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आध्यात्मिक स्कूल से भागकर रोडवेज पहुंचीं मासूम बहनें
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रोडवेज बस स्टैंड पर मिली बच्चियों से जानकारी करता पीआरडी जवान। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के एक आध्यात्मिक स्कूल में रह रहीं दो बहनें भागकर रोडवेज बस स्टैंड पहुंच गईं। पीआरडी जवानों ने दोनों बहनों को रोक उनसे पूछताछ की। कादरीगेट चौकी पुलिस बड़ी बहन को लेकर स्कूल गई, मगर वहां कोई नहीं मिला। देर शाम दोनों को कोतवाली ले जाया गया है।
रोडवेज बस स्टैंड पर पीआरडी जवान अरविंद कुमार को बुधवार दोपहर दो बजे सफेद ड्रेस में दो बच्चियां दिखीं। उन्हें अकेला देख पूछताछ की। पता चला कि दोनों बच्चियां फतेहगढ़ के जेएनवी रोड स्थित एक आध्यात्मिक स्कूल में एक साल से रह रहीं हैं। अरविंद की सूचना पर कादरीगेट चौकी के सिपाही नितिन पहुंचे। वह बड़ी बहन को स्कूल में लेकर गए।
वहां उन्हें कोई नहीं मिला। बताया गया कि दोनों बहनों को उनके परिजन एक साल पहले स्कूल में छोड़ गए थे। इनमें से एक ने अपना नाम दीक्षा (6) और दूसरी ने वंदनी (8) पुत्री प्रदीप निवासी गांव फतिहापुर, थाना बिलग्राम, जनपद हरदोई बताया। दीक्षा ने बताया कि वह छह बहनें और उसका एक भाई है। सौतेली मां काफी पिटाई करती थी। अब उसे यहां अच्छा नहीं लगता है। वह अपने घर जाना चाहती है। सिपाही नितिन दोनों बहनों को कोतवाली ले गए हैं। उन्होंने बताया कि परिवार का पता लगाया जा रहा है। कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि आध्यात्मिक स्कूल की संचालिका से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चियों को उनके परिवार तक पहुंचाया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के एक आध्यात्मिक स्कूल में रह रहीं दो बहनें भागकर रोडवेज बस स्टैंड पहुंच गईं। पीआरडी जवानों ने दोनों बहनों को रोक उनसे पूछताछ की। कादरीगेट चौकी पुलिस बड़ी बहन को लेकर स्कूल गई, मगर वहां कोई नहीं मिला। देर शाम दोनों को कोतवाली ले जाया गया है।
रोडवेज बस स्टैंड पर पीआरडी जवान अरविंद कुमार को बुधवार दोपहर दो बजे सफेद ड्रेस में दो बच्चियां दिखीं। उन्हें अकेला देख पूछताछ की। पता चला कि दोनों बच्चियां फतेहगढ़ के जेएनवी रोड स्थित एक आध्यात्मिक स्कूल में एक साल से रह रहीं हैं। अरविंद की सूचना पर कादरीगेट चौकी के सिपाही नितिन पहुंचे। वह बड़ी बहन को स्कूल में लेकर गए।
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वहां उन्हें कोई नहीं मिला। बताया गया कि दोनों बहनों को उनके परिजन एक साल पहले स्कूल में छोड़ गए थे। इनमें से एक ने अपना नाम दीक्षा (6) और दूसरी ने वंदनी (8) पुत्री प्रदीप निवासी गांव फतिहापुर, थाना बिलग्राम, जनपद हरदोई बताया। दीक्षा ने बताया कि वह छह बहनें और उसका एक भाई है। सौतेली मां काफी पिटाई करती थी। अब उसे यहां अच्छा नहीं लगता है। वह अपने घर जाना चाहती है। सिपाही नितिन दोनों बहनों को कोतवाली ले गए हैं। उन्होंने बताया कि परिवार का पता लगाया जा रहा है। कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि आध्यात्मिक स्कूल की संचालिका से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चियों को उनके परिवार तक पहुंचाया जाएगा।
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