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फर्रुखाबादः शौचालय निर्माण में लाखों के गबन की शिकायत
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फर्रुखाबाद। नवाबगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुतबुद्दीनपुर में शौचालय निर्माण में लाखों के गबन का आरोप लगा है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
नवाबगंज क्षेत्र के गांव पिपराभोजी निवासी नितिन कुमार, राघवेंद्र सिंह, सनोज कुमार, सतेंद्र सिंह, लालू यादव आदि गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की कि ग्राम पंचायत कुतबुद्दीनपुर में वर्ष 2019-20 में 282 शौचालय आवंटित हुए थे। उन्होंने ब्लाक कार्यालय में जानकारी की तो पता चला कि ग्राम पंचायत से शौचालयों का भुगतान भी हो चुका है। इनमें 40 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि 40 अभी अपूर्ण हैं।
पूर्व प्रधान पर ब्लाक कर्मियों से सांठगांठ कर गबन करने का आरोप लगाया गया है। इससे पूर्व भी शौचालय निर्माण में गबन की शिकायत की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि वह सीडीओ को जांच के लिए लिख चुके हैं।
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इस पर जिला पंचायत सदस्य यशवीर आर्य के साथ ग्रामीण विकास भवन पहुंचे और सीडीओ व डीपीआरओ को भी मामले की जानकारी दी। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने जांच कमेटी बनाने के लिए फाइल मंगवाई।
तब पता चला कि जिलाधिकारी ने 13 जुलाई को ही डीपीआरओ व अधिशासी अभियंता आरईडी की जांच कमेटी गठित कर दी है। डीपीआरओ ने शीघ्र जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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नवाबगंज क्षेत्र के गांव पिपराभोजी निवासी नितिन कुमार, राघवेंद्र सिंह, सनोज कुमार, सतेंद्र सिंह, लालू यादव आदि गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की कि ग्राम पंचायत कुतबुद्दीनपुर में वर्ष 2019-20 में 282 शौचालय आवंटित हुए थे। उन्होंने ब्लाक कार्यालय में जानकारी की तो पता चला कि ग्राम पंचायत से शौचालयों का भुगतान भी हो चुका है। इनमें 40 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया, जबकि 40 अभी अपूर्ण हैं।
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पूर्व प्रधान पर ब्लाक कर्मियों से सांठगांठ कर गबन करने का आरोप लगाया गया है। इससे पूर्व भी शौचालय निर्माण में गबन की शिकायत की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि वह सीडीओ को जांच के लिए लिख चुके हैं।
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इस पर जिला पंचायत सदस्य यशवीर आर्य के साथ ग्रामीण विकास भवन पहुंचे और सीडीओ व डीपीआरओ को भी मामले की जानकारी दी। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने जांच कमेटी बनाने के लिए फाइल मंगवाई।
तब पता चला कि जिलाधिकारी ने 13 जुलाई को ही डीपीआरओ व अधिशासी अभियंता आरईडी की जांच कमेटी गठित कर दी है। डीपीआरओ ने शीघ्र जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।