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खेतों में भरा बाढ़ पानी, कैसे हो गेहूं की बुवाई
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अमृतपुर। बाढ़ का पानी खेतों में भरा रहने से हजारों बीघा कृषि भूमि पर रबी की फसल की बुवाई नहीं हो पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। गेहूं की फसल न होने से किसानों के सामने परिवार के भरण पोषण का भी संकट खड़ा हो जाएगा।
अक्तूबर में गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ और बारिश किसानों की मेहनत पर कहर बन कर टूटी थी। इससे धान, गन्ना, उर्द, मूंग, तिल, आलू व सरसों की फसलें खराब हो गईं थीं। अब बाढ़ तो खत्म हो गई लेकिन पानी सलेमपुर, जिठौली, भरखा, सुंदरपुर, माखन नगला, चाचूपुर, दारापुर, दौलतपुर चकई, कुबेरपुर, लायकपुर, जोगराजपुर, नगरिया आदि गांवों के खेतों में अभी भी भरा है। खेतों में पानी भरा होने से आलू, गेहूं, सरसों, चना, मटर, मसूर, जौ आदि की बुवाई नहीं हो पा रही है। इससे किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि रबी की फसल नहीं होगी तो परिवार का गुजारा कैसे होगा।
गांव कुसुमापुर के राजू कुशवाह बताता कि रबी की बुवाई का समय चल रहा है लेकिन खेतों में पानी न सूख पाने से इस साल खेत खाली ही पड़े रहने का अंदेशा है।
गांव फखरपुर के निवासी सुनील तिवारी बताते हैं कि बाढ़ के कहर से गन्ना की फसल नष्ट हो गई है। अब खेतों में पानी भरा होने से गेहूं की भी बुवाई नहीं हो पा रही है।
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गांव रतनपुर के गजेंद्र सिंह का कहना है कि खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा है। जब तक खेतों का पानी सूखेगा तब तक रबी फसल का समय निकल जाएगा। जिससे साल भर खाने के लिए गेहूं कहां से लाएंगे।
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अक्तूबर में गंगा व रामगंगा में आई बाढ़ और बारिश किसानों की मेहनत पर कहर बन कर टूटी थी। इससे धान, गन्ना, उर्द, मूंग, तिल, आलू व सरसों की फसलें खराब हो गईं थीं। अब बाढ़ तो खत्म हो गई लेकिन पानी सलेमपुर, जिठौली, भरखा, सुंदरपुर, माखन नगला, चाचूपुर, दारापुर, दौलतपुर चकई, कुबेरपुर, लायकपुर, जोगराजपुर, नगरिया आदि गांवों के खेतों में अभी भी भरा है। खेतों में पानी भरा होने से आलू, गेहूं, सरसों, चना, मटर, मसूर, जौ आदि की बुवाई नहीं हो पा रही है। इससे किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि रबी की फसल नहीं होगी तो परिवार का गुजारा कैसे होगा।
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गांव कुसुमापुर के राजू कुशवाह बताता कि रबी की बुवाई का समय चल रहा है लेकिन खेतों में पानी न सूख पाने से इस साल खेत खाली ही पड़े रहने का अंदेशा है।
गांव फखरपुर के निवासी सुनील तिवारी बताते हैं कि बाढ़ के कहर से गन्ना की फसल नष्ट हो गई है। अब खेतों में पानी भरा होने से गेहूं की भी बुवाई नहीं हो पा रही है।
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गांव रतनपुर के गजेंद्र सिंह का कहना है कि खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा है। जब तक खेतों का पानी सूखेगा तब तक रबी फसल का समय निकल जाएगा। जिससे साल भर खाने के लिए गेहूं कहां से लाएंगे।