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कारगिल शहीदों शहादत को सलाम
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:14 PM IST
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शहीद स्मारक पर शहीदों को सलामी देते सेंटर कमांडेट ब्रिगेडियर कबिंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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राजपूत रेजीमेंट सेंटर व सिखलाई सेंटर में 17 वें कारगिल विजय दिवस पर शहीदाें की शहादत को याद किया गया। विजय दिवस के मौके पर शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर शहीदों की बेवाओं के आंसू छलक आए।
मंगलवार को सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के वार मेमोरियल पर पुष्प चक्र चढ़ाकर ब्रिगेडियर कबिंद्र सिंह ने शहीदों को नमन किया। वहीं राजपूत रेजीमेंट सेंटर के करियप्पा कांप्लैक्स स्थित शहीद स्मारक पर डिप्टी कमांडेंट रविंद्रन ने सेंटर सूबेदार मेेजर ने पुष्पांजलि दी। मुख्य कार्यक्र्रम सिखलाई रेजीमेंट के एडम लॉन में आयोजित किया गया।
समारोह में कारगिल में शहीद हुए जवानों की पत्नियों तथा युद्ध मैदान में अदम्य साहस का परिचय देकर दुश्मनों को धूल चटाने वाले 20 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर कबिंद्र सिंह व राजपूत रेजीमेंट के ब्रिगेडियर टीसी मेहरोत्रा ने कहा कि कारगिल में विषम परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने बहादुरी का परिचय देते हुए दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे।
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बताया कि 6 मई 1999 को शुरु हुआ आपरेशन 50 दिनों तक चलने के बाद 26 जुलाई को 1999 को समाप्त हुआ। इसमें भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत हुई थी।
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मंगलवार को सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के वार मेमोरियल पर पुष्प चक्र चढ़ाकर ब्रिगेडियर कबिंद्र सिंह ने शहीदों को नमन किया। वहीं राजपूत रेजीमेंट सेंटर के करियप्पा कांप्लैक्स स्थित शहीद स्मारक पर डिप्टी कमांडेंट रविंद्रन ने सेंटर सूबेदार मेेजर ने पुष्पांजलि दी। मुख्य कार्यक्र्रम सिखलाई रेजीमेंट के एडम लॉन में आयोजित किया गया।
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समारोह में कारगिल में शहीद हुए जवानों की पत्नियों तथा युद्ध मैदान में अदम्य साहस का परिचय देकर दुश्मनों को धूल चटाने वाले 20 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। सेंटर कमांडेंट ब्रिगेडियर कबिंद्र सिंह व राजपूत रेजीमेंट के ब्रिगेडियर टीसी मेहरोत्रा ने कहा कि कारगिल में विषम परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने बहादुरी का परिचय देते हुए दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे।
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बताया कि 6 मई 1999 को शुरु हुआ आपरेशन 50 दिनों तक चलने के बाद 26 जुलाई को 1999 को समाप्त हुआ। इसमें भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत हुई थी।