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बदहाली के आंसू बहा रहा नवाबगंज-संकिसा संपर्क मार्ग
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नवाबगंज-संकिसा रोड पर भर पानी। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
नवाबगंज। कस्बा से बौद्घ स्थल संकिसा को जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में मार्ग पर कई जगह जलभराव भी हो जाता है।
चौराहे से बौद्घ स्थल संकिसा तक 20 किलोमीटर का संपर्क मार्ग है। इस मार्ग पर इंटर कॉलेज व दो डिग्री कॉलेज हैं। यह मार्ग बेवर, मैनपुरी, भोगांव, एटा के सराय अगहत को भी जोड़ता है।
इस कारण इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक होता है। चौराहे से संकिसा रोड पर थोड़ा आगे बढ़ते ही सड़क पर गड्ढे मिलने शुरू हो जाते हैं। सड़क किनारे नाली न होने से आसपास रहने वाले लोगों के घरों का पानी इन गड्ढों में भर जाता है।
बारिश में जलभराव अधिक होने से सड़क के गड्ढे नजर नहीं आते हैं। तब सफर के दौरान वाहनों के पलटने व गिरने का डर बना रहता है। जब कॉलेज संचालित होते हैं, तो यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कत होती है।
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अकसर वाहनों के पहिये गड्ढे में जाने से पानी के छींटे उठने से छात्र-छात्राओं के कपड़े भी खराब हो जाते हैं। अफसर और नेताओं की अनदेखी से सड़क की स्थिति बहुत खराब है और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. विजय यादव का कहना है कि इस सड़क का निर्माण होने से 20 किलोमीटर का सफर 20 मिनट में तय हो सकता है। पड़ोसी जिलों लोगों को आने-जाने में भी सुविधा हो जाएगी।
रविंद्र गुप्ता का कहना है कि उनकी बवना रोड पर परचून की दुकान है। सड़क पर गड्ढे होने से साइकिल से दुकान तक जाने में काफी दिक्कत होती है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा होने से गिरने का डर भी बना रहता है।
सोनू का कहना है कि इस मार्ग पर इंटर कॉलेज है। सड़क पर गड्ढे और उसमें जलभराव होने से कालेज जाने में दिक्कत होती है। कभी वाहन निकलने पर गड्ढे का पानी उछलने से कपड़े खराब हो जाते हैं।
गुड्डू राजपूत का कहना है कि वह नगला धोबियान में रहते हैं। नवाबगंज बाजार इसी जार्ग से जाना होता है। गड्ढों में पानी भरा होने से बाइक फिसलने और गिरने से चुटहिल होने का डर बना रहता है।
पीडब्लूडी के एक्सईएन को सड़क किनारे नाली व सड़क की मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा जाएगा। - नजमा सिद्दीकी, बीडीओ नवाबगंज
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चौराहे से बौद्घ स्थल संकिसा तक 20 किलोमीटर का संपर्क मार्ग है। इस मार्ग पर इंटर कॉलेज व दो डिग्री कॉलेज हैं। यह मार्ग बेवर, मैनपुरी, भोगांव, एटा के सराय अगहत को भी जोड़ता है।
इस कारण इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन अधिक होता है। चौराहे से संकिसा रोड पर थोड़ा आगे बढ़ते ही सड़क पर गड्ढे मिलने शुरू हो जाते हैं। सड़क किनारे नाली न होने से आसपास रहने वाले लोगों के घरों का पानी इन गड्ढों में भर जाता है।
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बारिश में जलभराव अधिक होने से सड़क के गड्ढे नजर नहीं आते हैं। तब सफर के दौरान वाहनों के पलटने व गिरने का डर बना रहता है। जब कॉलेज संचालित होते हैं, तो यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को खासी दिक्कत होती है।
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अकसर वाहनों के पहिये गड्ढे में जाने से पानी के छींटे उठने से छात्र-छात्राओं के कपड़े भी खराब हो जाते हैं। अफसर और नेताओं की अनदेखी से सड़क की स्थिति बहुत खराब है और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. विजय यादव का कहना है कि इस सड़क का निर्माण होने से 20 किलोमीटर का सफर 20 मिनट में तय हो सकता है। पड़ोसी जिलों लोगों को आने-जाने में भी सुविधा हो जाएगी।
रविंद्र गुप्ता का कहना है कि उनकी बवना रोड पर परचून की दुकान है। सड़क पर गड्ढे होने से साइकिल से दुकान तक जाने में काफी दिक्कत होती है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा होने से गिरने का डर भी बना रहता है।
सोनू का कहना है कि इस मार्ग पर इंटर कॉलेज है। सड़क पर गड्ढे और उसमें जलभराव होने से कालेज जाने में दिक्कत होती है। कभी वाहन निकलने पर गड्ढे का पानी उछलने से कपड़े खराब हो जाते हैं।
गुड्डू राजपूत का कहना है कि वह नगला धोबियान में रहते हैं। नवाबगंज बाजार इसी जार्ग से जाना होता है। गड्ढों में पानी भरा होने से बाइक फिसलने और गिरने से चुटहिल होने का डर बना रहता है।
पीडब्लूडी के एक्सईएन को सड़क किनारे नाली व सड़क की मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा जाएगा। - नजमा सिद्दीकी, बीडीओ नवाबगंज