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सरकारी खरीद में गेहूं देने वाले किसानों को धान के लिए नहीं कराना होगा पंजीकरण
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धान की सरकारी खरीद का किसानों को पूरा फायदा मिले इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिवों को धान खरीद के लिए किसानों में प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। जिन किसानों ने इस वर्ष सरकारी खरीद में गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था उन्हें धान बेचने के लिए फिर पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।
प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामनरेश ने सातनपुर, मोहम्मदाबाद, कायमगंज व कमालगंज कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि सभी मंडियों व उपमंडियों, सार्वजनिक स्थलों पर धान खरीद के लिए बैनर व फ्लैक्स लगवाए जाएं। इनमें धान की खरीद के नियमों आदि की जानकारी मुद्रित कराई जाए।
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बिक्री करने वाले किसानों को पंजीयन प्रपत्र के साथ खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की छाया प्रति अनिवार्य रूप से लानी होगी। पंजीयन में कुल रकबे के साथ ही बोए गए धान का रकबा भी अंकित किया जाएगा।
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इसका सत्यापन तहसील द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि शीघ्र ही धान खरीद केंद्र प्रशासन द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। सरकार की मंशा है कि बिचौलियों को धान बेचने के बजाय किसानों को सरकारी खरीद का पूरा मूल्य मिले।
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प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामनरेश ने सातनपुर, मोहम्मदाबाद, कायमगंज व कमालगंज कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि सभी मंडियों व उपमंडियों, सार्वजनिक स्थलों पर धान खरीद के लिए बैनर व फ्लैक्स लगवाए जाएं। इनमें धान की खरीद के नियमों आदि की जानकारी मुद्रित कराई जाए।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बिक्री करने वाले किसानों को पंजीयन प्रपत्र के साथ खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की छाया प्रति अनिवार्य रूप से लानी होगी। पंजीयन में कुल रकबे के साथ ही बोए गए धान का रकबा भी अंकित किया जाएगा।
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इसका सत्यापन तहसील द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि शीघ्र ही धान खरीद केंद्र प्रशासन द्वारा निर्धारित किए जाएंगे। सरकार की मंशा है कि बिचौलियों को धान बेचने के बजाय किसानों को सरकारी खरीद का पूरा मूल्य मिले।