{"_id":"655e50309dd1cce04d001a04","slug":"life-imprisonment-to-three-culprits-in-murder-of-villager-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1019-5355-2023-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: ग्रामीण की हत्या में तीन दोषियों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: ग्रामीण की हत्या में तीन दोषियों को उम्रकैद
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। ग्रामीण की हत्या में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार ने गवाह साक्ष्य के आधार पर तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
तीनों दोषियों पर 1.63 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव हकीकतपुर निवासी सुनील कुमार ने गांव के रामरतन उर्फ पप्पू, रामऔतार, विनोद, रामरहीश, रघुनाथ सिंह व रमेश के खिलाफ आठ फरवरी 2005 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि आठ फरवरी 2005 को पिता राजेंद्र कुमार सिंह उर्फ ज्ञान सिंह प्रतिदिन की तरह ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना लादकर मिल पर ले जा रहे थे, सुनील ट्रैक्टर-ट्राॅली के पीछे आ रहा था।
रास्ते में रामरतन सहित सभी छह लोगों ने पिता राजेंद्र सिंह पर अंधाधुंध फायरिंग की। गोली लगने से पिता राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर जानमाल की धमकी देकर फरार हो गए थे।
विवेचक ने रामरतन उर्फ पप्पू सहित सभी छह लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई ईसी एक्ट कोर्ट में चल रही है। आरोपी रमेश की फाइल पृथक कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रामरतन उर्फ पप्पू व रघुनाथ सिंह की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से हरिनाथ सिंह, अखिलेश राजपूत, भानू प्रताप सिंह ने दलीलें दीं।
विज्ञापन
कोर्ट ने मंगलवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी रामऔतार, विनोद व रामरहीश को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को 1.63 लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना न देने पर तीनों दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा।
विज्ञापन
तीनों दोषियों पर 1.63 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव हकीकतपुर निवासी सुनील कुमार ने गांव के रामरतन उर्फ पप्पू, रामऔतार, विनोद, रामरहीश, रघुनाथ सिंह व रमेश के खिलाफ आठ फरवरी 2005 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि आठ फरवरी 2005 को पिता राजेंद्र कुमार सिंह उर्फ ज्ञान सिंह प्रतिदिन की तरह ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना लादकर मिल पर ले जा रहे थे, सुनील ट्रैक्टर-ट्राॅली के पीछे आ रहा था।
रास्ते में रामरतन सहित सभी छह लोगों ने पिता राजेंद्र सिंह पर अंधाधुंध फायरिंग की। गोली लगने से पिता राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर जानमाल की धमकी देकर फरार हो गए थे।
विज्ञापन
विवेचक ने रामरतन उर्फ पप्पू सहित सभी छह लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई ईसी एक्ट कोर्ट में चल रही है। आरोपी रमेश की फाइल पृथक कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रामरतन उर्फ पप्पू व रघुनाथ सिंह की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से हरिनाथ सिंह, अखिलेश राजपूत, भानू प्रताप सिंह ने दलीलें दीं।
विज्ञापन
कोर्ट ने मंगलवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर आरोपी रामऔतार, विनोद व रामरहीश को दोषी करार किया था। बुधवार को न्यायाधीश ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को 1.63 लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना न देने पर तीनों दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा।