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फसल की बर्बादी ने ली महिला किसान की जान
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 14 Apr 2015 11:33 PM IST
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दो बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद होने के गम में महिला किसान की
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सांसें थम गईं। एसडीएम सदर ने क्षेत्रीय लेखपाल के साथ गांव पहुंच कर मृतका
के खेत का जायजा लिया। उन्हें जमीन पर पसरी गेहूं की फसल 15 फीसदी खराब
नजर आई।
गांव मदनपुर निवासी विधवा सुशीला देवी (55) के पास सात बीघा खेत था। दो बीघा में गेहूं बोया था। सोमवार को वह अपने
पुत्र उमेश चंद्र व प्रेमचंद्र के साथ फसल को कटवाने गई थी। नमी होने के कारण वह बिना फसल काटे घर लौट आई। गेहूं की फसल खराब देख इन्हें सदमा लग गया। अचानक तबियत खराब हुई और वह कमरे जाकर लेट गई। हृदय गति रुकने से इनकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर मंगलवार को एसडीएम सदर सुनील कुमार क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप माथुर के साथ गांव पहुंचे।
एसडीएम ने लेखपाल के साथ मृतका के खेत का मुआयना किया। एसडीएम को खेत में पसरी फसल 15 फीसदी खराब नजर आई। एसडीएम ने कहा कि अधिक नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। मृतका के पुत्र उमेश चंद्र ने बताया कि फसल बर्बाद होने के कारण मां की हार्टअटैक से मौत हो गई है।
गांव मदनपुर निवासी विधवा सुशीला देवी (55) के पास सात बीघा खेत था। दो बीघा में गेहूं बोया था। सोमवार को वह अपने
पुत्र उमेश चंद्र व प्रेमचंद्र के साथ फसल को कटवाने गई थी। नमी होने के कारण वह बिना फसल काटे घर लौट आई। गेहूं की फसल खराब देख इन्हें सदमा लग गया। अचानक तबियत खराब हुई और वह कमरे जाकर लेट गई। हृदय गति रुकने से इनकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर मंगलवार को एसडीएम सदर सुनील कुमार क्षेत्रीय लेखपाल प्रदीप माथुर के साथ गांव पहुंचे।
एसडीएम ने लेखपाल के साथ मृतका के खेत का मुआयना किया। एसडीएम को खेत में पसरी फसल 15 फीसदी खराब नजर आई। एसडीएम ने कहा कि अधिक नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। मृतका के पुत्र उमेश चंद्र ने बताया कि फसल बर्बाद होने के कारण मां की हार्टअटैक से मौत हो गई है।