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Farrukhabad News: हस्तलेख पर अटकी जांच, पीड़ित परिवार को न्याय की आस
Thu, 17 Jul 2025 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 17 Jul 2025 11:56 PM IST
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फर्रुखाबाद। पैंट पर सुसाइड नोट लिखने के बाद फंदा लगाकर जान देने के मामले में पुलिस की जांच हस्तलेख के मिलान पर अटकी हुई है। हालांकि तीन नामजदों के जेल जाने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की आस बढ़ गई है। घर में आने वालों का तांता लगा हुआ है।
मऊदरवाजा थाने के गांव छेदा नगला निवासी दिलीप राजपूत (25) ने सोमवार रात घर के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने अपनी सफेद पैंट पर सुसाइड नोट लिखा था। उसी आधार पर पिता रामरहीस ने कमालगंज के गांव रसीदपुर निवासी ससुर, साला, दो सिपाही और फर्जी प्रतिनिधि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस शुरुआत से ही मामले को सुलटाने के प्रयास में जुटी रही।
मृतक की पैंट पर लिखे सुसाइड नोट का लेख जांचने के लिए परिवार से कोई पुराना पत्र, हस्ताक्षर आदि लेने की फिराक में है। फिलहाल पुलिस अटकी हुई है। हालांकि दोनों नामजद पुलिस कर्मी यशवंत सिंह यादव, महेश उपाध्याय और फर्जी प्रतिनिधि रजनेश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने दोनों को जेल भी भेज दिया गया। उधर घर में पूरे दिन घर में महिलाओं, पिता और भाई की चीख-पुकार सुनाई देती रहीं।
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दामन में दाग बचाने में जुटी रही खाकी और खादी
हथियापुर चौकी में पिटाई और रुपये लेने के मामले में फंसने के बाद खाकी और खादी का गठबंधन साफ हो गया। अपने दामन में लगे दाग को बचाने के लिए हर हथकंडा अपनाते रहे, मगर आखिरकार जेल जाना ही पड़ गया।
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मऊदरवाजा थाने के गांव छेदा नगला निवासी दिलीप राजपूत (25) ने सोमवार रात घर के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने अपनी सफेद पैंट पर सुसाइड नोट लिखा था। उसी आधार पर पिता रामरहीस ने कमालगंज के गांव रसीदपुर निवासी ससुर, साला, दो सिपाही और फर्जी प्रतिनिधि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस शुरुआत से ही मामले को सुलटाने के प्रयास में जुटी रही।
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मृतक की पैंट पर लिखे सुसाइड नोट का लेख जांचने के लिए परिवार से कोई पुराना पत्र, हस्ताक्षर आदि लेने की फिराक में है। फिलहाल पुलिस अटकी हुई है। हालांकि दोनों नामजद पुलिस कर्मी यशवंत सिंह यादव, महेश उपाध्याय और फर्जी प्रतिनिधि रजनेश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने दोनों को जेल भी भेज दिया गया। उधर घर में पूरे दिन घर में महिलाओं, पिता और भाई की चीख-पुकार सुनाई देती रहीं।
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दामन में दाग बचाने में जुटी रही खाकी और खादी
हथियापुर चौकी में पिटाई और रुपये लेने के मामले में फंसने के बाद खाकी और खादी का गठबंधन साफ हो गया। अपने दामन में लगे दाग को बचाने के लिए हर हथकंडा अपनाते रहे, मगर आखिरकार जेल जाना ही पड़ गया।