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बम-बम भोले से गूंजे शिवालय
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 17 Feb 2015 11:38 PM IST
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शहर से लेकर देहात तक महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों
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में भोर से लेकर देर रात्रि तक बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। पुठरी और
श्रृंगीरामपुर में लगे शिवरात्रि मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
भक्तों ने मंदिर में मत्था टेक कर मुरादें मांगीं। इस अवसर पर मंदिरों की
भव्य सजावट की गई थी।
मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व पर प्रमुख शिव मंदिरों रेलवे रोड स्थित पांडवेश्वरनाथ मंदिर, कोतवाली के पीछे स्थित कोतवालेश्वरनाथ, नया कोठापार्चा स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग समेत तांबेश्वरनाथ, रेलवे रोड स्थित बालाजी मंदिर और भूतेश्वरनाथ मंदिरों को फूलमाला और बिजली की झालरों से सजाया गया था। इन मंदिरों के कपाट भोर से ही खोल दिए गए। मंदिरों में सबसे पहले मंगल आरती की गई।
इसके बाद भक्तों का आना शुरू हो गया। पांडवेश्वरनाथ मंदिर में भीड़ अधिक होने से पुलिस ने कतारबद्ध तरीके से महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाई। भक्तों ने दूध, दही और गंगाजल से भगवान भोलेशंकर को स्नान करवाया। इसके बाद शकर, शहद, घी, चंदन, इत्र आदि से रुद्राभिषेक किया। बेलपत्र और फूलमाला भी चढ़ाईं। कोतवालेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
वहीं नवाबगंज क्षेत्र के गांव पुठरी स्थित शिव मंदिर में भी दिन भर भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। कांवरियों ने पांचाल घाट से गंगाजल भरकर पुठरी स्थित शिव मंदिर में चढ़ाया। महाशिवरात्रि पर्व के चलते मंदिरों को भव्यता के साथ सजाया भी गया था। शाम को दूधिया रोशनी से मंदिर नहा गए। पांडवेश्वरनाथ मंदिर में शाम को बाबा भोलेनाथ की भव्य झांकी भी सजाई गई।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा स्थित चौमुखे महादेव मंदिर में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया। भीड़ अधिक देख पुलिस ने लाइन लगवाकर भक्तों को दर्शन करवाए। पुजारी बाबा आनंदगिरि ने कहा कि यह मंदिर करीब 1100 वर्ष पुराना है। प्रमोद कुमार, मुन्नालाल रस्तोगी और कृष्ण गोपाल रस्तोगी आदि व्यवस्था में लगे रहे।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार श्रृंगी ऋषि मंदिर, टीला मंदिर, शिवदुर्गा मंदिर और फूलमती मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रृंगीरामपुर स्थित गंगाघाट से श्रद्धालुओं ने जल भरकर भगवान भोलेशंकर को स्नान कराया। मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कसबा स्थित महामाया मंदिर, बस स्टेशन के पास स्थित शिव मंदिर में भी सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार पर्व पर शिवाला मंदिर, फूलमती मंदिर, बड़ी देवी मंदिर, लंगड़े बाबा मंदिर, सोमबाबा मंदिर, राधाकृष्ण मदिर, पृथ्वी दरवाजा स्थित प्राचीन शिव मंदिर आदि में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का फल, फूल, बेलपत्र से श्रंगार कर जलाभिषेक किया। कई मंदिरों में ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया।
कड़ी चौकसी रही
रेलवे रोड स्थित पांडवेश्वरनाथ मंदिर में रेलवे रोड चौकी इंचार्ज इंद्रपाल सिंह और पलरिया चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ मंदिर के बाहर तैनात रहे। इसके अलावा मंदिर परिसर के अंदर महिला और पुरुष सिपाही भी मौजूद रहे। भीड़ अधिक होने से पुलिस ने लाइन लगाकर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए। मंदिर के पीछे तैनात पुलिसबल ने किसी को पीछे से अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान पुलिस अराजकतत्वों पर नजरें जमाए रही।
मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व पर प्रमुख शिव मंदिरों रेलवे रोड स्थित पांडवेश्वरनाथ मंदिर, कोतवाली के पीछे स्थित कोतवालेश्वरनाथ, नया कोठापार्चा स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग समेत तांबेश्वरनाथ, रेलवे रोड स्थित बालाजी मंदिर और भूतेश्वरनाथ मंदिरों को फूलमाला और बिजली की झालरों से सजाया गया था। इन मंदिरों के कपाट भोर से ही खोल दिए गए। मंदिरों में सबसे पहले मंगल आरती की गई।
इसके बाद भक्तों का आना शुरू हो गया। पांडवेश्वरनाथ मंदिर में भीड़ अधिक होने से पुलिस ने कतारबद्ध तरीके से महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाई। भक्तों ने दूध, दही और गंगाजल से भगवान भोलेशंकर को स्नान करवाया। इसके बाद शकर, शहद, घी, चंदन, इत्र आदि से रुद्राभिषेक किया। बेलपत्र और फूलमाला भी चढ़ाईं। कोतवालेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
वहीं नवाबगंज क्षेत्र के गांव पुठरी स्थित शिव मंदिर में भी दिन भर भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। कांवरियों ने पांचाल घाट से गंगाजल भरकर पुठरी स्थित शिव मंदिर में चढ़ाया। महाशिवरात्रि पर्व के चलते मंदिरों को भव्यता के साथ सजाया भी गया था। शाम को दूधिया रोशनी से मंदिर नहा गए। पांडवेश्वरनाथ मंदिर में शाम को बाबा भोलेनाथ की भव्य झांकी भी सजाई गई।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कस्बा स्थित चौमुखे महादेव मंदिर में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया। भीड़ अधिक देख पुलिस ने लाइन लगवाकर भक्तों को दर्शन करवाए। पुजारी बाबा आनंदगिरि ने कहा कि यह मंदिर करीब 1100 वर्ष पुराना है। प्रमोद कुमार, मुन्नालाल रस्तोगी और कृष्ण गोपाल रस्तोगी आदि व्यवस्था में लगे रहे।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार श्रृंगी ऋषि मंदिर, टीला मंदिर, शिवदुर्गा मंदिर और फूलमती मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रृंगीरामपुर स्थित गंगाघाट से श्रद्धालुओं ने जल भरकर भगवान भोलेशंकर को स्नान कराया। मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कसबा स्थित महामाया मंदिर, बस स्टेशन के पास स्थित शिव मंदिर में भी सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार पर्व पर शिवाला मंदिर, फूलमती मंदिर, बड़ी देवी मंदिर, लंगड़े बाबा मंदिर, सोमबाबा मंदिर, राधाकृष्ण मदिर, पृथ्वी दरवाजा स्थित प्राचीन शिव मंदिर आदि में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का फल, फूल, बेलपत्र से श्रंगार कर जलाभिषेक किया। कई मंदिरों में ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया।
कड़ी चौकसी रही
रेलवे रोड स्थित पांडवेश्वरनाथ मंदिर में रेलवे रोड चौकी इंचार्ज इंद्रपाल सिंह और पलरिया चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ मंदिर के बाहर तैनात रहे। इसके अलावा मंदिर परिसर के अंदर महिला और पुरुष सिपाही भी मौजूद रहे। भीड़ अधिक होने से पुलिस ने लाइन लगाकर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए। मंदिर के पीछे तैनात पुलिसबल ने किसी को पीछे से अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान पुलिस अराजकतत्वों पर नजरें जमाए रही।