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दावे सिफर, अभियान को अफसर ही लगा रहे पलीता

Sat, 13 Jan 2018 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 Jan 2018 12:02 AM IST
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Most families are forced to go to farm for
man going to farm - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
स्वच्छता अभियान के तहत गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने के प्रयासों को विभागीय अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। बानगी के तौर पर ब्लाक क्षेत्र के गांव दीनारपुर को हीं लें। यहां 740 से अधिक  परिवार रहते हैं। जमीनी हकीकत यह है कि कुछेक घरों को छोड़कर ज्यादातर परिवारों के लोग खेत जाने को मजबूर हैं। ओडीएफ से छूटे परिवारों ने शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक मदद भी मांगी। काफी प्रयासों के बाद प्रधान ने पात्रता सूची तैयार कर विभाग को भेज भी दी, लेकिन विभागीय सुस्ती के चलते फाइल आगे नहीं बढ़ सकी है।   
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हर घर में शौचालय हो, इसके लिए प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत योजना के तहत आर्थिक मदद देकर शौचालय निर्माण कराने की योजना संचालित है। इसके बाद गांव के लोगों को शौचालय निर्माण के लिए आर्थिक मदद नसीब नहीं हो रही है। कमालगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव दीनारपुर में करीब 740 परिवार रहते है। आबादी लगभग 12 सौ है। इस गांव में कुछ ही घरों में शौचालय हैं। अधिकांश घरों में शौचालय नहीं है। गांव के लोग खुले में शौच को खेतों में जाते है। गांव निवासी दयाराम की बेवा रामधनी का कहना है कि दो साल पूर्व नीम का पेड़ गिरने से मकान की छत ढह गई थी। अब वह झोपड़ी डालकर रहती है। उन्होंने शौचालय बनवाने के लिए प्रधान को अपना नाम दिया, लेकिन अभी तक शौचालय निर्माण की धनराशि नहीं मिली है। इस कारण वह खुले में जाने को मजबूर है। इसी गांव के दीपक कुमार और प्रमोद कुमार कहा कहना है कि वह कई बार प्रधान से मिले और शौचालय निर्माण आर्थिक मदद दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गांव में अधिकांश लोगों के घरों में शौचालय न होने के कारण सभी लोग खेतों में खुले में शौच करने जाते है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत गांव में शौचालय बनवाने के लिए 450 ग्रामीणों की सूची तैयार कर ब्लाक कार्यालय भेजी गई। इसके बाद डीपीआरओ विभाग से संपर्क भी किया। सूची स्वीकृत नहीं हुई, इस कारण शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया। फिर से सूची भेजी है। पेशकार वर्मा, प्रधान ग्राम सभा दीनारपुर।
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छोटे-छोटे गांवों में शौचालय निर्माण का काम पूरा कराया जा रहा है। बड़े गांवों में भी पात्र लोगों के घरों में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। दीनारपुर गांव में कितने घरों में शौचालय है और कितने घरों में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद प्रधान ने जो सूची भेजी है। उसका सत्यापन कर शौचालय स्वीकृत कर निर्माण कराएं जाएंगे। रामजी जायसवाल, बीडीओ कमालगंज।
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