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12 वर्ष पूर्व बने 155 पंचायतघरों की जांच शुरू
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12 वर्ष पूर्व बने 155 पंचायतघरों की जांच शुरू
फर्रुखाबाद। जिले में 12 वर्ष पूर्व बनाए गए 113 पंचायत भवनों की जांच कराकर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। डीएम के आदेश पर सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों से पंचायतघरों की जांच शुरू करा दी है।
2010-11 व 2011-12 में बीआरजीएफ योजना के तहत पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया था। कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते कई भवनों का अमानक निर्माण कराया गया तो कई का अधूरा निर्माण छोड़ दिया गया। इतने समय के बाद भी अधिकांश भवनों का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण भी नहीं किया गया।
गत माह डीएम मानवेंद्र सिंह ने कमालगंज क्षेत्र का निरीक्षण किया तो ग्राम पंचायत करमचंदपुर में पंचायतघर जर्जर स्थिति में मिला। बाउंड्रीवाल ध्वस्त हो चुकी थी, खिड़की दरवाजे भी गायब थे। इस पर डीएम ने सीडीओ को इस अवधि में बने पंचायतघरों की जांच कराने के निर्देश दिए। सीडीओ एम.अरून्मोली ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर पंचायतघरों का स्थलीय निरीक्षण कर एक सप्ताह में जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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इसके अलावा वर्ष 2008-09 में 155 पंचायतघरों का निर्माण कराया गया। इनकी भी स्थिति खराब है। सरकार पंचायतघरों का संचालन कराने के प्रयास में है। हालात यह हैं कि इनमें काफी संख्या में पंचायतघर ऐसे हैं, जिन पर ग्राम पंचायतों का कब्जा ही नहीं है और वह जर्जर हो चुके हैं।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि बीआरजीएफ योजना के तहत निर्मित सभी पंचायतघरों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। सभी बीडीओ की जांच आख्या मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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फर्रुखाबाद। जिले में 12 वर्ष पूर्व बनाए गए 113 पंचायत भवनों की जांच कराकर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। डीएम के आदेश पर सीडीओ ने खंड विकास अधिकारियों से पंचायतघरों की जांच शुरू करा दी है।
2010-11 व 2011-12 में बीआरजीएफ योजना के तहत पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया था। कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते कई भवनों का अमानक निर्माण कराया गया तो कई का अधूरा निर्माण छोड़ दिया गया। इतने समय के बाद भी अधिकांश भवनों का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण भी नहीं किया गया।
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गत माह डीएम मानवेंद्र सिंह ने कमालगंज क्षेत्र का निरीक्षण किया तो ग्राम पंचायत करमचंदपुर में पंचायतघर जर्जर स्थिति में मिला। बाउंड्रीवाल ध्वस्त हो चुकी थी, खिड़की दरवाजे भी गायब थे। इस पर डीएम ने सीडीओ को इस अवधि में बने पंचायतघरों की जांच कराने के निर्देश दिए। सीडीओ एम.अरून्मोली ने खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर पंचायतघरों का स्थलीय निरीक्षण कर एक सप्ताह में जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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इसके अलावा वर्ष 2008-09 में 155 पंचायतघरों का निर्माण कराया गया। इनकी भी स्थिति खराब है। सरकार पंचायतघरों का संचालन कराने के प्रयास में है। हालात यह हैं कि इनमें काफी संख्या में पंचायतघर ऐसे हैं, जिन पर ग्राम पंचायतों का कब्जा ही नहीं है और वह जर्जर हो चुके हैं।
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि बीआरजीएफ योजना के तहत निर्मित सभी पंचायतघरों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। सभी बीडीओ की जांच आख्या मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।