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ताल नगला में आग से चार घर की गृहस्थी राख
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Mon, 06 Feb 2017 10:50 PM IST
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गांव ताल नगला में घटना की जानकारी देता पीड़ित सियाराम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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थाना क्षेत्र के गांव ताल नगला में रविवार रात लगी आग से चार घर व गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने पानी डालकर आग बुझाई। आग से करीब डेढ़ लाख की क्षति का आंकलन किया गया है।
ताल नगला निवासी नरेश पुत्र रामचंद्र के यहां खाना बनाते समय रसोई गैस से झोपड़ी में आग लग गई। पांच हजार रुपये नगद, एक बोरा गेहूं और 10 बोरा धान व अन्य घरेलू सामान जलाकर राख करने के बाद आग ने पड़ोसी रामबख्श के मकान को चपेट में ले लिया।
उसका ठेला, घरेलू सामान और झोपड़ी जलकर राख हो गई। इसके अलावा नन्हे पुत्र सोहनलाल के घर में लगी आग से पांच हजार नकद, एक पायल और अन्य गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग ने सियाराम पुत्र जैलू सिंह के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के कई घंटे तक अथक प्रयास के बाद आग बुझ सकी।
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सियाराम ने बताया कि उसकी बिटिया की बारात 28 फरवरी को आने वाली थी। शादी के लिए 15 हजार नगद व अन्य सामान इकट्ठा कर रखा था, जो जलकर राख हो गया। सियाराम का कहना है कि अब वह किस तरह से अपनी बिटिया के हाथ पीले कर पाएगा। यह समस्या उसके सामने खड़ी हो गई है। लेखपाल कप्तान सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बताया कि करीबन डेढ़ लाख रुपये की क्षति हुई है। इसका ब्यौरा अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
आग से घर व गृहस्थी राख होने के बाद अग्निपीड़ित खुले आसमान के नीचे बैठे हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से इन्हें कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। समाजसेवी संगठन भी अभी तक पीड़ितों को राहत देने के लिए आगे नहीं आए हैं।
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ताल नगला निवासी नरेश पुत्र रामचंद्र के यहां खाना बनाते समय रसोई गैस से झोपड़ी में आग लग गई। पांच हजार रुपये नगद, एक बोरा गेहूं और 10 बोरा धान व अन्य घरेलू सामान जलाकर राख करने के बाद आग ने पड़ोसी रामबख्श के मकान को चपेट में ले लिया।
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उसका ठेला, घरेलू सामान और झोपड़ी जलकर राख हो गई। इसके अलावा नन्हे पुत्र सोहनलाल के घर में लगी आग से पांच हजार नकद, एक पायल और अन्य गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग ने सियाराम पुत्र जैलू सिंह के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों के कई घंटे तक अथक प्रयास के बाद आग बुझ सकी।
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सियाराम ने बताया कि उसकी बिटिया की बारात 28 फरवरी को आने वाली थी। शादी के लिए 15 हजार नगद व अन्य सामान इकट्ठा कर रखा था, जो जलकर राख हो गया। सियाराम का कहना है कि अब वह किस तरह से अपनी बिटिया के हाथ पीले कर पाएगा। यह समस्या उसके सामने खड़ी हो गई है। लेखपाल कप्तान सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बताया कि करीबन डेढ़ लाख रुपये की क्षति हुई है। इसका ब्यौरा अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
आग से घर व गृहस्थी राख होने के बाद अग्निपीड़ित खुले आसमान के नीचे बैठे हैं। अभी तक प्रशासन की ओर से इन्हें कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। समाजसेवी संगठन भी अभी तक पीड़ितों को राहत देने के लिए आगे नहीं आए हैं।