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Farrukhabad News: पांचाल घाट पुल से दिन में नहीं निकल सकेंगे भारी वाहन
Wed, 17 Sep 2025 12:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 17 Sep 2025 12:04 AM IST
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फोटो-26, पांचाल घाट चौराहा पर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पुल पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस दौरान भारी वाहनों को अब दिन के समय प्रतिबंधित किया गया है। वहीं, सोमवार को जाम में फंसी एबुलेंस के कारण महिला की मौत के बाद वाहनों को निकालने के लिए सख्ती बरती गई।
मंगलवार को पुल पर पूर्वी साइड के नौ ज्वाइंट खोल दिए गए। डिवाइडर लगाकर वाहनों को गुजरने का रास्ता दिया गया। हालांकि बार-बार जाम की स्थिति बनती रही।
सोमवार को सुबह से रात तक लगे भीषण जाम से सबक लेते हुए एनएचएआई के कर्मचारियों ने पुल पर डिवाइडर जिग-जैग तरीके से रख दिए। इससे वाहनों को गुजरने के लिए पुल पर ज्यादा स्थान मिला। वहीं, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की पहले निकलने की होड़ मंगलवार को भी जाम की वजह बनती रही।
पुल से पांचाल घाट चौराहे की ओर यातायात प्रभारी के निर्देश पर रस्सी लगाकर दोपहिया वाहनों को रोका गया। वहीं पुल के उत्तरी साइड पर भी डिवाइडर लगाकर वाहनों को रोका गया।
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सबसे ज्यादा दिक्कत पांचाल घाट चौराहा पर रही। चौराहे से कादरीगेट की ओर जाने वाले मार्ग पर रोडवेज बसों के खड़े होने और ई- रिक्शा के जमावड़े से लोग जाम में फंसे रहे। गर्मी के चलते पसीने से तर-बतर लोग यातायात के कुप्रबंध को कोसते रहे।
जाम में फंसे गंगानगर निवासी सुमित, प्रदीप ने बताया कि अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद पुल पर वाहनों के एकत्र होने पर तो रोक लगी, लेकिन चौराहे का हाल और खराब हो गया। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
रोके गए बड़े वाहनों को दी चेतावनी
यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि बड़े वाहनों के दिन में आने के कारण जाम लग रहा था। इन वाहनों को सेंट्रल जेल चौकी, चाचूपुर और बघार नाले पर रोका गया है। बीच में जो भी वाहन नियम तोड़ते दिखे उनका चालान कर दोबारा गलती होने पर वाहन सीज करने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि वह पूरा जाम न लगने देने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं।
छह घंटे की नौकरी, छह घंटे का जाम
राजेपुर विकास खंड क्षेत्र में टेंपो से स्कूल जा रहीं शिक्षिकाओं ने बताया कि सोमवार को स्कूल जाते समय 2.30 घंटे जाम में फंसे रहे। वहीं लौटते समय दोपहर को 3.30 से चार घंटे तक जाम में फंसना पड़ा। छह घंटे की स्कूल में नौकरी करने के लिए छह घंटे ही जाम से जूझकर आना-जाना पड़ा।
सड़क पर वाहन, पटरी पर स्कूली बच्चे
पांचाल घाट पर वाहन निकलने के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे वाहन चालकों को हुई। स्कूली बच्चे तो पुल के किनारे बने फुटपाथ पर साइकिल लेकर निकलते रहे। बच्चों ने बताया कि सोमवार को वह टेंपो से स्कूल गए थे। करीब तीन घंटे जाम में फंसे रहने के बाद उन्हें पुल पैदल ही पार करना पड़ा था। इसके चलते वह साइकिल लेकर आए। जाम के कारण उन्हें साइकिल फुटपाथ पर चलानी पड़ी।
एंबुलेंस में महिला की मौत का जिम्मेदार कौन, डीएम ने बनाई जांच समिति
फर्रुखाबाद। जाम में दो घंटे फंसी एंबुलेंस, दर्द से तड़पकर घायल महिला ने तोड़ा दम, शीर्षक से मंगलवार 16 सितंबर को अमर उजाला ने प्रथम पृष्ठ पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। इस खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन करने के आदेश दिए।
समिति में सीएमओ, लोहिया अस्पताल के सीएमएस, एसडीएम सदर और सीओ सिटी को शामिल किया गया है। डीएम ने समिति से एक दिन के अंदर जांच आख्या देने के आदेश दिए। बताते चलें कि इटावा-बरेली हाईवे पर जाम के दौरान सोमवार को एंबुलेंस फंसी रही थी। एंबुलेंस से उपचार के लिए लाई जा रहीं दुर्घटना में घायल चंद्रवती (45) की लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी।
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मंगलवार को पुल पर पूर्वी साइड के नौ ज्वाइंट खोल दिए गए। डिवाइडर लगाकर वाहनों को गुजरने का रास्ता दिया गया। हालांकि बार-बार जाम की स्थिति बनती रही।
सोमवार को सुबह से रात तक लगे भीषण जाम से सबक लेते हुए एनएचएआई के कर्मचारियों ने पुल पर डिवाइडर जिग-जैग तरीके से रख दिए। इससे वाहनों को गुजरने के लिए पुल पर ज्यादा स्थान मिला। वहीं, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों की पहले निकलने की होड़ मंगलवार को भी जाम की वजह बनती रही।
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पुल से पांचाल घाट चौराहे की ओर यातायात प्रभारी के निर्देश पर रस्सी लगाकर दोपहिया वाहनों को रोका गया। वहीं पुल के उत्तरी साइड पर भी डिवाइडर लगाकर वाहनों को रोका गया।
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सबसे ज्यादा दिक्कत पांचाल घाट चौराहा पर रही। चौराहे से कादरीगेट की ओर जाने वाले मार्ग पर रोडवेज बसों के खड़े होने और ई- रिक्शा के जमावड़े से लोग जाम में फंसे रहे। गर्मी के चलते पसीने से तर-बतर लोग यातायात के कुप्रबंध को कोसते रहे।
जाम में फंसे गंगानगर निवासी सुमित, प्रदीप ने बताया कि अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद पुल पर वाहनों के एकत्र होने पर तो रोक लगी, लेकिन चौराहे का हाल और खराब हो गया। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
रोके गए बड़े वाहनों को दी चेतावनी
यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि बड़े वाहनों के दिन में आने के कारण जाम लग रहा था। इन वाहनों को सेंट्रल जेल चौकी, चाचूपुर और बघार नाले पर रोका गया है। बीच में जो भी वाहन नियम तोड़ते दिखे उनका चालान कर दोबारा गलती होने पर वाहन सीज करने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि वह पूरा जाम न लगने देने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं।
छह घंटे की नौकरी, छह घंटे का जाम
राजेपुर विकास खंड क्षेत्र में टेंपो से स्कूल जा रहीं शिक्षिकाओं ने बताया कि सोमवार को स्कूल जाते समय 2.30 घंटे जाम में फंसे रहे। वहीं लौटते समय दोपहर को 3.30 से चार घंटे तक जाम में फंसना पड़ा। छह घंटे की स्कूल में नौकरी करने के लिए छह घंटे ही जाम से जूझकर आना-जाना पड़ा।
सड़क पर वाहन, पटरी पर स्कूली बच्चे
पांचाल घाट पर वाहन निकलने के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे वाहन चालकों को हुई। स्कूली बच्चे तो पुल के किनारे बने फुटपाथ पर साइकिल लेकर निकलते रहे। बच्चों ने बताया कि सोमवार को वह टेंपो से स्कूल गए थे। करीब तीन घंटे जाम में फंसे रहने के बाद उन्हें पुल पैदल ही पार करना पड़ा था। इसके चलते वह साइकिल लेकर आए। जाम के कारण उन्हें साइकिल फुटपाथ पर चलानी पड़ी।
एंबुलेंस में महिला की मौत का जिम्मेदार कौन, डीएम ने बनाई जांच समिति
फर्रुखाबाद। जाम में दो घंटे फंसी एंबुलेंस, दर्द से तड़पकर घायल महिला ने तोड़ा दम, शीर्षक से मंगलवार 16 सितंबर को अमर उजाला ने प्रथम पृष्ठ पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई। इस खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन करने के आदेश दिए।
समिति में सीएमओ, लोहिया अस्पताल के सीएमएस, एसडीएम सदर और सीओ सिटी को शामिल किया गया है। डीएम ने समिति से एक दिन के अंदर जांच आख्या देने के आदेश दिए। बताते चलें कि इटावा-बरेली हाईवे पर जाम के दौरान सोमवार को एंबुलेंस फंसी रही थी। एंबुलेंस से उपचार के लिए लाई जा रहीं दुर्घटना में घायल चंद्रवती (45) की लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी।