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गुरु समाज का पथ प्रदर्शक - जेडी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:40 PM IST
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गुरु समाज का पथ प्रदर्शक है। बच्चों का सही मार्गदर्शन करना गुरुजनों की
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जिम्मेदारी है। इसको शिक्षक भूलते जा रहे हैं। इस कारण शिक्षा के स्तर में
गिरावट हो रही है। इसमें सुधार की जरूरत है। तभी अन्य विभागों के अफसरों की
नजरों में शिक्षा विभाग के अफसरों की अहमियत बढ़ेगी। अभी अन्य विभाग के
अफसर शिक्षा विभाग के अफसरों को अच्छी नजर से नहीं देखते हैं। यह बात
संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने जीजीआईसी में हुई शैक्षिक
संवर्द्धन संगोष्ठी/ कार्यशाला मेें कही।
राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़ में शुक्रवार को जनपदीय शैक्षिक संवर्द्धन संगोष्ठी/ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कहा कि शिक्षा समाज की आधार शिला है। इस पर सभी लोग आधारित हैं। अच्छे समाज की स्थापना की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभानी होगी। तभी गुणवत्ता में सुधार होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने कहा कि परिवर्तन बिना विकास नहीं होता है। इस कारण छात्र छात्राओं के विकास के लिए अब परिवर्तन की जरूरत है। स्कूलों में छोटे-छोटे परिवर्तन कर शिक्षा में सुधार किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है, इस धारणा को अब बदलना होगा। जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उनको पढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
इस दौरान प्रधानाचार्य राजीव गंगवार, प्रधानाचार्या मीना यादव, प्रधानाचार्य वीके सिंह, उप प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम सिंह यादव, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा राजीव मिश्रा, डीसी एसके पांडेय, राजेश अग्निहोत्री व माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के शिक्षक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
राजकीय बालिका इंटर कालेज फतेहगढ़ में शुक्रवार को जनपदीय शैक्षिक संवर्द्धन संगोष्ठी/ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कहा कि शिक्षा समाज की आधार शिला है। इस पर सभी लोग आधारित हैं। अच्छे समाज की स्थापना की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभानी होगी। तभी गुणवत्ता में सुधार होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल ने कहा कि परिवर्तन बिना विकास नहीं होता है। इस कारण छात्र छात्राओं के विकास के लिए अब परिवर्तन की जरूरत है। स्कूलों में छोटे-छोटे परिवर्तन कर शिक्षा में सुधार किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती है, इस धारणा को अब बदलना होगा। जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं, उनको पढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
इस दौरान प्रधानाचार्य राजीव गंगवार, प्रधानाचार्या मीना यादव, प्रधानाचार्य वीके सिंह, उप प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम सिंह यादव, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा राजीव मिश्रा, डीसी एसके पांडेय, राजेश अग्निहोत्री व माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों के शिक्षक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।