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लोहिया में सर्जन नहीं, ओटी शोपीस
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Wed, 06 Jan 2016 11:38 PM IST
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में तीन महीने से सर्जन न होने से आपरेशन थियेटर बंद है। सर्जन की तैनाती के लिए जिले से लिखी जा रहीं चिट्ठियां शासन में डंप हो जाती हैं। सर्जन न होने से लोहिया अस्पताल रेफर यूनिट बन गया है। गंभीर मरीजों को यहां से कानपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है।
लोहिया अस्पताल में फर्रुखाबाद के अलावा कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी, शाहजहांपुर जिलों के मरीज भी आते हैं। अस्पताल में तीन ओटी हैं। अस्पताल में दो सर्जन, दो ईएनटी सर्जन और दो अस्थि रोग विशेषज्ञों के पद हैं। यहां सितंबर तक सर्जन डा. कमलेश शर्मा, ईएनटी सर्जन डा. मनोज कुमार रतमेले की तैनाती थी। यह महीने में 30 से 35 आपरेशन करते थे।
अक्तूबर में डा. कमलेश शर्मा व मनोज कुमार रतमेले का तबादला गैरजनपद कर दिया गया। इनकी जगह किसी को तैनाती नहीं मिली। सर्जन जेपी सचान दो माह से छुट्टी पर हैं। तीन माह से ओटी बंद हैं। ओटी को केवल साफ सफाई के लिए खोला जाता है। इसके बाद ताला लग जाता है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. बीके दुबे अपने महकमे की ओटी में आपरेशन करते हैं। सर्जरी से जुड़े केस इमरजेंसी से रेफर कर दिए जाते हैं।
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मॉडल ओटी में कोई भी आपरेशन नहीं
लोहिया अस्पताल में वर्ष 2005-2006 में मॉडल ओटी बनाई गई थी। इस पर मोटा पैसा खर्च हुआ। महंगे उपकरण खरीदे गए थे। सर्जनों की तैनाती के बाद भी इस ओटी में कभी भी कोई आपरेशन नहीं हुआ। इससे उपकरण खराब होने की स्थिति में हैं। बताया गया कि इस ओटी के लिए 24 घंटे बिजली होनी चाहिए। यह मिल नहीं पाती। इससे यह हमेशा बंद ही रहती है।
ईएनटी ओटी भी बंद
लोहिया अस्पताल में ईएनटी (नाक, कान, गला) की ओटी भी है। इस ओटी में खामियां होने के कारण इसको बंद कर दिया गया था। ईएनटी मरीजों के आपरेशन सर्जरी की ओटी में करते थे।
शासन को लिखी गईं चिट्ठियां
लोहिया अस्पताल में सर्जन और ईएनटी की तैनाती के लिए शासन को कई बार चिट्ठियां लिखी गईं। डीएम ने भी शासन के मुख्य सचिव को लिखा है। इससे जल्द ही सर्जन की तैनाती की उम्मीद।
डा. राकेश कुमार, सीएमओ
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लोहिया अस्पताल में फर्रुखाबाद के अलावा कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी, शाहजहांपुर जिलों के मरीज भी आते हैं। अस्पताल में तीन ओटी हैं। अस्पताल में दो सर्जन, दो ईएनटी सर्जन और दो अस्थि रोग विशेषज्ञों के पद हैं। यहां सितंबर तक सर्जन डा. कमलेश शर्मा, ईएनटी सर्जन डा. मनोज कुमार रतमेले की तैनाती थी। यह महीने में 30 से 35 आपरेशन करते थे।
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अक्तूबर में डा. कमलेश शर्मा व मनोज कुमार रतमेले का तबादला गैरजनपद कर दिया गया। इनकी जगह किसी को तैनाती नहीं मिली। सर्जन जेपी सचान दो माह से छुट्टी पर हैं। तीन माह से ओटी बंद हैं। ओटी को केवल साफ सफाई के लिए खोला जाता है। इसके बाद ताला लग जाता है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. बीके दुबे अपने महकमे की ओटी में आपरेशन करते हैं। सर्जरी से जुड़े केस इमरजेंसी से रेफर कर दिए जाते हैं।
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मॉडल ओटी में कोई भी आपरेशन नहीं
लोहिया अस्पताल में वर्ष 2005-2006 में मॉडल ओटी बनाई गई थी। इस पर मोटा पैसा खर्च हुआ। महंगे उपकरण खरीदे गए थे। सर्जनों की तैनाती के बाद भी इस ओटी में कभी भी कोई आपरेशन नहीं हुआ। इससे उपकरण खराब होने की स्थिति में हैं। बताया गया कि इस ओटी के लिए 24 घंटे बिजली होनी चाहिए। यह मिल नहीं पाती। इससे यह हमेशा बंद ही रहती है।
ईएनटी ओटी भी बंद
लोहिया अस्पताल में ईएनटी (नाक, कान, गला) की ओटी भी है। इस ओटी में खामियां होने के कारण इसको बंद कर दिया गया था। ईएनटी मरीजों के आपरेशन सर्जरी की ओटी में करते थे।
शासन को लिखी गईं चिट्ठियां
लोहिया अस्पताल में सर्जन और ईएनटी की तैनाती के लिए शासन को कई बार चिट्ठियां लिखी गईं। डीएम ने भी शासन के मुख्य सचिव को लिखा है। इससे जल्द ही सर्जन की तैनाती की उम्मीद।
डा. राकेश कुमार, सीएमओ