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Farrukhabad News: अनुपम दुबे के भाई जीतू की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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फर्रुखाबाद। अपहरण और फिरौती के मामले में वांछित माफिया अनुपम दुबे के भाई अभिषेक उर्फ जीतू दुबे की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने पुलिस को मामले की जांच 60 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव भाऊपुर निवासी बिल्डर अजय कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अनुपम दुबे के भाई जीतू दुबे के सहसापुर स्थित इंटर कॉलेज के निर्माण का ठेका लिया था। 12 लाख रुपये भुगतान के बाद शेष रकम मांगने पर 11 फरवरी 2020 को उसे बेवर रोड से अगवा कर सहसापुर ले जाया गया, जहां कई दिन तक उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया।
आरोप है कि अमित दुबे, विनोद दुबे, सुभाष मिश्रा उर्फ मामा और शिवम पंडित ने भी मिलकर धमकाया कि रुपये मांगे तो जान से मार देंगे। पुलिस ने जीतू पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
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जीतू ने एफआईआर रद्द कराने को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस अवनीश सक्सेना की डबल बेंच ने सुनवाई के बाद कहा कि जब तक विवेचना चल रही है और अदालत में विचाराधीन नहीं है, तब तक गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि, यदि आरोपी जांच में सहयोग नहीं करता तो पुलिस गिरफ्तारी के लिए अनुमति मांग सकती है।
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कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव भाऊपुर निवासी बिल्डर अजय कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अनुपम दुबे के भाई जीतू दुबे के सहसापुर स्थित इंटर कॉलेज के निर्माण का ठेका लिया था। 12 लाख रुपये भुगतान के बाद शेष रकम मांगने पर 11 फरवरी 2020 को उसे बेवर रोड से अगवा कर सहसापुर ले जाया गया, जहां कई दिन तक उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया।
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आरोप है कि अमित दुबे, विनोद दुबे, सुभाष मिश्रा उर्फ मामा और शिवम पंडित ने भी मिलकर धमकाया कि रुपये मांगे तो जान से मार देंगे। पुलिस ने जीतू पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
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जीतू ने एफआईआर रद्द कराने को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस अवनीश सक्सेना की डबल बेंच ने सुनवाई के बाद कहा कि जब तक विवेचना चल रही है और अदालत में विचाराधीन नहीं है, तब तक गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। हालांकि, यदि आरोपी जांच में सहयोग नहीं करता तो पुलिस गिरफ्तारी के लिए अनुमति मांग सकती है।