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Farrukhabad News: बैंक कैशियर के भाई की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक किनारे फेंका
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रामपाल की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। किसान की हत्या कर शव रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिया गया। सिर पर किसी वजनदार वस्तु से प्रहार किया गया था।
बेटे ने एक नामजद सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। मौके पर पहुंचे एक युवक की गुस्साए ग्रामीणों ने पिटाई कर दी।
थाना क्षेत्र के गांव भोला नगला निवासी रामपाल 45 खेती करते थे। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे रामपाल पांच जानवरों को चराने के लिए घर से निकले और शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। शनिवार सुबह रामपाल के भाई हरिराम, रामसेवक, शिवराम व अन्य परिजन खोजबीन में जुटे थे।
शेखपुर गुमटी 138-सी से करीब आधा किलोमीटर दूर रामसेवक को भाई रामपाल का शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस व अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए।
बड़े भाई हरिराम ने पुलिस को बताया कि गुरुवार को शेखपुर निवासी मांस का कारोबार करने वाले तीन-चार लोग रामपाल की पड़िया खरीदने घर गए थे। 10 हजार रुपये में पड़िया का सौदा तय कर 200 रुपये बयाना दिया था।
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भाई रामपाल की तीन भैंस व दो भैंसा का पता नहीं चला है। पड़िया खरीदने गए लोगों ने ही भाई की हत्या कर शव फेंका है। इसी बीच शेखपुर निवासी मांस कारोबारी के संपर्क का एक युवक घटनास्थल पर पहुंचा तो परिजनों ने उससे कुछ कहा तो नोकझोंक होने लगी।
गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पीट दिया। पुलिसकर्मियों ने युवक को भीड़ से बचाकर थाने भेज दिया। दोपहर को पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। रामपाल के पुत्र विजय ने शेखपुर निवासी वसीम व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
रेलवे ट्रैक से करीब 12 फीट दूरी पर खाई में शव पड़ा था। पेट फटा था और पैर कटा था। दूसरा पैर टूटा था। रामपाल के अंगौछा शव से करीब 50 मीटर व चप्पलें करीब 100 मीटर दूर पड़ी मिली।
क्षेत्राधिकारी अमृतपुर रविंद्र नाथ राय ने पहुंचकर परिजनों से घटना के संबंध में पूछताछ की। रामपाल की पत्नी सुनीता, पुत्र रोहित व विजय शव देख बिलखते रहे।
रामपाल चार भाइयों में छोटा था। बड़े भाई हरिराम गांव में रहकर खेती करते हैं। भाई रामसेवक राजेपुर में ग्रामीण बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं व शिवराम अलीगंज स्थित ग्रामीण बैंक में कैशियर हैं।
चचेरे भाई भगवान सिंह ने बताया कि गुरुवार को पड़िया का सौदा हुआ था। शुक्रवार को रामपाल जानवर लेकर घर नहीं पहुंचा।
वह रात में शेखपुर में मांस कारोबारी के घर भाई के बारे में पूछने गया था। शनिवार सुबह मांस कारोबारी दो लोगों के साथ गांव आया और बोला कि रामपाल और उसके जानवरों के बारे में उसे कुछ पता नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 20 घंटे पहले सिर में वजनदार वस्तु मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि की गई है।
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बेटे ने एक नामजद सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। मौके पर पहुंचे एक युवक की गुस्साए ग्रामीणों ने पिटाई कर दी।
थाना क्षेत्र के गांव भोला नगला निवासी रामपाल 45 खेती करते थे। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे रामपाल पांच जानवरों को चराने के लिए घर से निकले और शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। शनिवार सुबह रामपाल के भाई हरिराम, रामसेवक, शिवराम व अन्य परिजन खोजबीन में जुटे थे।
शेखपुर गुमटी 138-सी से करीब आधा किलोमीटर दूर रामसेवक को भाई रामपाल का शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस व अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए।
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बड़े भाई हरिराम ने पुलिस को बताया कि गुरुवार को शेखपुर निवासी मांस का कारोबार करने वाले तीन-चार लोग रामपाल की पड़िया खरीदने घर गए थे। 10 हजार रुपये में पड़िया का सौदा तय कर 200 रुपये बयाना दिया था।
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भाई रामपाल की तीन भैंस व दो भैंसा का पता नहीं चला है। पड़िया खरीदने गए लोगों ने ही भाई की हत्या कर शव फेंका है। इसी बीच शेखपुर निवासी मांस कारोबारी के संपर्क का एक युवक घटनास्थल पर पहुंचा तो परिजनों ने उससे कुछ कहा तो नोकझोंक होने लगी।
गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पीट दिया। पुलिसकर्मियों ने युवक को भीड़ से बचाकर थाने भेज दिया। दोपहर को पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। रामपाल के पुत्र विजय ने शेखपुर निवासी वसीम व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
रेलवे ट्रैक से करीब 12 फीट दूरी पर खाई में शव पड़ा था। पेट फटा था और पैर कटा था। दूसरा पैर टूटा था। रामपाल के अंगौछा शव से करीब 50 मीटर व चप्पलें करीब 100 मीटर दूर पड़ी मिली।
क्षेत्राधिकारी अमृतपुर रविंद्र नाथ राय ने पहुंचकर परिजनों से घटना के संबंध में पूछताछ की। रामपाल की पत्नी सुनीता, पुत्र रोहित व विजय शव देख बिलखते रहे।
रामपाल चार भाइयों में छोटा था। बड़े भाई हरिराम गांव में रहकर खेती करते हैं। भाई रामसेवक राजेपुर में ग्रामीण बैंक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं व शिवराम अलीगंज स्थित ग्रामीण बैंक में कैशियर हैं।
चचेरे भाई भगवान सिंह ने बताया कि गुरुवार को पड़िया का सौदा हुआ था। शुक्रवार को रामपाल जानवर लेकर घर नहीं पहुंचा।
वह रात में शेखपुर में मांस कारोबारी के घर भाई के बारे में पूछने गया था। शनिवार सुबह मांस कारोबारी दो लोगों के साथ गांव आया और बोला कि रामपाल और उसके जानवरों के बारे में उसे कुछ पता नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 20 घंटे पहले सिर में वजनदार वस्तु मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि की गई है।