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Farrukhabad News: ट्राॅमा सेंटर के निर्माण में लापरवाही, शासन को भेजा पत्र
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल परिसर में बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट (ट्राॅमा सेंटर) के निर्माण में लापरवाही पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ सीएमओ ने शासन को पत्र भेजा है। वहीं, कार्यदायी संस्था ने निर्माण पूरा करने के लिए छह माह का समय और मांगा है।
गंभीर मरीजों के इलाज और महत्वपूर्ण जांच की सुविधा के लिए लोहिया अस्पताल परिसर में पीएम ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। 18.94 करोड़ की लागत से 50 बेड के ट्राॅमा सेंटर के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई है। संस्था को 15 सितंबर तक निर्माण पूरा कर भवन हस्तांतरित करना था। लापरवाही और धीमी रफ्तार से हो रहे निर्माण के चलते समय अवधि निकलने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इस कारण गंभीर मरीजों का स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं शुरू हो सका और उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। कई बार मरीज समय से इलाज न मिल पाने के कारण दम तोड़ देते हैं।
पिछले दिनों समीक्षा के दौरान काम की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने नाराजगी जताई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को कार्यदायी संस्था के खिलाफ पत्र भेजा है। कहा कि अभी तक मात्र 67 प्रतिशत ही निर्माण कार्य किया गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से लापरवाही बरतते हुए निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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गंभीर मरीजों के इलाज और महत्वपूर्ण जांच की सुविधा के लिए लोहिया अस्पताल परिसर में पीएम ट्राॅमा सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। 18.94 करोड़ की लागत से 50 बेड के ट्राॅमा सेंटर के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई है। संस्था को 15 सितंबर तक निर्माण पूरा कर भवन हस्तांतरित करना था। लापरवाही और धीमी रफ्तार से हो रहे निर्माण के चलते समय अवधि निकलने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इस कारण गंभीर मरीजों का स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं शुरू हो सका और उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। कई बार मरीज समय से इलाज न मिल पाने के कारण दम तोड़ देते हैं।
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पिछले दिनों समीक्षा के दौरान काम की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने नाराजगी जताई थी। जिलाधिकारी के आदेश पर सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को कार्यदायी संस्था के खिलाफ पत्र भेजा है। कहा कि अभी तक मात्र 67 प्रतिशत ही निर्माण कार्य किया गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से लापरवाही बरतते हुए निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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