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दूषित जलापूर्ति से सैकड़ों हो रहे बीमार
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:14 PM IST
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पानी में ब्लीचिंग व क्लोरीन टेस्ट कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दूषित जलापूर्ति से सैकड़ों लोगों की जान पर बन आई है। यह स्थिति नगर पालिका परिषद की ओर से बरती गई लापरवाही से हुई है। ओटी टेस्ट में किसी भी टंकी में ब्लीचिंग पाउडर या क्लोरीन नहीं पाया गया है। इसकी वजह से सैकड़ों लोग प्रतिदिन टाइफाइड से बीमार हो रहे हैं। पिछले आठ दिन में केवल लोहिया अस्पताल में बुखार से पीड़ित 225 लोग टाइफाइड से पीड़ित पाए गए हैं। सीएमओ का कहना है कि दूषित पानी पीने से लोगों को टाइफाइड हो रहा है।
नगर पालिका परिषद की जर्जर पेयजल पाइप लाइन से घरों में जलापूर्ति होती है। जगह-जगह पाइप लाइन लीकेज होने और नालियों के पास निकलने से गंदा पानी पाइप लाइन के पानी को संक्रामक बना देता है। हालात यह हैं कि इस दूषित पानी को पीने से लोगों की आंतें खराब हो रही हैं। आंतों में जख्म होने के कारण लोग गंभीर बीमारी टाइफाइड से पीड़ित हो रहे हैं। जिले भर में यदि बुखार के रोगियों को देखा जाए तो सैकड़ों की संख्या में लोगों के खून की जांच में टाइफाइड
निकल रहा है। फतेहगढ़ के ब्रह्मदत्त स्टेडियम, आफीसर्स कालोनी, कुटरा कालोनी, आवास विकास की टंकियों में की गई ओटी जांच में क्लोरीन व ब्लीचिंग निगेटिव पाए गए हैं। जांचकर्ता डा. आरके सिंह, एपेडेमिक इंचार्ज और मलेरिया इंस्पेक्टर नवजीत कटियार तथा सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपांशु व सफ्दर हुसैन का कहना है कि किसी भी टंकी में ब्लीचिंग और क्लोरीन की मात्रा नहीं पाई गई है। पानी पूरी तरह से जहरीला पाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार ने बताया
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कि ओपी टेस्ट निगेटिव आने के संबंध में नगर पालिका परिषद को पत्र भी लिखा गया है। सीएमओ ने कहा कि दूषित पेयजल आंत में जख्म करता है और जांच में टाइफाइड पाया जाता है। सीएमओ ने स्वीकार किया कि सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिनि जिले भर में रोगी टाइफाइड के मिल रहे हैं, जिसकी खास वजह दूषित पानी की आपूर्ति करना पाया गया है।
फर्रुखाबाद। टाउनहाल स्थित नगर पालिका कार्यालय के पास बनीं दो पानी की टंकियों में से एक में न क्लोरीन पाई गई और न ब्लीचिंग पाउडर मिला पाया गया। एक टंकी में क्लोरीन की हल्की मात्रा पाई गई।
नगर पालिका परिषद मलेरिया फैलाने के लिए भी दोषी पाया गया। इन पानी की टंकियों से पाइप लाइन लीक होने से पानी में भारी मात्रा में लार्वा पाए गए, जिसके संबंध में टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। टीम के
प्रभारी डा. आरके सिंह और मलेरिया इंस्पेक्टर नवजीत कटियार और सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपांशु यादव, सफ्दर हुसैन ने गुरुवार को नगर पालिका और सिविल अस्पताल लिंजीगंज की पानी की टंकियों में भरे पानी की जांच की। सिविल अस्पताल में बनी टंकी में न क्लोरीन पाया गया और न ही ब्लीचिंग पाउडर मिला पाया गया। इस अस्पताल के पास बनी टंकी से हो रही पाइप लाइन लीकेज से भरे पानी में भारी मात्रा में लार्वा पाया गया।
इसके साथ ही टाउनहाल की टंकियों के पास भी लार्वा भारी मात्रा में मिला। सीएमओ ने बताया कि इस भरे हुए पानी में कल एंटी लार्वा दवा डलवाकर इन्हें नष्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टंकियों के जलभराव से ही लार्वा पैदा हो रहे हैं और लोग मलेरिया से पीड़ित हो रहे हैं।
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नगर पालिका परिषद की जर्जर पेयजल पाइप लाइन से घरों में जलापूर्ति होती है। जगह-जगह पाइप लाइन लीकेज होने और नालियों के पास निकलने से गंदा पानी पाइप लाइन के पानी को संक्रामक बना देता है। हालात यह हैं कि इस दूषित पानी को पीने से लोगों की आंतें खराब हो रही हैं। आंतों में जख्म होने के कारण लोग गंभीर बीमारी टाइफाइड से पीड़ित हो रहे हैं। जिले भर में यदि बुखार के रोगियों को देखा जाए तो सैकड़ों की संख्या में लोगों के खून की जांच में टाइफाइड
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निकल रहा है। फतेहगढ़ के ब्रह्मदत्त स्टेडियम, आफीसर्स कालोनी, कुटरा कालोनी, आवास विकास की टंकियों में की गई ओटी जांच में क्लोरीन व ब्लीचिंग निगेटिव पाए गए हैं। जांचकर्ता डा. आरके सिंह, एपेडेमिक इंचार्ज और मलेरिया इंस्पेक्टर नवजीत कटियार तथा सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपांशु व सफ्दर हुसैन का कहना है कि किसी भी टंकी में ब्लीचिंग और क्लोरीन की मात्रा नहीं पाई गई है। पानी पूरी तरह से जहरीला पाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राकेश कुमार ने बताया
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कि ओपी टेस्ट निगेटिव आने के संबंध में नगर पालिका परिषद को पत्र भी लिखा गया है। सीएमओ ने कहा कि दूषित पेयजल आंत में जख्म करता है और जांच में टाइफाइड पाया जाता है। सीएमओ ने स्वीकार किया कि सैकड़ों की संख्या में प्रतिदिनि जिले भर में रोगी टाइफाइड के मिल रहे हैं, जिसकी खास वजह दूषित पानी की आपूर्ति करना पाया गया है।
फर्रुखाबाद। टाउनहाल स्थित नगर पालिका कार्यालय के पास बनीं दो पानी की टंकियों में से एक में न क्लोरीन पाई गई और न ब्लीचिंग पाउडर मिला पाया गया। एक टंकी में क्लोरीन की हल्की मात्रा पाई गई।
नगर पालिका परिषद मलेरिया फैलाने के लिए भी दोषी पाया गया। इन पानी की टंकियों से पाइप लाइन लीक होने से पानी में भारी मात्रा में लार्वा पाए गए, जिसके संबंध में टीम ने मुख्य चिकित्साधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। टीम के
प्रभारी डा. आरके सिंह और मलेरिया इंस्पेक्टर नवजीत कटियार और सेनेटरी इंस्पेक्टर दीपांशु यादव, सफ्दर हुसैन ने गुरुवार को नगर पालिका और सिविल अस्पताल लिंजीगंज की पानी की टंकियों में भरे पानी की जांच की। सिविल अस्पताल में बनी टंकी में न क्लोरीन पाया गया और न ही ब्लीचिंग पाउडर मिला पाया गया। इस अस्पताल के पास बनी टंकी से हो रही पाइप लाइन लीकेज से भरे पानी में भारी मात्रा में लार्वा पाया गया।
इसके साथ ही टाउनहाल की टंकियों के पास भी लार्वा भारी मात्रा में मिला। सीएमओ ने बताया कि इस भरे हुए पानी में कल एंटी लार्वा दवा डलवाकर इन्हें नष्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टंकियों के जलभराव से ही लार्वा पैदा हो रहे हैं और लोग मलेरिया से पीड़ित हो रहे हैं।