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सफेद कार से चलता था मास्टरमाइंड शिक्षक
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सफेद कार से चलता था मास्टरमाइंड शिक्षक
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कासगंज में अनामिका नाम से रजपालपुर की सुप्रिया को नौकरी दिलाने वाले मास्टरमाइंड शिक्षक को गांव के कई लोग पहचानते हैं। वे बताते हैं कि शिक्षक इकहरे बदन वाला है व एक कंधा झुकाकर चलता है। दावा यह भी है कि उसका नाम भले ही राज उर्फ नीतू न हो, लेकिन वह कायमगंज बीआरसी क्षेत्र में ही तैनात है। वह मैनपुरी जनपद के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला खार का निवासी बताया गया है।
मास्टर माइंड शिक्षक राज उर्फ नीतू का पहले से सुप्रिया के यहां आना जाना था। सुप्रिया के जेल जाने के बाद सोमवार को उसके पिता महिपाल सिंह जाटव कासगंज गए थे। उन्होंने बताया कि सोरों कोतवाली पुलिस ने पुत्र को उनके सुपुर्द कर दिया। मंगलवार दोपहर वे गांव आ गए। उन्होंने बताया कि वे व उनका परिवार मास्टरमाइंड शिक्षक को अच्छी तरह जानते हैं।
सिर्फ नाम सही नहीं मालूम है। वह भोगांव के नगला खार का निवासी है। कासगंज पुलिस को भी उसके बारे अहम सुराग मिल गए हैं। वहां की पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बुन दिया है। रजपालपुर के लोगों की मानें तो वह गांव में सफेद कार से आता था।
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गलत नाम होने से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक अभी भी शिक्षक कायमगंज बीआरसी क्षेत्र में ही तैनात है। महिपाल सिंह ने बताया कि कासगंज जेल में वे अपनी बेटी से मुलाकात कर लौट आए हैं। दुखी मन से बताया कि बेटी की नौकरी के लिए भैंस बेचकर रुपये दिए थे। यह नहीं जाना था कि बेटी जेल चली जाएगी।
बा विद्यालय की एक शिक्षिका के संपर्क में था शिक्षक
कायमगंज। फर्रुखाबाद-कायमगंज रोड पर गांव दमदमा स्थित बा विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका से भी मास्टरमाइंड शिक्षक का मेलजोल बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक वह अक्सर अपनी सफेद कार से उससे मिलने जाता और अकेले में बैठकर बात करता था। जब कोई अन्य शिक्षिका या गार्ड एतराज करता तो वह उनसे भी भिड़ जाता था।
यहां भी उसने अपना नाम नीतू उर्फ राज ही बताया था। सूत्रों बताते हैं कि यहां तैनात रही शिक्षिका के दस्तावेजों में भी कुछ गड़बड़ी है। इसके चलते ही राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर शैक्षिक अभिलेखों की जांच के आदेश दिए जाने से हड़कंप मचा है। संबंधित शिक्षिका के अभिलेखों का सही से सत्यापन हो गया तो उसका फसना तय बताया जा रहा है।
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कासगंज में अनामिका नाम से रजपालपुर की सुप्रिया को नौकरी दिलाने वाले मास्टरमाइंड शिक्षक को गांव के कई लोग पहचानते हैं। वे बताते हैं कि शिक्षक इकहरे बदन वाला है व एक कंधा झुकाकर चलता है। दावा यह भी है कि उसका नाम भले ही राज उर्फ नीतू न हो, लेकिन वह कायमगंज बीआरसी क्षेत्र में ही तैनात है। वह मैनपुरी जनपद के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला खार का निवासी बताया गया है।
मास्टर माइंड शिक्षक राज उर्फ नीतू का पहले से सुप्रिया के यहां आना जाना था। सुप्रिया के जेल जाने के बाद सोमवार को उसके पिता महिपाल सिंह जाटव कासगंज गए थे। उन्होंने बताया कि सोरों कोतवाली पुलिस ने पुत्र को उनके सुपुर्द कर दिया। मंगलवार दोपहर वे गांव आ गए। उन्होंने बताया कि वे व उनका परिवार मास्टरमाइंड शिक्षक को अच्छी तरह जानते हैं।
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सिर्फ नाम सही नहीं मालूम है। वह भोगांव के नगला खार का निवासी है। कासगंज पुलिस को भी उसके बारे अहम सुराग मिल गए हैं। वहां की पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी के लिए जाल बुन दिया है। रजपालपुर के लोगों की मानें तो वह गांव में सफेद कार से आता था।
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गलत नाम होने से उसका कोई सुराग नहीं लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक अभी भी शिक्षक कायमगंज बीआरसी क्षेत्र में ही तैनात है। महिपाल सिंह ने बताया कि कासगंज जेल में वे अपनी बेटी से मुलाकात कर लौट आए हैं। दुखी मन से बताया कि बेटी की नौकरी के लिए भैंस बेचकर रुपये दिए थे। यह नहीं जाना था कि बेटी जेल चली जाएगी।
बा विद्यालय की एक शिक्षिका के संपर्क में था शिक्षक
कायमगंज। फर्रुखाबाद-कायमगंज रोड पर गांव दमदमा स्थित बा विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका से भी मास्टरमाइंड शिक्षक का मेलजोल बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक वह अक्सर अपनी सफेद कार से उससे मिलने जाता और अकेले में बैठकर बात करता था। जब कोई अन्य शिक्षिका या गार्ड एतराज करता तो वह उनसे भी भिड़ जाता था।
यहां भी उसने अपना नाम नीतू उर्फ राज ही बताया था। सूत्रों बताते हैं कि यहां तैनात रही शिक्षिका के दस्तावेजों में भी कुछ गड़बड़ी है। इसके चलते ही राज्य परियोजना निदेशक के आदेश पर शैक्षिक अभिलेखों की जांच के आदेश दिए जाने से हड़कंप मचा है। संबंधित शिक्षिका के अभिलेखों का सही से सत्यापन हो गया तो उसका फसना तय बताया जा रहा है।