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बालक हत्याकांड में दो भाइयों को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Wed, 06 Jul 2016 10:49 PM IST
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जेल
फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अब्दुल मोवीन ने बालक का अपहरण कर हत्या करने के मुकदमे में सगे दो भाइयों को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हाता सफीक खां भीखमपुरा निवासी लालाराम की पत्नी गुरुगांव मंदिर के बाहर फू ल और मालाएं बेचने का काम करती थी। इसके अवैध संबंध मंदिर के पुजारी रामलाल से हो गए। महिला ने बच्चे को जन्म दिया। छह साल की आयु होने पर 20 नवंबर 2004 को मंदिर पुजारी रामलाल के पुत्र अमर सिंह व अन्नू उर्फ अनुज लालाराम के घर आए और पुत्र विकास को मंदिर ले जाने के बहाने से बुला ले गए।
इसकी जानकारी होने पर लालाराम की पत्नी 21 नवंबर 2004 को मंदिर गई और अपने पुत्र के संबंध में जानकारी की। वहां पता चला कि पुत्र विकास मंदिर नहीं आया। खोजबीन के दौरान मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित खेतों की झाड़ियों में बालक विकास का शव पड़ा मिला। इसके गले में अंगौछा का फंदा बंधा हुआ था। इस मामले की लालाराम ने पुजारी रामलाल के पुत्र अमर सिंह व अन्नू उर्फ अनुज के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच में पता चला कि रामलाल की संपत्ति में विकास का अधिकार न हो इस कारण हत्या की गई। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीकिशोर मिश्र ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने बालक की हत्या करने के जुर्म में आरोपी दोनों भाइयों को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित कि
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मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हाता सफीक खां भीखमपुरा निवासी लालाराम की पत्नी गुरुगांव मंदिर के बाहर फू ल और मालाएं बेचने का काम करती थी। इसके अवैध संबंध मंदिर के पुजारी रामलाल से हो गए। महिला ने बच्चे को जन्म दिया। छह साल की आयु होने पर 20 नवंबर 2004 को मंदिर पुजारी रामलाल के पुत्र अमर सिंह व अन्नू उर्फ अनुज लालाराम के घर आए और पुत्र विकास को मंदिर ले जाने के बहाने से बुला ले गए।
इसकी जानकारी होने पर लालाराम की पत्नी 21 नवंबर 2004 को मंदिर गई और अपने पुत्र के संबंध में जानकारी की। वहां पता चला कि पुत्र विकास मंदिर नहीं आया। खोजबीन के दौरान मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित खेतों की झाड़ियों में बालक विकास का शव पड़ा मिला। इसके गले में अंगौछा का फंदा बंधा हुआ था। इस मामले की लालाराम ने पुजारी रामलाल के पुत्र अमर सिंह व अन्नू उर्फ अनुज के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जांच में पता चला कि रामलाल की संपत्ति में विकास का अधिकार न हो इस कारण हत्या की गई। विवेचक ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीकिशोर मिश्र ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने बालक की हत्या करने के जुर्म में आरोपी दोनों भाइयों को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित कि
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