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ग्रामीण हत्या कर शव फेंकने में छह को उम्र कैद
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फर्रुखाबाद। ग्रामीण की हत्या कर शव फेंकने के मामले में एससी/एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
जनपद कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ के गांव कसियापुर निवासी मोहनी देवी ने पांच अगस्त 2009 को दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि गांव के धर्मेंद्र यादव, गुड्डू उर्फ सोबरन सिंह यादव, आशीष कुमार, नवाब सिंह यादव, पदम सिंह, वीरेंद्र उसके पति से जमीन का बैनामा कराना चाहते थे। सास, देवर वीरभान व वह स्वयं इसका विरोध करती थी।
31 जुलाई 2009 को यह सभी लोग बाइकों से घर पर आए और पति बृजेश को बुलाकर साथ ले गए। कुछ देर बाद गांव के लोगों ने उसे बताया कि बृजेश खेत का बैनामा करने के लिए गया है। रात को बृजेश ने घर पहुंचने पर बताया कि उसने साढ़े तीन डिसमिल खेत का बैनामा धर्मेंद्र व गुड्डू को कर दिया है। रुपये अभी नहीं मिले हैं। वह रात में धर्मेंद्र के घर रुपये मांगने गई तो उसने बताया कि वह कुछ रुपये दे चुका है। बाकी रुपये रक्षा बंधन के बाद देगा।
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दो अगस्त 2009 को बृजेश रक्षाबंधन पर थाना कमालगंज के गांव मेहंदिया निवासी बहन के घर चला गया । चार अगस्त को धर्मेंद्र सहित सभी लोग घर आए और पति के बारे में पूछा। मोहिनी ने गांव मेहंदिया जाने की जानकारी दी। पांच अगस्त को मोहिनी को सूचना मिली कि कमालगंज थाना क्षेत्र के बघार नाले में पति का शव पड़ा है। मोहिनी ने सभी आरोपियों पर पति की हत्या कर शव बघार नाले में फेंकने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को अदालत ने सभी दोषियों को सजा व जुर्माने से दंडित किया। सभी दोषी जिला जेल में बंद हैं।
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जनपद कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ के गांव कसियापुर निवासी मोहनी देवी ने पांच अगस्त 2009 को दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि गांव के धर्मेंद्र यादव, गुड्डू उर्फ सोबरन सिंह यादव, आशीष कुमार, नवाब सिंह यादव, पदम सिंह, वीरेंद्र उसके पति से जमीन का बैनामा कराना चाहते थे। सास, देवर वीरभान व वह स्वयं इसका विरोध करती थी।
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31 जुलाई 2009 को यह सभी लोग बाइकों से घर पर आए और पति बृजेश को बुलाकर साथ ले गए। कुछ देर बाद गांव के लोगों ने उसे बताया कि बृजेश खेत का बैनामा करने के लिए गया है। रात को बृजेश ने घर पहुंचने पर बताया कि उसने साढ़े तीन डिसमिल खेत का बैनामा धर्मेंद्र व गुड्डू को कर दिया है। रुपये अभी नहीं मिले हैं। वह रात में धर्मेंद्र के घर रुपये मांगने गई तो उसने बताया कि वह कुछ रुपये दे चुका है। बाकी रुपये रक्षा बंधन के बाद देगा।
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दो अगस्त 2009 को बृजेश रक्षाबंधन पर थाना कमालगंज के गांव मेहंदिया निवासी बहन के घर चला गया । चार अगस्त को धर्मेंद्र सहित सभी लोग घर आए और पति के बारे में पूछा। मोहिनी ने गांव मेहंदिया जाने की जानकारी दी। पांच अगस्त को मोहिनी को सूचना मिली कि कमालगंज थाना क्षेत्र के बघार नाले में पति का शव पड़ा है। मोहिनी ने सभी आरोपियों पर पति की हत्या कर शव बघार नाले में फेंकने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचक ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। बुधवार को अदालत ने सभी दोषियों को सजा व जुर्माने से दंडित किया। सभी दोषी जिला जेल में बंद हैं।