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Farrukhabad News: जानलेवा हमला करने में पिता व पुत्रों को उम्रकैद
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फर्रुखाबाद। बेटी के प्रेमी पर जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने पिता सहित दो पुत्रों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को उम्रकैद व 25 -25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी राम प्रकाश गुप्ता ने न्यायालय के आदेश पर पुत्र अनिल कुमार की प्रेमिका के पिता उसके दो भाइयों के खिलाफ पुत्र की हत्या करने के प्रयास में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि पड़ोसी हरगोविंद सिंह की बेटी मीनू उर्फ रेनू से पुत्र अनिल कुमार का प्रेम-प्रसंग था। 8 जून 1998 को अनिल कुमार वैष्णो देवी के दर्शन कर घर लौटा था। वह दरवाजे पर खड़ा था। उसी समय मीनू ने छत से पुत्र को आवाज लगाई।
इस पर हरगोविंद उसके पुत्र योगेश व देवेश बाहर निकले। अनिल को घसीटते हुए मकान के अंदर खींच ले गए। सभी ने लात-घूसों से पीटा। चीख सुनकर वह पुत्र शिव व विमल के साथ पहुंचे। उसी समय हरगोविंद ने तमंचे से पुत्र के गोली मार दी। पुत्र घायल होकर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर मीनू बचाने आई। उस पर योगेश ने चाकू से कई वार किए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घायल अनिल को सीएचसी कमालगंज ले जाया गया। घटना के मामले में पुलिस ने तहरीर देने के बाद मुकदमा दर्ज नहीं किया। कोर्ट के आदेश से हरगोविंद सिंह, योगेश, देवेश के खिलाफ हत्या करने के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचक ने हरगोविंद सिंह, योगेश, देवेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे तीन शैलेंद्र सचान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हरगोविंद सिंह, योगेश, देवेश को दोषी करार दिया। प्रत्येक को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिए। जुर्माने की पूरी धनराशि अनिल कुमार को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया।
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कमालगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी राम प्रकाश गुप्ता ने न्यायालय के आदेश पर पुत्र अनिल कुमार की प्रेमिका के पिता उसके दो भाइयों के खिलाफ पुत्र की हत्या करने के प्रयास में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि पड़ोसी हरगोविंद सिंह की बेटी मीनू उर्फ रेनू से पुत्र अनिल कुमार का प्रेम-प्रसंग था। 8 जून 1998 को अनिल कुमार वैष्णो देवी के दर्शन कर घर लौटा था। वह दरवाजे पर खड़ा था। उसी समय मीनू ने छत से पुत्र को आवाज लगाई।
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इस पर हरगोविंद उसके पुत्र योगेश व देवेश बाहर निकले। अनिल को घसीटते हुए मकान के अंदर खींच ले गए। सभी ने लात-घूसों से पीटा। चीख सुनकर वह पुत्र शिव व विमल के साथ पहुंचे। उसी समय हरगोविंद ने तमंचे से पुत्र के गोली मार दी। पुत्र घायल होकर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर मीनू बचाने आई। उस पर योगेश ने चाकू से कई वार किए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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घायल अनिल को सीएचसी कमालगंज ले जाया गया। घटना के मामले में पुलिस ने तहरीर देने के बाद मुकदमा दर्ज नहीं किया। कोर्ट के आदेश से हरगोविंद सिंह, योगेश, देवेश के खिलाफ हत्या करने के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचक ने हरगोविंद सिंह, योगेश, देवेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे तीन शैलेंद्र सचान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हरगोविंद सिंह, योगेश, देवेश को दोषी करार दिया। प्रत्येक को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिए। जुर्माने की पूरी धनराशि अनिल कुमार को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश दिया।