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वकीलों ने कचहरी और कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

Sat, 25 Sep 2021 12:26 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:26 AM IST
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Lawyers demonstrated in court and collectorate
फर्रुखाबाद। वकीलों की हड़ताल की अवधि में बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने मुकदमे की पैरवी के लिए सदर तहसील कोर्ट में वकालतनामा लगाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस पर अनुशासन समिति और महासचिव ने अध्यक्ष को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले के बीच वकीलों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही।
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फतेहगढ़ कोतवाल जेपी पाल को हटाने और डीएम व एसपी के तबादले की मांग को जिला बार एसोसिएशन की अगुवाई में वकील वकीलों की कलमबंद हड़ताल 16 सितंबर से जारी है। शुक्रवार को भी हड़ताली वकीलों ने डीएम कार्यालय के बाहर और कचहरी में प्रदर्शन किया। कोर्ट मोहर्रिर और थानों के पैरोकारों को काम के लिए कचहरी में जाने दिया गया।
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दोपहर बाद सोशल मीडिया पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव का वकालतनामा वायरल हुआ। वकालतनामा 22 सितंबर को एसडीएम सदर की कोर्ट में एक मुकदमे की पैरवी में लगाया गया है। इस पर अनुशासन समिति के सदस्य शिव प्रताप सिंह चीनू, डॉ. दीपक द्विवेदी और बार एसोसिएशन के महासचिव संजीव पारिया ने अध्यक्ष को नोटिस जारी कर दिया है। अध्यक्ष ने तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण न देने पर देने पर सामान्य सभा की बैठक कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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वकीलों को किसान यूनियन ने दिया समर्थन
वकीलों की कलमबंद हड़ताल का भाकियू टिकैत गुट ने समर्थन किया है। जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह शाक्य ने शुक्रवार को पदाधिकारियों के साथ बार एसोसिएशन कार्यालय में महासचिव से मुलाकात की। 27 को भारत बंद के दौरान वकीलों की आवाज उठाने की बात कही है।

महासचिव को सदस्यता समाप्त करने का अधिकार नहीं
फर्रुखाबाद। हड़ताल में काम करने पर पूर्व अध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर को गुरुवार अनुशासन समिति के सदस्य शिव प्रताप सिंह चीनू और महासचिव संजीव पारिया ने बार एसोसिएशन से एक माह के लिए निष्कासित कर दिया था। इस पर शुक्रवार को प्रेसवार्ता बुलाकर पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि महासचिव और अनुशासन समिति सदस्य को बार एसोसिएशन से उनकी सदस्यता समाप्त करने का अधिकार नहीं है। वकीलोें को निष्कासित करने के आदेश अवैध और कानून की नजर में शून्य हैं। वकील को बार एसोसिएशन से निष्कासित करने का अधिकार सिर्फ सदन को प्राप्त है। पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकारिणी का कार्यकाल दो वर्ष पूर्व ही समाप्त हो चुका है। वार्ता में राजीव बाजपेई, जवाहर सिंह गंगवार, सुभाष सोमवंशी, कुंवर सिंह यादव, सुनील राठौर, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, संतोष सिंह, अचल परिहार भी पूर्व अध्यक्ष के साथ रहे।
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