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अस्पताल कर्मियों को दिए आग बुझाने के टिप्स
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लोहिया अस्पताल में आग बुझाने का तरीका सिखाते अग्निशमन अधिकारी।
- फोटो : FARRUKHABAD
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सिलिंडर में आग लगे तो उसे गिराएं नहीं
फर्रुखाबाद। मुख्य अग्निशमन अधिकारी की देखरेख में लोहिया पुरुष अस्पताल के कर्मियों को आग बुझाने के तरीके बताए गए। इस दौरान अधिकारियों ने आग लगाकर बुझाने का अभ्यास भी कराया।
सोमवार को डॉ.राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर मुख्य अग्निशमन अधिकारी बीके त्रिपाठी के नेतृत्व में विभाग की टीम पहुंची। उन्होंने रसोई गैस सिलिंडर, पानी भरी बाल्टी, कूड़ा एकत्रित कराया। इसके बाद सिलिंडर में आग लगाई।
अधिकारी ने हाथ से ही आग को बुझा दी। दोबारा सिलिंडर में आग लगाई और सूती कपड़ा पानी में भिगोकर तेजी से सिलिंडर से गैस निकलने के स्थान पर मारा। इससे आग बुझ गई।
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पानी से भी सिलिंडर में लगी आग बुझाने का तरीका बताया। यही नहीं कूड़े में आग लगाकर अस्पताल के फार्मासिस्ट सचींद्र द्विवेदी के हाथों से आग बुझवाई। अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि यदि सिलिंडर में आग लग जाए, तो उसे कभी गिराना नहीं चाहिए। गिर जाने से सिलिंडर गर्म होकर फट जाता है।
इससे बड़ा नुकसान होता है। आग लगने पर घबराने से काम नहीं चलता। हिम्मत और सूझबूझ से यदि बुझाने का प्रयास किया जाए, तो तुरंत आग पर काबू पाया जा सकता है। इस दौरान अस्पताल के तमाम महिला-पुरुष कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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फर्रुखाबाद। मुख्य अग्निशमन अधिकारी की देखरेख में लोहिया पुरुष अस्पताल के कर्मियों को आग बुझाने के तरीके बताए गए। इस दौरान अधिकारियों ने आग लगाकर बुझाने का अभ्यास भी कराया।
सोमवार को डॉ.राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर मुख्य अग्निशमन अधिकारी बीके त्रिपाठी के नेतृत्व में विभाग की टीम पहुंची। उन्होंने रसोई गैस सिलिंडर, पानी भरी बाल्टी, कूड़ा एकत्रित कराया। इसके बाद सिलिंडर में आग लगाई।
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अधिकारी ने हाथ से ही आग को बुझा दी। दोबारा सिलिंडर में आग लगाई और सूती कपड़ा पानी में भिगोकर तेजी से सिलिंडर से गैस निकलने के स्थान पर मारा। इससे आग बुझ गई।
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पानी से भी सिलिंडर में लगी आग बुझाने का तरीका बताया। यही नहीं कूड़े में आग लगाकर अस्पताल के फार्मासिस्ट सचींद्र द्विवेदी के हाथों से आग बुझवाई। अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि यदि सिलिंडर में आग लग जाए, तो उसे कभी गिराना नहीं चाहिए। गिर जाने से सिलिंडर गर्म होकर फट जाता है।
इससे बड़ा नुकसान होता है। आग लगने पर घबराने से काम नहीं चलता। हिम्मत और सूझबूझ से यदि बुझाने का प्रयास किया जाए, तो तुरंत आग पर काबू पाया जा सकता है। इस दौरान अस्पताल के तमाम महिला-पुरुष कर्मचारी भी मौजूद रहे।