{"_id":"6398c585d81a085ddb1a42b9","slug":"issue-of-wrong-death-certificate-farrukhabad-news-knp733329080","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: तीसरी बार मृत्युप्रमाणपत्र जारी करने में सचिव पर कार्रवाई तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: तीसरी बार मृत्युप्रमाणपत्र जारी करने में सचिव पर कार्रवाई तय
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। एक ही व्यक्ति का तीन बार मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने के मामले में सचिव पर कार्रवाई होना तय है। एडीपीआरओ ने जांच के बाद सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र के गांव कटरी गंगपुर निवासी जदुनाथ सिंह की 26 जनवरी 1982 को मृत्यु होने पर ग्राम पंचायत सचिव संजय कुमार गुप्ता ने 31 जनवरी 1982 के पंजीकरण के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया था। इसी तिथि का एक फरवरी 2021 को तत्कालीन सचिव सतीश सुमन ने पंजीकरण कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इसके बाद वर्तमान ग्राम पंचायत सचिव अतुल अग्निहोत्री ने पिछले रिकार्डों को न देख 23 जून 2022 को पंजीकरण कर जदुनाथ सिंह का 25 दिसंबर 1982 की मृत्यु दिखाकर प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
शिकायत होने पर जिलाधिकारी के आदेश पर एडीपीआरओ राजेश चौरसिया ने जांच की। इस पर सचिव ने बताया कि ग्राम पंचायत की बैठक व शपथपत्र के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया है। एडीपीआरओ राजेश चौरसिया ने डीपीआरओ को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि सक्षम अधिकारी के लिखित आदेश के बिना जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करना नियम विरुद्ध है।
विज्ञापन
1 फरवरी 2021 व 23 जून 2022 को पंजीकरण के आधार पर जारी मृत्यु प्रमाणपत्र निरस्त करने योग्य है। तत्कालीन सचिव सतीश सुमन की मृत्यु हो चुकी है। कूटरचित अभिलेख तैयार कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में ग्राम पंचायत सचिव अतुल अग्निहोत्री के खिलाफ विधिक कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाती है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बढ़पुर ब्लाक क्षेत्र के गांव कटरी गंगपुर निवासी जदुनाथ सिंह की 26 जनवरी 1982 को मृत्यु होने पर ग्राम पंचायत सचिव संजय कुमार गुप्ता ने 31 जनवरी 1982 के पंजीकरण के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया था। इसी तिथि का एक फरवरी 2021 को तत्कालीन सचिव सतीश सुमन ने पंजीकरण कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इसके बाद वर्तमान ग्राम पंचायत सचिव अतुल अग्निहोत्री ने पिछले रिकार्डों को न देख 23 जून 2022 को पंजीकरण कर जदुनाथ सिंह का 25 दिसंबर 1982 की मृत्यु दिखाकर प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
विज्ञापन
शिकायत होने पर जिलाधिकारी के आदेश पर एडीपीआरओ राजेश चौरसिया ने जांच की। इस पर सचिव ने बताया कि ग्राम पंचायत की बैठक व शपथपत्र के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया है। एडीपीआरओ राजेश चौरसिया ने डीपीआरओ को सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि सक्षम अधिकारी के लिखित आदेश के बिना जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करना नियम विरुद्ध है।
विज्ञापन
1 फरवरी 2021 व 23 जून 2022 को पंजीकरण के आधार पर जारी मृत्यु प्रमाणपत्र निरस्त करने योग्य है। तत्कालीन सचिव सतीश सुमन की मृत्यु हो चुकी है। कूटरचित अभिलेख तैयार कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में ग्राम पंचायत सचिव अतुल अग्निहोत्री के खिलाफ विधिक कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाती है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।