई। तब कहीं निकलने के लायक हुई। अभी तक गली पक्की नहीं कराई गई।
कादरीगेट के प्रमोद कुशवाह ने बताया, गली में 15 दिन में एक बार सफाई कर्मी आता है। वह भी सूरत दिखाकर चला जाता। नालियों जब पूरी चोक हो जातीं, तो मोहल्ले वाले ही साफ करते हैं।
रामलीला गड्ढा के श्यामपाल बोले, हम सब गंदगी से परेशान हैं। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। पेयजल की भी बड़ी समस्या है। आए दिन जलापूर्ति ठप हो जाती है।
इस वार्ड की सबसे बड़ी पहचान प्राचीन रामलीला गड्ढा है। यहां कभी रामलीला का मंचन होता था और मेला लगता था। जो आज तालाब का रूप ले चुका है। फिलहाल 99 लाख रुपये से जलभराव खत्म करने के लिए काम चल रहा है। इसके अलावा आवास विकास के पास एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहां बड़ी संख्या में भक्तजन भोले के दर्शन को आते हैं।
‘विधायक निधि से कई गलियां बनवा चुके हैं। नगर पालिका से 10 गलियों के टेंडर होने हैं। शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। हां बिजली के खंभे न होना बड़ी समस्या है।
अधीक्षण अभियंता से मिला कर समस्या से अवगत कराया है। आने वाले दिनों में खंभे भी लगने की पूरी उम्मीद है। मैं हर वक्त जनता के काम को तत्पर रहता हूं। इसीलिए जनता मुझ पर भरोसा करती है।’ - विकास त्रिवेदी, सभासद, वार्ड 15, निरालानगर।ेे
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लिहाजा तीन-तीन सौ मीटर तक केबल डालकर घरों में रोशनी करना मजबूरी है। एक खंभा ऐसा है, जिसमें करंट आता है। पास में ही जलभराव भी रहता है। इसके चलते एक बैल भी मर चुका है। बस्ती में कई ऐसे मकान हैं, जो सीलन की वजह से चटक चुके हैं। परेशान लोग गलियों में भरी गंदगी से गुजरने को मजबूर हैं।
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बिर्राबाग की रेेखा बोलीं, पति सेना में तैनात हैं। मकान के दोनों दरवाजों के सामने कीचड़ भरता है। कई बार निकलना मुश्किल होता है। मकान के सामने लगे बिजली के खंभे में करंट आता हैै।
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बिर्राबाग की किरन सक्सेना बोलीं, दो जवान बेटियां हैं। घर में समोसा बनाकर उन्हें बेंचा, इससे पैसे बचाकर मकान बनाया। आसपास जलभराव से सीलन हो गई। कई स्थानों पर मकान चटक गया। कोई सुनने वाला नहीं है।
अनूप शुक्ला बोले, तीन साल से यहां मकान बनाकर रह रहे है। बारिश के वक्त तो घरों में कैद होना मजबूरी होती है। सभासद भी नहीं सुनते। पता नहीं कब दिक्कतें दूर होंगी।
रेनू सिंह ने बताया, उनके मकान के सामने गर्मियों में भी जलभराव होता था। 20 हजार रुपये खर्च करके गली में मिट्टी डलवाई। तब कहीं निकलने के लायक हुई। अभी तक गली पक्की नहीं कराई गई।
कादरीगेट के प्रमोद कुशवाह ने बताया, गली में 15 दिन में एक बार सफाई कर्मी आता है। वह भी सूरत दिखाकर चला जाता। नालियों जब पूरी चोक हो जातीं, तो मोहल्ले वाले ही साफ करते हैं।
रामलीला गड्ढा के श्यामपाल बोले, हम सब गंदगी से परेशान हैं। यहां कोई सुनने वाला नहीं है। पेयजल की भी बड़ी समस्या है। आए दिन जलापूर्ति ठप हो जाती है।
इस वार्ड की सबसे बड़ी पहचान प्राचीन रामलीला गड्ढा है। यहां कभी रामलीला का मंचन होता था और मेला लगता था। जो आज तालाब का रूप ले चुका है। फिलहाल 99 लाख रुपये से जलभराव खत्म करने के लिए काम चल रहा है। इसके अलावा आवास विकास के पास एक प्राचीन शिव मंदिर है। यहां बड़ी संख्या में भक्तजन भोले के दर्शन को आते हैं।
‘विधायक निधि से कई गलियां बनवा चुके हैं। नगर पालिका से 10 गलियों के टेंडर होने हैं। शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। हां बिजली के खंभे न होना बड़ी समस्या है।
अधीक्षण अभियंता से मिला कर समस्या से अवगत कराया है। आने वाले दिनों में खंभे भी लगने की पूरी उम्मीद है। मैं हर वक्त जनता के काम को तत्पर रहता हूं। इसीलिए जनता मुझ पर भरोसा करती है।’ - विकास त्रिवेदी, सभासद, वार्ड 15, निरालानगर।ेे

शहर के मोहल्ला बिर्राबाग में झूलते बिजली के तार। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD