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सीएमएस से लेकर कई चिकित्सक अस्पताल से रहे नदारद

Mon, 09 Mar 2015 11:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 09 Mar 2015 11:03 PM IST
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Many physicians were absent from CMS Hospital
डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं।
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अस्पताल से सीएमएस से लेकर डाक्टर तक नदारद रहते हैं। ऐसे में दूर दराज से आने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है। उन्हें दवाएं भी नहीं मिल रही है। यह नजारा सोमवार को जिलाधिकारी ने खुद अपनी आंखों से देखा। उन्होंने सख्ती बरतते हुए अस्पताल से नदारद रहने वाले चिकित्सकों के वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीएमएस को फटकार लगाते हुए हटाने की चेतावनी दी है।
सोमवार को फाइलेरिया दिवस था।

डीएम का काफिला सुबह करीब 9.30 बजे लकूला पहुंचा। डीएम ने यहां के लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से फाइलेरिया की दवा वितरित की।  इसके बाद डीएम 9.45 बजे  लोहिया अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। डीएम के अचानक छापा मारने से अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अस्पताल की खामियों को छुपाने की कोशिश की जाने लगी। तब तक काफी देर हो चुकी थी। लाइन में लगे मरीजाें ने डीएम को बताया कि वह लोग तो अस्पताल समय से जाते हैं लेकिन डाक्टर 10 बजे के बाद ही आते हैं।

इसके बाद डीएम अस्पताल का निरीक्षण किया तो कई चिकित्सक अपने कक्षाें से गायब मिले। केवल डा. विवेक सक्सेना ही अपने कक्ष में थे। निरीक्षण के दौरान ही डा. मनोज कुमार रतमेले पहुंचे। सीएमएस डा. रतन कुमार भी आ गए। अस्पताल में डाक्टरों के न होने पर डीएम ने सीएमएस की जमकर लताड़ लगाई। उन्हाेंने सीएमएस को हटाने की  चेतावनी दे दी। इसके बाद महिला अस्पताल का मुआयना किया। यहां महिला सीएमएस ही नदारद थीं। इसके बाद वे आपातकालीन कक्ष में पहुंचे।

यहां सर्जन डा. कमलेश शर्मा की ड्यूटी थी लेकिन वह नहीं थे। कुछ ही समय बाद भर्ती मरीजों को देखकर डा. शर्मा आ गए। उनसे आपातकालीन ड्यूटी पर न होने के बारे में पूछी तो उन्हाेंने  बताया कि वह अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने के साथ ही उनकी पट्टी करने गए थे। तभी सीएमओ डा. राकेश कुमार भी पहुंच गए। सीएमओ को भी डीएम ने हड़का दिया। उन्हाेंने कहा कि अस्पताल में अव्यवस्थाएं है।

डाक्टर समय से नहीं आ रहे हैं। डीएम ने गैरहाजिर मिले सभी डाक्टरों का वेतन काटने के आदेश दिए।  उधर, सीएमएस डा. रतन कुमार ने बताया कि डा. बीबी पुष्कर, डा. अजय कुमार और डा. राजेश तिवारी नहीं आए थे। इनका वेतन काटने के आदेश किए गए हैं।

डीएम का हर प्रयास हो रहा फेल
लोहिया अस्पताल को सुधारने के लिए जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने कई प्रयास किए। कार्यभार ग्रहण करते हुए उन्होंने पहला दौरा लोहिया अस्पताल का किया। सिटी मजिस्ट्रेट को करीब माहभर तक नियमिति अस्पताल का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। कुछ समय के लिए व्यवस्थाओं में सुधार हुआ। अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने की वजह से डीएम को वाहवाही भी मिली।

लेकिन फिर हालत जस के तस हो गए हैं। इसकी झलक सोमवार को साफ तौर पर दिखी। अब चर्चा यह है कि जिलाधिकारी अस्पताल को सुधार पाते हैं अथवा अन्य अफसरों की तरह घुड़की देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। 
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