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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़, सामने आया ये सच
Sun, 14 Apr 2019 12:22 AM IST
प्रशांत कुमार
फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 14 Apr 2019 12:22 AM IST
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फर्रुखाबादः कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। वार्डन दूधिया से कम कीमत में खुला दूध लेकर उनके ऊंचे दाम के बिल बनाकर भुगतान प्राप्त करती हैं। इस मामले में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने वार्डनों को नोटिस जारी कर ब्रांडेड दूूध खरीदने का आदेश दिया है। यदि दूधिया से लिए गए दूध के बिल दाखिल किए गए तो उनको भुगतान नहीं किया जाएगा।
जिले में पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाली छात्राओं को सुविधाएं मुहैया कराने को सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। छात्राओं के लिए विद्यालय में दूध खरीदा जाता है। दूध ब्रांडेड खरीदने की बजाए वार्डन दूधिया से करीब 35 से 40 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीदती हैं। विभाग से भुगतान पाने को बिल 45 से 50 रुपये प्रति लीटर बनाकर दाखिल किए जाते हैं। खरीदा गया दूध गुणवत्ता विहीन होता है।
इस मामले में सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राजीव मिश्रा ने वार्डनों को जारी किए आदेश में कहा कि खुले दूध पर रोक है। इसके बाद भी खुला दूध दूधिया से खरीदा जा रहा है। जो परियोजना के आदेशों की अनदेखी की श्रेणी में आता है। खुले दूध की बजाए ब्रांडेड दूध खरीदा जाए। यदि खुले दूूध के बिल लगाए गए तो उनको भुगतान नहीं किया जाएगा।
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जिले में पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाली छात्राओं को सुविधाएं मुहैया कराने को सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है। छात्राओं के लिए विद्यालय में दूध खरीदा जाता है। दूध ब्रांडेड खरीदने की बजाए वार्डन दूधिया से करीब 35 से 40 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीदती हैं। विभाग से भुगतान पाने को बिल 45 से 50 रुपये प्रति लीटर बनाकर दाखिल किए जाते हैं। खरीदा गया दूध गुणवत्ता विहीन होता है।
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इस मामले में सर्व शिक्षा अभियान के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राजीव मिश्रा ने वार्डनों को जारी किए आदेश में कहा कि खुले दूध पर रोक है। इसके बाद भी खुला दूध दूधिया से खरीदा जा रहा है। जो परियोजना के आदेशों की अनदेखी की श्रेणी में आता है। खुले दूध की बजाए ब्रांडेड दूध खरीदा जाए। यदि खुले दूूध के बिल लगाए गए तो उनको भुगतान नहीं किया जाएगा।
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