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लोहिया अस्पताल में इलाज के अभाव में बच्चे की मौत, हंगामा
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फर्रुखाबाद। इमजेंसी व पीकू वार्ड के बीच दौड़ लगाने के दौरान गुरुवार को पांच साल के बीमार बच्चे की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया।
सीएमओ ने डॉक्टर व कर्मचारियों को फटकार लगाई और जांच के बाद कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
कमालगंज क्षेत्र के गांव ककरैया निवासी रावेंद्र सिंह ने पांच साल के बेटे आशू के पेट में दर्द होने पर शाम को याकूतगंज में किसी झोलाछाप के यहां इलाज कराया।
वहां हालत गंभीर होने पर रावेंद्र बेटे को सीएचसी कमालगंज लेकर गए। वहां से रेफर किए जाने पर वह उसे रात लगभग पौने आठ बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे।
वहां डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उसे पीकू वार्ड लेकर जाने को कहा। पीकू वार्ड में पहुंचने पर नर्स ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना को फोन किया, पर उनका फोन नहीं उठा।
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इस पर नर्स ने दो कर्मचारियों के साथ रावेंद्र को बच्चा लेकर इमरजेंसी में भेज दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने फिर रावेंद्र से पीकू वार्ड के लिए जाने के कह दिया।
इस पर वह फिर पीकू वार्ड लेकर पहुंच गया। तभी आशू की वहां मौत हो गई।
इस पर परिजन इमजरेंसी पहुंच गए और वहां हंगामा कर दिया। जानकारी मिलने पर सीएमओ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों को फटकार लगाई और सभी के बयान दर्ज किए।
इस बीच मामला डीएम संजय कुमार सिंह तक पहुंच गया। डीएम ने सीएमओ को जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि वह इस मामले में सीएमएस व लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे।
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सीएमओ ने डॉक्टर व कर्मचारियों को फटकार लगाई और जांच के बाद कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
कमालगंज क्षेत्र के गांव ककरैया निवासी रावेंद्र सिंह ने पांच साल के बेटे आशू के पेट में दर्द होने पर शाम को याकूतगंज में किसी झोलाछाप के यहां इलाज कराया।
वहां हालत गंभीर होने पर रावेंद्र बेटे को सीएचसी कमालगंज लेकर गए। वहां से रेफर किए जाने पर वह उसे रात लगभग पौने आठ बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे।
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वहां डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उसे पीकू वार्ड लेकर जाने को कहा। पीकू वार्ड में पहुंचने पर नर्स ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना को फोन किया, पर उनका फोन नहीं उठा।
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इस पर नर्स ने दो कर्मचारियों के साथ रावेंद्र को बच्चा लेकर इमरजेंसी में भेज दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने फिर रावेंद्र से पीकू वार्ड के लिए जाने के कह दिया।
इस पर वह फिर पीकू वार्ड लेकर पहुंच गया। तभी आशू की वहां मौत हो गई।
इस पर परिजन इमजरेंसी पहुंच गए और वहां हंगामा कर दिया। जानकारी मिलने पर सीएमओ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों को फटकार लगाई और सभी के बयान दर्ज किए।
इस बीच मामला डीएम संजय कुमार सिंह तक पहुंच गया। डीएम ने सीएमओ को जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि वह इस मामले में सीएमएस व लापरवाह डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखेंगे।