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Farrukhabad News: लोहिया पुरुष अस्पताल में छह साल की खरीद की जांच शुरू
Wed, 05 Jul 2023 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:21 AM IST
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में वर्ष 2017-18 से अब तक हुई खरीद की जांच शुरू हो गई है। शासन ने संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रचना गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्हीं के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी परिवार कल्याण निष्ठा श्रीवास्तव व एसीएमओ दलवीर सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने इन सालों में हुई खरीद का रिकार्ड तलब किया। अधिकारी करीब ढाई घंटे तक रिकार्ड खंगालते रहे।
लोहिया पुरुष अस्पताल में अलग-अलग मदों में आने वाले धन से स्थानीय स्तर पर खरीद की जाती है। इसमें बड़ी रकम ऐसी है जिसके भुगतान को संदिग्ध माना जा रहा है। मामले में कुछ ठेकेदारों और खरीद के बाद भुगतान न होने पर पीड़ितों ने शासन से शिकायत की। शासन ने इसको गंभीरता से लिया। शासन ने अस्पताल में वर्ष 2017-18 से अब तक किस मद में वर्षवार कितना धन मिला और उसे कैसे खर्च किया गया। इसका पूरा ब्योरा तलब कर लिया। इसकी जिम्मेदारी संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रचना गुप्ता को सौंपी।
संयुक्त निदेशक ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारी परिवार कल्याण निष्ठा श्रीवास्तव व एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह को लोहिया अस्पताल भेजा। जांच के लिए दोनों अधिकारी दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल पहुंचे। इससे पहले ही सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने सभी रिकार्ड एकत्रित करके रख लिया। जांच टीम के दोनों अधिकारियों ने करीब ढाई घंटे तक रिकार्ड को खंगाला।
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स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते हैं कि यह टीम सभी रिकार्ड देखकर पत्रावलियाें की एक कॉपी अपने पास रखेगी। जल्द ही संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य के आने पर पूरा मामला उनके सामने रखा जाएगा। वह अपने स्तर से जो भी अन्य जानकारियां हासिल करनी होंगी, उसे भी सीएमएस से मंगवा लेंगी। अस्पताल के दफ्तर में दिन भर कर्मचारी पत्रावलियां निकालने में व्यस्त रहे।
संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रचना गुप्ता ने जानकारी जुटाने वाली टीम में प्रशासनिक अधिकारी परिवार कल्याण निष्ठा श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह व एआरओ राममोहन कटियार को शामिल किया था। एआरओ राममोहन कटियार पहले लोहिया पुरुष अस्पताल में तैनात रहे। इसके अलावा उनके हाल ही में गैर जनपद स्थानांतरण हो चुका है। लिहाजा उन्हें जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया।
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि पिछले छह साल से काफी खरीद के भुगतान नहीं हुए हैं। शासन ने भुगतान न होने की वजहों की जांच शुरू करवाई है। कुछ सीएमएस सेवानिवृत्त हो चुके हैं। छह जुलाई को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य खुद जांच करने आएंगी।
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लोहिया पुरुष अस्पताल में अलग-अलग मदों में आने वाले धन से स्थानीय स्तर पर खरीद की जाती है। इसमें बड़ी रकम ऐसी है जिसके भुगतान को संदिग्ध माना जा रहा है। मामले में कुछ ठेकेदारों और खरीद के बाद भुगतान न होने पर पीड़ितों ने शासन से शिकायत की। शासन ने इसको गंभीरता से लिया। शासन ने अस्पताल में वर्ष 2017-18 से अब तक किस मद में वर्षवार कितना धन मिला और उसे कैसे खर्च किया गया। इसका पूरा ब्योरा तलब कर लिया। इसकी जिम्मेदारी संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रचना गुप्ता को सौंपी।
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संयुक्त निदेशक ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारी परिवार कल्याण निष्ठा श्रीवास्तव व एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह को लोहिया अस्पताल भेजा। जांच के लिए दोनों अधिकारी दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल पहुंचे। इससे पहले ही सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने सभी रिकार्ड एकत्रित करके रख लिया। जांच टीम के दोनों अधिकारियों ने करीब ढाई घंटे तक रिकार्ड को खंगाला।
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स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते हैं कि यह टीम सभी रिकार्ड देखकर पत्रावलियाें की एक कॉपी अपने पास रखेगी। जल्द ही संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य के आने पर पूरा मामला उनके सामने रखा जाएगा। वह अपने स्तर से जो भी अन्य जानकारियां हासिल करनी होंगी, उसे भी सीएमएस से मंगवा लेंगी। अस्पताल के दफ्तर में दिन भर कर्मचारी पत्रावलियां निकालने में व्यस्त रहे।
संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रचना गुप्ता ने जानकारी जुटाने वाली टीम में प्रशासनिक अधिकारी परिवार कल्याण निष्ठा श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह व एआरओ राममोहन कटियार को शामिल किया था। एआरओ राममोहन कटियार पहले लोहिया पुरुष अस्पताल में तैनात रहे। इसके अलावा उनके हाल ही में गैर जनपद स्थानांतरण हो चुका है। लिहाजा उन्हें जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया।
सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि पिछले छह साल से काफी खरीद के भुगतान नहीं हुए हैं। शासन ने भुगतान न होने की वजहों की जांच शुरू करवाई है। कुछ सीएमएस सेवानिवृत्त हो चुके हैं। छह जुलाई को संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य खुद जांच करने आएंगी।