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पूरी रिश्वत न दे पाने से 10 माह बाद भी नहीं मिला राशन कोटा
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फर्रुखाबाद। राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव सलेमपुर में स्वयं सहायता समूह की महिला को चयन के 10 माह बाद भी राशन कोटा नहीं मिला। महिला का आरोप है कि रिश्वत की पूरी धनराशि न देने के कारण कोटे का आवंटन लटका हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की है। वहीं, सचिव को रुपये देते वीडियो भी वायरल किया गया है।
ग्राम पंचायत सलेमपुर में सात सितंबर 2021 को खुली बैठक में मां गंगा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष प्रेेमा देवी का चयन राशन कोटेदार के लिए हुआ था। इसके बाद उन्होंने तहसील में एसडीएम के पास प्रपत्र भी जमा किए।
28 सितंबर को प्रेमा देवी के नाम कोटा आवंटित करने की बात कहकर उनसे हस्ताक्षर कराए गए और दो-चार दिन में पत्रावली स्वीकृत होने के साथ दुकान आवंटित करने का आश्वासन दिया गया। 10 माह बाद भी उन्हें राशन की दुकान नहीं मिल सकी।
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इस पर प्रेमा देवी ने बुधवार को जिलाधिकारी से पूूरे प्रकरण की शिकायत की। यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों व अधिकारियों को वह दो बार रुपये भी दे चुकी हैं। अब अधिकारी बदलने से और रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है।
उनके देवर नवल कुशवाहा ने ग्राम पंचायत सचिव राजीव सुमन को रुपये देते हुए वीडियो भी वायरल किया है। ग्राम पंचायत सलेमपुर के तत्कालीन सचिव राजीव सुमन ने बताया कि समूह की महिला का खुली बैठक में राशन कोटे के लिए चयन हुआ था।
शासनादेश के आधार पर कोई पेच फंसने से राशन दुकान आवंटित नहीं हो सकी थी। रुपये लेने का जो वीडियो वायरल हुआ है वह उनके पास भी आया है। प्रेमा देवी के देवर नवल ने उनसे पांच हजार रुपये उधार लिए थे, वही रुपये वापस करते समय वीडियो बनाया गया है। रिश्वत लेने का आरोप गलत है।
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ग्राम पंचायत सलेमपुर में सात सितंबर 2021 को खुली बैठक में मां गंगा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष प्रेेमा देवी का चयन राशन कोटेदार के लिए हुआ था। इसके बाद उन्होंने तहसील में एसडीएम के पास प्रपत्र भी जमा किए।
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28 सितंबर को प्रेमा देवी के नाम कोटा आवंटित करने की बात कहकर उनसे हस्ताक्षर कराए गए और दो-चार दिन में पत्रावली स्वीकृत होने के साथ दुकान आवंटित करने का आश्वासन दिया गया। 10 माह बाद भी उन्हें राशन की दुकान नहीं मिल सकी।
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इस पर प्रेमा देवी ने बुधवार को जिलाधिकारी से पूूरे प्रकरण की शिकायत की। यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों व अधिकारियों को वह दो बार रुपये भी दे चुकी हैं। अब अधिकारी बदलने से और रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है।
उनके देवर नवल कुशवाहा ने ग्राम पंचायत सचिव राजीव सुमन को रुपये देते हुए वीडियो भी वायरल किया है। ग्राम पंचायत सलेमपुर के तत्कालीन सचिव राजीव सुमन ने बताया कि समूह की महिला का खुली बैठक में राशन कोटे के लिए चयन हुआ था।
शासनादेश के आधार पर कोई पेच फंसने से राशन दुकान आवंटित नहीं हो सकी थी। रुपये लेने का जो वीडियो वायरल हुआ है वह उनके पास भी आया है। प्रेमा देवी के देवर नवल ने उनसे पांच हजार रुपये उधार लिए थे, वही रुपये वापस करते समय वीडियो बनाया गया है। रिश्वत लेने का आरोप गलत है।