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Farrukhabad News: ड्राइवर की गोली मारकर हत्या में दोषी को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। नौ वर्ष पहले ट्रक खड़ा करने के विवाद में ड्राइवर की गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 24 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में भाई सहित दो को दोषमुक्त कर दिया था।
मेरापुर थाना क्षेत्र के संकिसा बसंतपुर निवासी तिलक सिंह ने अनुज दीक्षित उर्फ करू, भाई अरुण उर्फ बंटी, चिंटू उर्फ कुलदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि उसका पुत्र अतिराज उर्फ गूंगे ट्रक चालक है। 6 मार्च 2015 को वह गांव आया। ट्रक चक्की के सामने खड़ा कर दिया।
इस पर अनुज ने ट्रक खड़ा करने का विरोध कर मारपीट कर दी। लोगों ने बीच बचाव कर मामला निपटा दिया। 8 मार्च 2015 को पुत्र अतिराज, भाई बदन सिंह व तिलक सिंह सड़क से घर की ओर जा रहे थे। पहले से घात लगाकर बैठे अनुज दीक्षित, अरुण व कुलदीप ने जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अतिराज घायल हो गया।
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उसको अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने अतिराज को मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज विनय कुमार तृतीय ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर अनुज दीक्षित उर्फ करू को दोषी करार किया। साक्ष्य के अभाव में भाई अरुण उर्फ बंटी व चिंटू उर्फ कुलदीप को दोषमुक्त कर दिया था।
शुक्रवार को जिला जज ने दोषी अनुज दीक्षित उर्फ करू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 24 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगा होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह, श्रवण कुमार व संजीव पाल ने दलीलें दीं।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के संकिसा बसंतपुर निवासी तिलक सिंह ने अनुज दीक्षित उर्फ करू, भाई अरुण उर्फ बंटी, चिंटू उर्फ कुलदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि उसका पुत्र अतिराज उर्फ गूंगे ट्रक चालक है। 6 मार्च 2015 को वह गांव आया। ट्रक चक्की के सामने खड़ा कर दिया।
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इस पर अनुज ने ट्रक खड़ा करने का विरोध कर मारपीट कर दी। लोगों ने बीच बचाव कर मामला निपटा दिया। 8 मार्च 2015 को पुत्र अतिराज, भाई बदन सिंह व तिलक सिंह सड़क से घर की ओर जा रहे थे। पहले से घात लगाकर बैठे अनुज दीक्षित, अरुण व कुलदीप ने जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अतिराज घायल हो गया।
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उसको अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने अतिराज को मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज विनय कुमार तृतीय ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर अनुज दीक्षित उर्फ करू को दोषी करार किया। साक्ष्य के अभाव में भाई अरुण उर्फ बंटी व चिंटू उर्फ कुलदीप को दोषमुक्त कर दिया था।
शुक्रवार को जिला जज ने दोषी अनुज दीक्षित उर्फ करू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 24 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगा होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह, श्रवण कुमार व संजीव पाल ने दलीलें दीं।