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आपरेशन कायाकल्प के घपले में कई पर गिर सकती है गाज
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का कायाकल्प कराने में बड़ा खेल किया गया है। कराए गए काम से अधिक का भुगतान किया गया है। कई जगह काम पूरा होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया। एक स्कूल में गबन उजागर होने के बाद अन्य स्कूलों की जांच के संकेत अधिकारियों ने दिए हैं। जांच में कई पंचायत सचिव और निवर्तमान ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
जनपद के करीब 1100 परिषदीय स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के तहत मरम्मत और सुंदरीकरण कराया गया है। कायाकल्प कराने में जमकर मनमानी की गई। याकूतगंज, अमृतपुर, सोताबहादुरपुर, खिनमिनी सहित गांवों में स्कूल भवनों को जर्जर घोषित कराए बिना ही ध्वस्त कराकर नया निर्माण करा दिया गया। मलबे का भी बंदरबांट हो गया।
25 दिसंबर को कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही प्रधान और पंचायत सचिवों ने निर्माण सामग्री का भुगतान कर दिया। भुगतान लगाई गई निर्माण सामग्री से अधिक का किया गया। दिसंबर के 25 दिनों में 10 लाख से अधिक भुगतान करने वाले 58 ग्राम पंचायतों के खातों की जांच में भी लीतापोती कर दी गई।
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कमालगंज बीडीओ ने ने नगला खेम रैंगाई के चार स्कूलों में चार लाख छह हजार रुपये का गबन पकड़ा। जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव को रिकवरी नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर और रिकवरी होगी। सूत्रों के अनुसार ब्लॉक के 240 स्कूलों में कायाकल्प के तहत काम कराया गया।
दिसंबर में कार्यकाल समाप्त होने से पहले करीब 24 से अधिक प्रधानों ने भूरा भुगतान कर दिया। काम कम करके पैसा अधिक खर्च दिखाया गया है। मुख्य गेट बनाने में एक लाख से अधिक और पेयजल व्यवस्था के लिए लाखों के एस्टीमेट बनाए गए हैं। झूले लगवाने में भी खेल हुआ है।
आपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यों की जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एम.अरून्मोली, मुख्य विकास अधिकारी
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जनपद के करीब 1100 परिषदीय स्कूलों में आपरेशन कायाकल्प के तहत मरम्मत और सुंदरीकरण कराया गया है। कायाकल्प कराने में जमकर मनमानी की गई। याकूतगंज, अमृतपुर, सोताबहादुरपुर, खिनमिनी सहित गांवों में स्कूल भवनों को जर्जर घोषित कराए बिना ही ध्वस्त कराकर नया निर्माण करा दिया गया। मलबे का भी बंदरबांट हो गया।
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25 दिसंबर को कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही प्रधान और पंचायत सचिवों ने निर्माण सामग्री का भुगतान कर दिया। भुगतान लगाई गई निर्माण सामग्री से अधिक का किया गया। दिसंबर के 25 दिनों में 10 लाख से अधिक भुगतान करने वाले 58 ग्राम पंचायतों के खातों की जांच में भी लीतापोती कर दी गई।
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कमालगंज बीडीओ ने ने नगला खेम रैंगाई के चार स्कूलों में चार लाख छह हजार रुपये का गबन पकड़ा। जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव को रिकवरी नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर और रिकवरी होगी। सूत्रों के अनुसार ब्लॉक के 240 स्कूलों में कायाकल्प के तहत काम कराया गया।
दिसंबर में कार्यकाल समाप्त होने से पहले करीब 24 से अधिक प्रधानों ने भूरा भुगतान कर दिया। काम कम करके पैसा अधिक खर्च दिखाया गया है। मुख्य गेट बनाने में एक लाख से अधिक और पेयजल व्यवस्था के लिए लाखों के एस्टीमेट बनाए गए हैं। झूले लगवाने में भी खेल हुआ है।
आपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यों की जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एम.अरून्मोली, मुख्य विकास अधिकारी