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मिडडे मील के तहत दूध वितरण में मानक की हो रही अनदेखी

Wed, 02 Sep 2015 11:12 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Wed, 02 Sep 2015 11:12 PM IST
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Midday meal overlooking the milk distribution are standard in
मिडडे मील योजना के तहत दूध वितरण में बच्चों के साथ छलावा हो रहा है।
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छटांक भर दूध देकर दो सौ ग्राम दूध वितरण की रिपोर्ट दी जा रही है। बच्चों को शासन की मंशा के अनुसार पर्याप्त मात्रा में दूध पीने को नहीं मिल रहा है। यह स्थिति बुधवार को अमर उजाला को स्कूलों में दिखाई दी। 

एक घूंट दूध ही मिला पीने को
प्राथमिक विद्यालय कुबेरपुर में 157 पंजीकृत बच्चों में से 83 बच्चे उपस्थित हुए। यह दूध पीने के लिए घर से गिलास लाए थे। इनको मास्साब ने एक घूंट दूध पीने को दिया। छात्र मनकेश, प्रदीप, रिंकू, आशीष और अजय कुमार ने बताया कि उनको एक घूंट दूध दिया गया था। वहीं प्रधानाध्यापक आलोक कुमार ने कहा कि बच्चे झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने सभी को

दो-दो सौ ग्राम दूध पीने को दिया है। प्राथमिक विद्यालय विचपुरिया में 153 में से 80 बच्चे उपस्थित हुए। इनको 100-100 ग्राम दूध दिया गया। इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीव कुमार के नाम विद्यालय का खाता पूर्व प्रधानाध्यापक सतीश चंद्र ने स्थानांतरित नहीं किया है। इस कारण एमडीएम बनवाने में दिक्कत हो रही है। पूर्व एवं प्राथमिक विद्यालय

कोलासोता में दूध और कोफ्ता चावल का वितरण किया गया। प्राथमिक विद्यालय जटपुरा में 60 में से 40 बच्चे उपस्थित हुए। इनको कोफ्ता चावल की जगह एमडीएम में सब्जी चावल दिया गया। दूध भी कम मात्रा में पीने के लिए दिया गया। प्राथमिक विद्यालय करनपुरदत्त द्वितीय में 120 में से 65 बच्चे उपस्थित हुए। यहां टीचर ने तीन लीटर दूध में पानी मिलाकर बच्चों को वितरण कर दिया।

31 बच्चों के लिए मंगाया गया तीन लीटर दूध
बच्चों को पीने के लिए दूध दिए जाने के नाम पर शिक्षक छलावा कर रहे हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरी तौफीक में 34 में से 31 बच्चे उपस्थित हुए। इनके लिए शिक्षक ने छह लीटर की बजाए तीन लीटर दूध मंगाया और वितरण कर दिया।

प्राथमिक विद्यालय गड़रियनपुरवा में 79 में से 40 बच्चे उपस्थित हुए। इनके लिए छह लीटर दूध मंगाया गया।  मानक के अनुसार आठ लीटर दूध मंगाया जाना था। प्राथमिक विद्यालय समसपुर में 87 में से 40 बच्चे उपस्थित हुए। इनके लिए टीचर ने नौ लीटर दूध मंगाया था।

खाना खाने को स्वच्छ जगह तक नहीं
प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में जगह कम होने के कारण बच्चे इधर उधर बैठकर खाना खाते हैं। इनको बैठकर खाना खाने के लिए साफ सुथरी जगह तक नसीब नहीं हो रही है। 165 में से 115 बच्चे उपस्थित हुए थे। जगह कम होने के कारण कोई शौचालय के पास तो कोई घास में बैठकर खाना खाते हैं। इस विद्यालय में दूध का वितरण किया गया। पूर्व माध्यमिक

विद्यालय मोहनपुर में 45 में से 37 बच्चे उपिस्थत हुए। इनको दूध और एमडीएम में कोफ्ता चावल दिया गया। प्राथमिक विद्यालय मिर्जा नगला में 105 में से 78 बच्चे उपस्थित हुए। यहां दूध और कोफ्ता चावल दिया गया। इसकी प्रधानाध्यापिका रुचि वर्मा ने बताया कि लौकी के कोफ्ता बनवाना अब मुश्किल होगा। प्रति लौकी 30 से 40 रुपये में मिल रही है और 50

रुपये लीटर दूध मिल रहा है। प्राथमिक विद्यालय किता नगला में 80 में से 50 बच्चे उपस्थित हुए। यहां बच्चों को दूध वितरण किया गया। प्राथमिक विद्यालय सरायमेदा में 120 में से 90 और कन्या प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर दीनारपुर में बच्चों को दूध का वितरण तो किया गया, लेकिन बच्चों को दिए गए दूध की मात्रा मानक से कम थी।

वर्जन
मानक से कम दूध देना गलत है। प्रत्येक बच्चे को दो सौ ग्राम दूध देना अनिवार्य है। जिन स्कूलों में कम दूध का वितरण हो रहा है। इनकी जांच कर प्रधानाध्यापक को मानक के तहत दूध वितरण करने के निर्देश दिए जाएंगे।
सुमित वर्मा, बीईओ
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