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Farrukhabad News: ऑपरेशन के बाद निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत, हंगामा
Wed, 22 May 2024 11:14 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 22 May 2024 11:14 PM IST
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फर्रुखाबाद। एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। उसे जबरन सैफई भेज दिया गया। रास्ते में उसकी मौत के बाद परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। अस्पताल संचालक ने विवाहिता के पति को पीट दिया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पति ने एक यूनिट खून के नाम पर 20 हजार रुपये लेने का आरोप भी लगाया। हालांकि बाद में समझौता हो गया।
जहानगंज थाने के गांव महमदपुर अमलैया निवासी इंद्रेश की गर्भवती पत्नी सीमा (24) को गांव की ही आशा कार्यकर्ता ने मंगलवार दोपहर मसेनी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां ऑपरेशन के बाद उसने पुत्र को जन्म दिया। देर शाम उसकी हालत बिगड़ने पर जबरन उसे सैफई भेज दिया। रास्ते में सीमा की मौत हो गई। परिजन देर रात शव लेकर अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही कादरीगेट थाना प्रभारी अवध नारायण पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस के सामने की अस्पताल संचालक ने इंद्रेश की पिटाई कर दी। उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया। पति इंद्रेश ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन और खून के नाम पर 20-20 हजार रुपये जमा कराए गए।
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पुलिस ने काफी प्रयास के बाद मृतका के शव को कब्जे में लेकर आधीरात के बाद लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद बुधवार तड़के बिना कुछ कार्रवाई किए ही परिजन शव लेकर चले गए। इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय ने बताया कि मृतका के परिजनों और अस्पताल संचालक में समझौता हो गया। इसी के बाद हिरासत में लिए संचालक को छोड़ दिया गया।
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जहानगंज थाने के गांव महमदपुर अमलैया निवासी इंद्रेश की गर्भवती पत्नी सीमा (24) को गांव की ही आशा कार्यकर्ता ने मंगलवार दोपहर मसेनी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां ऑपरेशन के बाद उसने पुत्र को जन्म दिया। देर शाम उसकी हालत बिगड़ने पर जबरन उसे सैफई भेज दिया। रास्ते में सीमा की मौत हो गई। परिजन देर रात शव लेकर अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
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सूचना मिलते ही कादरीगेट थाना प्रभारी अवध नारायण पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस के सामने की अस्पताल संचालक ने इंद्रेश की पिटाई कर दी। उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया। पति इंद्रेश ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन और खून के नाम पर 20-20 हजार रुपये जमा कराए गए।
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पुलिस ने काफी प्रयास के बाद मृतका के शव को कब्जे में लेकर आधीरात के बाद लोहिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद बुधवार तड़के बिना कुछ कार्रवाई किए ही परिजन शव लेकर चले गए। इंस्पेक्टर अवध नारायण पांडेय ने बताया कि मृतका के परिजनों और अस्पताल संचालक में समझौता हो गया। इसी के बाद हिरासत में लिए संचालक को छोड़ दिया गया।