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Farrukhabad News: हाईवे पर जाम से शहर में दाखिल होना हुआ मुश्किल
Fri, 21 Mar 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:05 AM IST
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इटावा-बरेली हाईवे पर जाम में फंसे हल्के और भारी वाहन।
- फोटो : इटावा-बरेली हाईवे पर जाम में फंसे हल्के और भारी वाहन।
फर्रुखाबाद। हाईवे पर जाम लगने से गंगापार क्षेत्र में रहने वाले लोगों का शहर में आना मुश्किल हो गया है। तिराहे-चौराहे पर लगे जाम में घंटों फंसने के कारण लोग शहर की ओर कम रुख कर रहे हैं। रोक के बाद भी बड़े वाहनों के आने से जाम की स्थिति बन रही है।
इटावा-बरेली हाईवे के चौणीकरण के बाद इसे 730सी हाईवे में तब्दील कर दिया है। फोर लेन बनाने के दौरान वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई है। गंगापुल के ज्वाइंट जर्जर होने के चलते प्रशासन ने भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर 02 मार्च से पुल की मरम्मत का कार्य शुरू किया।
एनएचएआई की ओर से कार्यदायी संस्था ने सड़क के ओर काम शुरू किया। एक ओर से हल्के वाहनों को निकलने के लिए जगह छोड़ी गई। दोनों ओर से वाहनाें के आने से जाम की स्थिति बनने लगी। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने वन वे व्यवस्था शुरू की। रोक के बाद भी बीच में बड़े वाहन आने से स्थिति जस की तस हो रही है।
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यातायात विभाग में लगाए गए पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को वाहनों को रोकने की जिम्मेदारी दी गई। वहीं चौकी पुलिस भी वाहनों का जाम लगने पर सक्रिय हो रही है। इन सबसे बाद भी जाम लग रहा है। इससे गंगापार इलाके से आने वाले लोगाें को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अपनी जरूरत का सामान लेने के लिए शहर में आना पड़ता है। जाम के चलते घंटों फंसे रहने से लोग अब शहर में आने से कतरा रहे हैं। वहीं शहर से ब्लॉक क्षेत्र में नौकरी के लिए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कठिनाई हो रही है। शिक्षक अमित मिश्रा, राज गौरव, संतोष कुमार, भूपेंद्र, रामसनेही आदि का कहना है कि समय से स्कूल जाने के लिए उन्हें दो घंटे पहले घर से निकलना पड़ रहा है। फिर भी जाम में फंसने पर देरी हो जाती है। अधिकारी इस समस्या को सुनने को तैयार नहीं हैं।
इसी तरह गंगापार क्षेत्र से जिला लोहिया अस्पताल के लिए मरीज लाने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंसकर रेंगने को मजबूर हैं। गुरुवार को भी जाम लगने से स्कूली वाहनों के अलावा, एंबुलेंस भी फंस गई। बड़े वाहनों के निकलने के बाद ही करीब एक घंटे तक जाम में रेंगकर अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस चालक ने बताया कि वह राजेपुर क्षेत्र से गर्भवती महिला को लेकर आ रहा है। एक घंटे जाम में फंसने के बाद ही वह निकल सका। ऐसा ही कुछ हाल मसेनी चौराहे का है। यहां भी होमगार्डों की तैनाती के बावजूद जाम लग रहा है।
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धीमी गति से हो रहा कार्य
पांचाल घाट पुल पर कार्यदायी संस्था ने तेजी से काम शुरू किया। पुल के 18 ज्वाइंट भरने के लिए पहले तो जोर-शोर से काम शुरू हुआ। होली के त्योहार पर काम बंद रहा। दोबारा काम शुरू होने के बाद अभी तक एक ओर की सड़क के ज्वाइंटों की मरम्मत नहीं हो सकी है। जबकि 31 मार्च तक काम पूरा करने के आदेश हैं। डीएम ने इसके बाद रूट डायवर्जन की तारीख आगे बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। अब देखना यह है कि पहले बीस दिनों में एक ओर का ही काम पूरा नहीं हो सका है, तो बचे 10 दिनों में कैसे काम पूरा हो सकेगा।
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जाम खुलवाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है।पुल पर वन वे ट्रैफिक होने की वजह से कभी-कभी जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।जाम न लगे इसके लिए चौराहों पर चौकसी बढाई गई है। - सतेंद्र कुमार, टीएसआई
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इटावा-बरेली हाईवे के चौणीकरण के बाद इसे 730सी हाईवे में तब्दील कर दिया है। फोर लेन बनाने के दौरान वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई है। गंगापुल के ज्वाइंट जर्जर होने के चलते प्रशासन ने भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर 02 मार्च से पुल की मरम्मत का कार्य शुरू किया।
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एनएचएआई की ओर से कार्यदायी संस्था ने सड़क के ओर काम शुरू किया। एक ओर से हल्के वाहनों को निकलने के लिए जगह छोड़ी गई। दोनों ओर से वाहनाें के आने से जाम की स्थिति बनने लगी। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने वन वे व्यवस्था शुरू की। रोक के बाद भी बीच में बड़े वाहन आने से स्थिति जस की तस हो रही है।
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यातायात विभाग में लगाए गए पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को वाहनों को रोकने की जिम्मेदारी दी गई। वहीं चौकी पुलिस भी वाहनों का जाम लगने पर सक्रिय हो रही है। इन सबसे बाद भी जाम लग रहा है। इससे गंगापार इलाके से आने वाले लोगाें को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अपनी जरूरत का सामान लेने के लिए शहर में आना पड़ता है। जाम के चलते घंटों फंसे रहने से लोग अब शहर में आने से कतरा रहे हैं। वहीं शहर से ब्लॉक क्षेत्र में नौकरी के लिए जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कठिनाई हो रही है। शिक्षक अमित मिश्रा, राज गौरव, संतोष कुमार, भूपेंद्र, रामसनेही आदि का कहना है कि समय से स्कूल जाने के लिए उन्हें दो घंटे पहले घर से निकलना पड़ रहा है। फिर भी जाम में फंसने पर देरी हो जाती है। अधिकारी इस समस्या को सुनने को तैयार नहीं हैं।
इसी तरह गंगापार क्षेत्र से जिला लोहिया अस्पताल के लिए मरीज लाने वाली एंबुलेंस भी जाम में फंसकर रेंगने को मजबूर हैं। गुरुवार को भी जाम लगने से स्कूली वाहनों के अलावा, एंबुलेंस भी फंस गई। बड़े वाहनों के निकलने के बाद ही करीब एक घंटे तक जाम में रेंगकर अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस चालक ने बताया कि वह राजेपुर क्षेत्र से गर्भवती महिला को लेकर आ रहा है। एक घंटे जाम में फंसने के बाद ही वह निकल सका। ऐसा ही कुछ हाल मसेनी चौराहे का है। यहां भी होमगार्डों की तैनाती के बावजूद जाम लग रहा है।
धीमी गति से हो रहा कार्य
पांचाल घाट पुल पर कार्यदायी संस्था ने तेजी से काम शुरू किया। पुल के 18 ज्वाइंट भरने के लिए पहले तो जोर-शोर से काम शुरू हुआ। होली के त्योहार पर काम बंद रहा। दोबारा काम शुरू होने के बाद अभी तक एक ओर की सड़क के ज्वाइंटों की मरम्मत नहीं हो सकी है। जबकि 31 मार्च तक काम पूरा करने के आदेश हैं। डीएम ने इसके बाद रूट डायवर्जन की तारीख आगे बढ़ाने से इन्कार कर दिया है। अब देखना यह है कि पहले बीस दिनों में एक ओर का ही काम पूरा नहीं हो सका है, तो बचे 10 दिनों में कैसे काम पूरा हो सकेगा।
जाम खुलवाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है।पुल पर वन वे ट्रैफिक होने की वजह से कभी-कभी जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।जाम न लगे इसके लिए चौराहों पर चौकसी बढाई गई है। - सतेंद्र कुमार, टीएसआई