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भक्तिभाव के साथ गंगा स्नान, मनोरंजन को उमड़ रहे मेलार्थी
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फर्रुखाबाद। पवित्र माह माघ में मात्र दो दिन ही बचे हैं। ऐसे में पांचाल घाट पर लगे मेला रामनगरिया में रौनक अपने चरम पर है। बड़ी संख्या में खरीदार, मनोरंजन के लिए लोग पहुंच रहे हैं। सुबह चार बजे से ही हर-हर गंगे उद्घोष के साथ हजारों लोग भागीरथी में डुबकी लगाकर पुण्यफल ले रहे हैं। मेला क्षेत्र में कथा, भागवत का दौर चल रहा है। दूरदराज से आए कल्पवासी भक्तजन दिन भर ध्यानमग्न रहते हैं।
रामनगरिया मेले का समापन नौ फरवरी को अंतिम स्नान के बाद हो जाएगा। हालांकि इसके बाद भी मेले में रौनक बनी रहेगी। अब दो दिन शेष रहने से मेले में भीड़ अपने चरम पर है। सुबह चार बजे से ही गंगा मैया के उद्घोष के साथ कल्पवासी, संत और मेलार्थी स्नान करने लगते हैं। इसके बाद वेद मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियों का दौर शुरू हो जाता है। मेला परिसर में कथा भागवत दिन भर होती रहती हैं।
स्वामी बच्चा बाबा के आश्रम क्षेत्र में चल रहा भागवत कथा में कथा व्यास पं. राकेश चंद्र पांडेय ने गौरव और पांडवों के युद्ध का वर्णन किया। उन्होंने मौजूद तमाम श्रोताओं से कहा कि जब युद्ध का समापन हुआ और पांडवों की जीत हुई, तो पांडवों ने यज्ञ का आयोजन किया। इसमें स्वयं भगवान श्रीकृष्ण मौजूद रहे। जब यज्ञ का भंडारा चल रहा था, तो श्रीकृष्ण ने झूठी पत्तलों को उठाने का काम किया था। बोले, किसी भी धार्मिक भोज में यदि पत्तल उठाने का सौभाग्य मिल जाए, तो कल्याण निश्चित है।
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मेला क्षेत्र में आसपास के ग्रामीणों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। महिलाएं मीना बाजार में खरीदारी करती हैं, तो युवक मनोरंजन क्षेत्र में लुत्फ उठाते हैं। बच्चों के लिए सजे झूलों पर दिन भर खासी रौनक रहती है।
फर्रुखाबाद। आर्य प्रतिनिधि सभा और वेद प्रचार मंडल की ओर से वैदिक क्षेत्र में चल रहे धार्मिक आयोजन में भोर में यज्ञ में आहुतियां दी गईं। दूसरे सत्र में आचार्य चंद्रदेव ने कहा कि इस संसारमें हम जो ईश्वर को समर्पित कर सकते हैं, वह कर दें। क्योंकि जो कुछ भी मेरे पास है, सब ईश्वर का ही है। कहा कि सृष्टि को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय यज्ञ ही है। दलवीर शास्त्री ने दयानंद राष्ट्रनायक हैं.. गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान तमाम भक्तजन मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया संस्कृतिक पंडाल में स्थानीय काव्य सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें कवियत्री गरिमा ने कहा कि दर्द प्यास की गद्दी पर दर्द के गीत लिखती हूं। तुम्हारा स्तवन काकै मैं अपनी प्रीति लिखिती हूं। भरती मिश्रा, बृजकिशोर मिश्रा, किशन साध बारिश राजा, डाक्टर सत्यदेव पांडेय आदि कवियों ने कविताएं सुना कर लोगों का दिल जीता। लोग कवि सम्मेलन में डटे रहे।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरीया के दो दिन शेष रह जाने से मेले में भीड़ बढ़ रही है। जैसे जैसे भीड़ बढ़ती जा रही है। उसी तरह गंगा के पुल पर जाम लगने लगा है। पुलिस की लापरवाही के चलते पुल पर पांचाल घाट से फर्रुखाबाद को जाने वाले टेंपो सवारी भरने का कारण खड़े हो जाने से जाम लग जाता। यातायात पुलिस एवं पुल पर लगे अन्य दरोगा व सिपाही रोड के किनारे लगी दुकानों पर बैठ कर आराम करते हैं।
पुलिस जाम खिलवाने के लिए सक्रिय होती हैं। शुक्रवार को 3 बजे से पुल पर 5 किलो मीटर लंबा जाम दोनों तरफ लग जाने से स्कूली वाहन व एंबुलेंस कई घंटे तक फसे रही। जाम की सूचना मिलने पर मेला थाना प्रभारी ने पुल पर पहुंच कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। तब यातायात सिपाही भी जाम खुलवाने के लिए सक्रिय हुए। देर शाम तक जाम लगा रहा।
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रामनगरिया मेले का समापन नौ फरवरी को अंतिम स्नान के बाद हो जाएगा। हालांकि इसके बाद भी मेले में रौनक बनी रहेगी। अब दो दिन शेष रहने से मेले में भीड़ अपने चरम पर है। सुबह चार बजे से ही गंगा मैया के उद्घोष के साथ कल्पवासी, संत और मेलार्थी स्नान करने लगते हैं। इसके बाद वेद मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियों का दौर शुरू हो जाता है। मेला परिसर में कथा भागवत दिन भर होती रहती हैं।
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स्वामी बच्चा बाबा के आश्रम क्षेत्र में चल रहा भागवत कथा में कथा व्यास पं. राकेश चंद्र पांडेय ने गौरव और पांडवों के युद्ध का वर्णन किया। उन्होंने मौजूद तमाम श्रोताओं से कहा कि जब युद्ध का समापन हुआ और पांडवों की जीत हुई, तो पांडवों ने यज्ञ का आयोजन किया। इसमें स्वयं भगवान श्रीकृष्ण मौजूद रहे। जब यज्ञ का भंडारा चल रहा था, तो श्रीकृष्ण ने झूठी पत्तलों को उठाने का काम किया था। बोले, किसी भी धार्मिक भोज में यदि पत्तल उठाने का सौभाग्य मिल जाए, तो कल्याण निश्चित है।
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मेला क्षेत्र में आसपास के ग्रामीणों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। महिलाएं मीना बाजार में खरीदारी करती हैं, तो युवक मनोरंजन क्षेत्र में लुत्फ उठाते हैं। बच्चों के लिए सजे झूलों पर दिन भर खासी रौनक रहती है।
फर्रुखाबाद। आर्य प्रतिनिधि सभा और वेद प्रचार मंडल की ओर से वैदिक क्षेत्र में चल रहे धार्मिक आयोजन में भोर में यज्ञ में आहुतियां दी गईं। दूसरे सत्र में आचार्य चंद्रदेव ने कहा कि इस संसारमें हम जो ईश्वर को समर्पित कर सकते हैं, वह कर दें। क्योंकि जो कुछ भी मेरे पास है, सब ईश्वर का ही है। कहा कि सृष्टि को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय यज्ञ ही है। दलवीर शास्त्री ने दयानंद राष्ट्रनायक हैं.. गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान तमाम भक्तजन मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया संस्कृतिक पंडाल में स्थानीय काव्य सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें कवियत्री गरिमा ने कहा कि दर्द प्यास की गद्दी पर दर्द के गीत लिखती हूं। तुम्हारा स्तवन काकै मैं अपनी प्रीति लिखिती हूं। भरती मिश्रा, बृजकिशोर मिश्रा, किशन साध बारिश राजा, डाक्टर सत्यदेव पांडेय आदि कवियों ने कविताएं सुना कर लोगों का दिल जीता। लोग कवि सम्मेलन में डटे रहे।
फर्रुखाबाद। मेला रामनगरीया के दो दिन शेष रह जाने से मेले में भीड़ बढ़ रही है। जैसे जैसे भीड़ बढ़ती जा रही है। उसी तरह गंगा के पुल पर जाम लगने लगा है। पुलिस की लापरवाही के चलते पुल पर पांचाल घाट से फर्रुखाबाद को जाने वाले टेंपो सवारी भरने का कारण खड़े हो जाने से जाम लग जाता। यातायात पुलिस एवं पुल पर लगे अन्य दरोगा व सिपाही रोड के किनारे लगी दुकानों पर बैठ कर आराम करते हैं।
पुलिस जाम खिलवाने के लिए सक्रिय होती हैं। शुक्रवार को 3 बजे से पुल पर 5 किलो मीटर लंबा जाम दोनों तरफ लग जाने से स्कूली वाहन व एंबुलेंस कई घंटे तक फसे रही। जाम की सूचना मिलने पर मेला थाना प्रभारी ने पुल पर पहुंच कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। तब यातायात सिपाही भी जाम खुलवाने के लिए सक्रिय हुए। देर शाम तक जाम लगा रहा।