{"_id":"6511d686437188b21300bdb4","slug":"lover-convicted-of-killing-girls-father-in-protest-against-love-affair-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1019-3360-2023-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: प्रेम प्रसंग के विरोध में युवती के पिता की हत्या में प्रेमी पर दोषसिद्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: प्रेम प्रसंग के विरोध में युवती के पिता की हत्या में प्रेमी पर दोषसिद्ध
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। पुत्री से प्रेम प्रसंग के विरोध में 16 वर्ष पहले पिता की हत्या में प्रेमी को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) महेंद्र सिंह ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी करार दिया है। दुकानदार की पुत्री की गिरफ्तारी नहीं होने पर फाइल को पृथक कर दिया गया। कोर्ट ने सजा सुनाने के लिए 27 सितंबर की तिथि तय की है।
जनपद एटा थाना राजाका रामपुर गांव पहरा निवासी मुलायम सिंह ने 26 सितंबर 2007 को शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि भाई रमेश उर्फ मुन्ना की शहर कोतवाली के मोहल्ला कछियाना में ससुराल है। भाई की पत्नी की वर्ष 1997 में मौत हो गई थी। भाई के एक बेटी नेहा व बेटा हिमांशु है।
भाई रमेश उर्फ मुन्ना ने शहर कोतवाली के मोहल्ला आरा कसान में मकान बनवाया। नीचे के हिस्से में परचूनी की दुकान खोल ली। 26 सितंबर 2007 को मोहल्ले के लोगों ने सूचना दी कि भाई के मकान के गेट पर दो दिन से ताला लगा है। मुलायम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। कमरे के अंदर रमेश उर्फ मुन्ना का शव बोरियों से ढका मिला। विवेचक ने छानबीन की तो मोहल्ले के जीतू का नाम प्रकाश में आया। जीतू का रमेश की पुत्री नेहा से प्रेम प्रसंग था। रमेश इसका विरोध करता था। 24 सितंबर को जीतू व नेहा ने मिलकर रमेश की हत्या कर दी।
विज्ञापन
विवेचक ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। नेहा की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी फाइल को पृथक कर दिया गया। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर जीतू को दोषी करार दिया है। सजा सुनाने के लिए 27 सितंबर की तिथि तय की है।
विज्ञापन
जनपद एटा थाना राजाका रामपुर गांव पहरा निवासी मुलायम सिंह ने 26 सितंबर 2007 को शहर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि भाई रमेश उर्फ मुन्ना की शहर कोतवाली के मोहल्ला कछियाना में ससुराल है। भाई की पत्नी की वर्ष 1997 में मौत हो गई थी। भाई के एक बेटी नेहा व बेटा हिमांशु है।
विज्ञापन
भाई रमेश उर्फ मुन्ना ने शहर कोतवाली के मोहल्ला आरा कसान में मकान बनवाया। नीचे के हिस्से में परचूनी की दुकान खोल ली। 26 सितंबर 2007 को मोहल्ले के लोगों ने सूचना दी कि भाई के मकान के गेट पर दो दिन से ताला लगा है। मुलायम सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस को बुलाकर दरवाजा खुलवाया। कमरे के अंदर रमेश उर्फ मुन्ना का शव बोरियों से ढका मिला। विवेचक ने छानबीन की तो मोहल्ले के जीतू का नाम प्रकाश में आया। जीतू का रमेश की पुत्री नेहा से प्रेम प्रसंग था। रमेश इसका विरोध करता था। 24 सितंबर को जीतू व नेहा ने मिलकर रमेश की हत्या कर दी।
विज्ञापन
विवेचक ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। नेहा की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी फाइल को पृथक कर दिया गया। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर जीतू को दोषी करार दिया है। सजा सुनाने के लिए 27 सितंबर की तिथि तय की है।