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16 घरों की जमीन गंगा में समाई, 30 अन्य लोग तोड़ रहे मकान
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गांव धारा नगला में तोड़े गए मकान व बैठे ग्रामीण।
- फोटो : FARRUKHABAD
गंगा में समाई 16 घरों की जमीन
कमालगंज। गंगा की धारा का रुख गांव की ओर हो जाने से धारा नगला गांव भी उजड़ने की कगार पर पहुंच गया है। लगातार कटान से अब तक 16 घरों की जमीन गंगा में समा चुकी है। इन परिवारों के सामने अपने घर का सामान रखने, शौचालय व जानवर बांधने की भी समस्या है। इसके साथ ही कटान के भय से 30 से ज्यादा अन्य परिवार भी मकान तोड़कर ईंटें आदि ट्रैक्टर से भरकर दूसरे स्थान पर ले जा रहे हैं।
पांचाल घाट की ओर से गंगा की धार फतेहपुर कायस्थान ग्राम पंचायत के गांवों की ओर मुड़ी है। इसके चलते कल्लूनगला गांव का अस्तित्व खत्म हो चुका है। अब कटान का कहर प्रधान कश्मीर सिंह के गांव धारा नगला की ओर है। आगे की ओर बसे प्रधान सहित 16 लोगों ने मकान तोड़कर सामान निकाल लिया था।
इनके मकानों की जगह व बचा हुआ मलबा गंगा में समा चुका है। इससे प्रधान के साथ ही बलवीर, किशनपाल, मानसिंह, लायक, सुल्तान, वीरेंद्र, इच्छाराम, रामनिवास, उमेश, सतीश, विनोद, रामलड़ैते, जदुनंदन, सिद्धनाथ व रामकिशोर बेघर हो गए हैं। वहीं पीछे की ओर बसे 30 से ज्यादा परिवारों को आशंका है कि कटान का प्रकोप उनके घरों तक आ सकता है। इसलिए वह भी मकान तोड़ रहे हैं।
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मुख्यमंत्री आवास मिले, शौचालय व हैंडपंप की व्यवस्था हो
- प्रधान कश्मीर सिंह ने बताया कि कटान से बेघर हुए जिन लोगों के पास दूसरे स्थान पर अपनी जगह है, वहां मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत किया जाए। हैंडपंप व शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए।
गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा
अमृतपुर। पहाड़ों पर बारिश होने से गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। इससे गंगा के किनारे बसे गांव के ग्रामीण भयभीत हैं। सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 56,755 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 135.60 से बढ़ कर 135.75 मीटर पर पहुंच गया है।
चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। गंगा के किनारे के गांव हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, ऊगरपुर, जोगराजपुर में किसानों की उपजाऊ जमीन तेज धार से कटने लगी है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे के गांव के ग्रामीणों को फिर से बाढ़ का भय सताने लगा है।
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कमालगंज। गंगा की धारा का रुख गांव की ओर हो जाने से धारा नगला गांव भी उजड़ने की कगार पर पहुंच गया है। लगातार कटान से अब तक 16 घरों की जमीन गंगा में समा चुकी है। इन परिवारों के सामने अपने घर का सामान रखने, शौचालय व जानवर बांधने की भी समस्या है। इसके साथ ही कटान के भय से 30 से ज्यादा अन्य परिवार भी मकान तोड़कर ईंटें आदि ट्रैक्टर से भरकर दूसरे स्थान पर ले जा रहे हैं।
पांचाल घाट की ओर से गंगा की धार फतेहपुर कायस्थान ग्राम पंचायत के गांवों की ओर मुड़ी है। इसके चलते कल्लूनगला गांव का अस्तित्व खत्म हो चुका है। अब कटान का कहर प्रधान कश्मीर सिंह के गांव धारा नगला की ओर है। आगे की ओर बसे प्रधान सहित 16 लोगों ने मकान तोड़कर सामान निकाल लिया था।
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इनके मकानों की जगह व बचा हुआ मलबा गंगा में समा चुका है। इससे प्रधान के साथ ही बलवीर, किशनपाल, मानसिंह, लायक, सुल्तान, वीरेंद्र, इच्छाराम, रामनिवास, उमेश, सतीश, विनोद, रामलड़ैते, जदुनंदन, सिद्धनाथ व रामकिशोर बेघर हो गए हैं। वहीं पीछे की ओर बसे 30 से ज्यादा परिवारों को आशंका है कि कटान का प्रकोप उनके घरों तक आ सकता है। इसलिए वह भी मकान तोड़ रहे हैं।
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मुख्यमंत्री आवास मिले, शौचालय व हैंडपंप की व्यवस्था हो
- प्रधान कश्मीर सिंह ने बताया कि कटान से बेघर हुए जिन लोगों के पास दूसरे स्थान पर अपनी जगह है, वहां मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत किया जाए। हैंडपंप व शौचालयों की व्यवस्था होनी चाहिए।
गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा
अमृतपुर। पहाड़ों पर बारिश होने से गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। इससे गंगा के किनारे बसे गांव के ग्रामीण भयभीत हैं। सोमवार को नरौरा बांध से गंगा में 56,755 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर 135.60 से बढ़ कर 135.75 मीटर पर पहुंच गया है।
चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। गंगा के किनारे के गांव हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, ऊगरपुर, जोगराजपुर में किसानों की उपजाऊ जमीन तेज धार से कटने लगी है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे के गांव के ग्रामीणों को फिर से बाढ़ का भय सताने लगा है।